पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर राज्य में ‘हिंसा की राजनीति’ का सहारा लेने और विपक्षी पार्टियों के खिलाफ केन्द्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का मंगलवार को आरोप लगाया। राज्य में हाल ही में हुए पंचायत चुनाव का हवाला देते हुये मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सदस्य उन गुंडों के साथ मिल कर काम कर रहे हैं, जो पहले माकपा के लिए काम करते थे।
तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर एक रैली को संबोधित करते हुये ममता ने कहा, “हत्या की राजनीति का सहारा लेने के बावजूद पूर्व में माओवादियों के गढ़ रहे जंगलमहल में भाजपा केवल कुछ सीटें ही जीत पायी।” राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के बारे में ममता ने कहा उनकी सरकार किसी भी परिस्थिति में इसकी अनुमति नहीं देगी।
जिनके नाम एनआरसी में नहीं, उन्हें हिरासत शिविरों भेजा जा रहा है : ममता
उन्होंने कहा, “हम बंगाल में एनआरसी की अनुमति नहीं देंगे। वे (भाजपा नेता) हमें चुनौती दे रहे हैं। अगर हमें चुनौती दिया जाएगा, तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” मुख्यमंत्री ममता ने यह भी कहा कि अगर एक नागरिक को यहां गलत तरीके से विदेशी बताया जाता है तो वह उसे ‘बर्दाश्त’ नहीं करेंगी।
उन्होंने कहा, “हम बंगाल टाइगर्स हैं। अगर एक भारतीय नागरिक को विदेशी बताया जाता है, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” ममता ने कहा, “धन और बाहुबल के अलावा भाजपा विपक्षी नेताओं के खिलाफ केन्द्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। हमारा उद्देश्य 2019 के लोकसभा चुनाव में उसे (भाजपा को) सत्ता से बाहर करना है।”
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