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Wednesday, May 22, 2019

नये सांसदों को आते ही मिलेगा स्थायी पहचान पत्र

सत्रहवीं लोकसभा में चुनकर आने वाले नये सांसदों के लिए इस बार ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गयी है और उन्हें आते ही स्थायी पहचान पत्र दिया जायेगा। 67 साल के संसदीय इतिहास में यह पहला मौका है जब सांसदों को अस्थायी पहचान पत्र के बजाय सीधे ही स्थायी पहचान पत्र दिये जायेंगे।

लोकसभा महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव ने 17 वीं लोकसभा की तैयारियों के बारे में संवाददाताओं को बताते हुये बुधवार को कहा कि इस बार 56 नोडल अधिकारी बनाये गये हैं जो चुनाव परिणाम आते ही चुने गये सांसदों से संपर्क स्थापित करेंगे। नये सांसदों के दिल्ली आने से पहले ही उनसे ऑनलाइन ऐसे फॉर्म भरवा लिये जायेंगे जिनकी तुरंत जरूरत होती है। इनमें शपथ ग्रहण की भाषा, उनका पता, हस्ताक्षर का नमूना आदि शामिल हैं। अन्य फॉर्म जो बाद में भी भरे जा सकते हैं उनके लिए अभी ऑनलाइन सुविधा नहीं दी गयी है।

जब सांसद दिल्ली आयेंगे तो संसद भवन के कमरा नंबर 62 में बने पंजीकरण डेस्क पर दो-तीन मिनट में शेष औपचारिकताएँ पूरी कर 10 मिनट के अंदर उन्हें स्थायी पहचान पत्र जारी कर दिये जायेंगे। अब तक नये सांसदों को पंजीकरण के बाद पहले अस्थायी पहचान पत्र जारी किये जाते थे और सिक्युरिटी फीचर वाले स्थायी पहचान पत्र मिलने में 15 से 20 दिन का समय लगता था।

लोकसभा महासचिव ने बताया कि दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीनों टर्मिनलों पर, नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर तथा पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर एक-एक गाइड पोस्ट बनाये गये हैं जो मतगणना के दिन 23 मई की शाम छह बजे से ही काम करना शुरू कर देंगे।

ये पोस्ट 24 मई से रोजाना सुबह पाँच बजे से रात के 11 बजे तक खुले रहेंगे। फिलहाल 28 मई तक के लिए यह व्यवस्था की गयी है, जिसे जरूरत पड़ने पर आगे भी जारी रखा जा सकता है। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों से सांसदों को सीधे संसद भवन के कमरा नंबर 62 में लाया जायेगा जहाँ एक ही डेस्क पर पंजीकरण, वेतन एवं भत्तों, नामांकन, दिल्ली में अस्थायी आवास आदि से जुड़ दस्तावेजी जरूरतें पूरी कर ली जायेंगी।

श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार सांसदों को होटलों में ठहराने की जरूरत नहीं होगी। नये सांसदों के लिए वेस्टर्न कोर्ट में 100 कमरे तैयार रखे गये हैं। इसके अलावा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और राज्यों के दिल्ली स्थित भवनों से कुल मिलाकर तकरीबन 200 कमरे तैयार रखने के लिए कहा गया है। संसद भवन में पंजीकरण के बाद उन्हें परिवार सहित अस्थायी निवास में पहुँचाने तथा अन्य जगहों पर उनके आने-जाने के लिए टैक्सियों की विशेष व्यवस्था की गयी है।

 श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि 150 से ज्यादा कर्मचारी तथा अधिकारी दो महीने से नयी लोकसभा की तैयारी कर रहे थे। इस बार कोशिश की गयी है कि नये सांसदों के लिए प्रक्रियाएँ आसान और त्वरित हों। नये सदस्यों के साथ ही पुराने सदस्यों को दिये जाने वाले बैग में नियमावली, अध्यक्ष के निर्देशों और संविधान की प्रतियाँ होंगी।

इस बार बैग में एक पेनड्राइव भी होगा जिसमें उनकी जरूरत के हर प्रकार के फॉर्म तथा नियमावली आदि की सॉफ्ट प्रति होगी। संसद के केंद्रीय कक्ष को भी विशेष रूप से तैयार किया गया है। उसकी डिजाइनिंग और मुख्य रंगों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी है, लेकिन मेजों को नये पैटर्न में पॉलिस किया गया है। सीटों के गद्दों को निकालकर पूरी तरह से मरम्मत की जा रही है। पिछले कई वर्षों से केंद्रीय कक्ष में इस पैमाने पर मरम्मत का काम नहीं हुआ है।



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अजित डोभाल बोले- गंभीर हो सकती हैं भविष्य की सुरक्षा चुनौतियां

नई दिल्ली : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सुरक्षा बलों की क्षमताओं और दक्षता को बढ़ाने की जरुरत पर बल देते हुए बुधवार को कहा कि ये कदम आवश्यक हैं क्योंकि सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियां ‘‘गंभीर’’ हो सकती हैं। गुप्तचर ब्यूरो के पूर्व प्रमुख डोभाल ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के वार्षिक स्थापना दिवस समारोह में कहा कि देश की सुरक्षा के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों को अपने प्रौद्योगिकी कौशल को ‘‘सुदृढ़ करने के साथ ही उसका उन्नयन’’ करना चाहिए। डोभाल ने कहा, ‘‘आपको अपनी दक्षता, क्षमता और ताकत बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए क्योंकि आने वाले दिनों में सुरक्षा चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं।’’

उन्होंने इस पर संतोष जताया कि बीएसएफ जैसी एजेंसियां और देश के गुप्तचर ढांचे में कार्यरत एजेंसियां बेहतर प्रौद्योगिकी के साथ कार्य कर रही हैं और इस क्षेत्र में अपने उपकरणों को आधुनिक बनाने का प्रयास कर रही हैं। भारत..तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) दो अन्य सीमा रक्षा बल हैं। बीएसएफ में करीब ढाई लाख कर्मी हैं और ये पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती देश की संवेदनशील सीमाओं की रक्षा करती है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा, ‘‘आपकी पेशेवर दक्षता शीर्ष स्तर की है।’’ इससे पहले कार्यक्रम में डोभाल ने बल के अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान असाधारण सेवा के लिए शौर्य एवं सेवा पदक प्रदान किये।

शौर्य पदक से सम्मानित किये गए अधिकारियों में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) बलजीत सिंह कसाना, उप कमांडेंट युद्धवीर यादव, सहायक उप निरीक्षकों सुरजीत सिंह बिश्नोई और ओम प्रकाश, कान्स्टेबल पारसराम, विभास बटबायल और एम के चौधरी शामिल हैं। उनके प्रशस्तिपत्र में कहा गया है कि टीम ने जम्मू में भारत..पाकिस्तान सीमा से पाकिस्तान की ओर से नवम्बर 2016 में बिना उकसावे की गोलीबारी के बीच एक सशस्त्र घुसपैठ प्रयास को ‘आपरेशन चमलियाल’ के तहत वीरता से विफल कर दिया।

VVPAT मिलान की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा : चुनाव आयोग

निरीक्षक भूपिंदर सिंह को जम्मू के सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अक्तूबर 2016 में पाकिस्तानी गोलीबारी का प्रभावी तरीके से जवाब देते हुए एक आतंकवादी को मार गिराने को लेकर शौर्य के लिए पुलिस पदक प्रदान किया गया। डीआईजी आजाद सिंह मलिक को 12 वर्षीय एक लड़की को बचाने के लिए ‘‘उत्तम जीवन रक्षा पदक’’ दिया गया जिसे राष्ट्रीय राजधानी में 14 नवम्बर 2018 को राष्ट्रमंडल खेल गांव के पास बिजली के एक खंबे से बिजली का करंट लग गया था। अधिकारी के प्रशस्तिपत्र में लिखा है कि वे कार्य के बाद घर लौट रहे थे और वे लड़की के पास पहुंचे और उसे पास के अस्पताल पहुंचाया और उसका इलाज सुनिश्चित किया जिससे उसकी जान बच गई।



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गोवा में देर रात तक अंतिम परिणाम आने की उम्मीद

वीवीपैट पर्चियों से ईवीएम के मतों का मिलान कराने की वजह से गोवा की दो लोकसभा सीटों का अंतिम परिणाम देर रात तक आने के आसार हैं। कर्मी हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट मशीनों की पर्चियों से ईवीएम का मिलान करेंगे जिसमें वक्त लगेगा। तटीय प्रदेश की दो लोकसभा और चार विधानसभा सीटों की मतगणना पणजी और मडगाव में स्थित दो केंद्रों में होगी।

उत्तर गोवा जिले के वोट पणजी में गिने जाएंगे जबकि दक्षिण गोवा जिले के मतों की गणना मडगाव में होगी। पणजी, मंद्रेम और मापुसा विधानसभा क्षेत्र उत्तर गोवा जिले में आते हैं जबकि शिरोडा विधानसभा क्षेत्र दक्षिण गोवा जिले में आता है। जिला चुनाव अधिकारी आर मेनका ने बताया कि मत गणना की प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू हो जाएगी।

कर्मी हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट मशीनों की पर्चियों से आंकड़ों का मिलान करेंगे जिस वजह से वोटों की गिनती आधी रात तक चलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कुछ परिणाम दोपहर तक आना शुरू हो जाएंगे लेकिन विधानसभा उपचुनाव की गणना तेजी से पूरी होने की संभावना है।

गोवा की दो लोकसभा सीटों पर 23 अप्रैल को 72.04 प्रतिशत मतदान हुआ था। गोवा से केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी उम्मीदवार श्रीपद नाइक, पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस प्रत्याशी फ्रांसिस सर्दिन्हा और आम आदमी पार्टी के एल्विस गोम्स अहम चेहरे हैं। इसके अलावा मनोहर पर्रिकर के निधन से रिक्त हुई पणजी विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हुआ था।



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लोकसभा चुनाव 2019 : प्रज्ञा ठाकुर, आजम खान और मुनमुन सेन जैसे नेता अपने बयानों से सुर्खियों में छाये रहे

लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार के दौरान कुछ ऐसे उम्मीदवार भी सुर्खियों में बने रहे जिन्होंने चुनावी रैलियों में या सोशल मीडिया पोस्टों या मीडिया के सवालों के जवाब में विवादास्पद टिप्पणियां कीं। पूर्व से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक कई उम्मीदवार विभिन्न मुद्दों पर अपनी टिप्पणियों से विवादास्पद बने रहे।

समाजवादी पार्टी के आजम खान और भाजपा के गिरिराज सिंह जैसे राजनेता अपने बड़बोलेपन और भाजपा की प्रज्ञा सिंह ठाकुर और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कन्हैया कुमार जैसे अन्य नेता अपने आपत्तिजनक बयानों से लोगों का ध्यान आकर्षित करते रहे।

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वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी प्रज्ञा ठाकुर भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ीं और उन्होंने पिछले सप्ताह महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को एक ‘‘देशभक्त’’ बताकर सात चरण के लोकसभा चुनाव के अंतिम दौर में एक तीखी बहस छेड़ दी।

कांग्रेस ने इस पर आरोप लगाया था कि ‘‘शहीदों का अपमान करना भाजपा के डीएनए में है।’’ हालांकि बाद में ठाकुर ने अपने बयान को लेकर माफी मांगी थी। उन्होंने 26/11 हमले के शहीद आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे पर दिये बयान पर भी माफी मांगी थी। ठाकुर ने कहा था कि उन्हें प्रताड़ित करने और विस्फोट मामले में उन्हें फर्जी तरीके से फंसाने के लिए उन्होंने करकरे को शाप दिया था।

लोकसभा चुनाव 2019 : हिन्दी भाषी राज्यों की चाभी से खुलेगा केंद्र में आगामी सत्ता का द्वार !

उनके चुनावी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के दिग्विजय सिंह भी विवादों में बने रहने के लिए जाने जाते है। इस वर्ष मार्च में जब देश चुनाव की तैयारी कर रहा था, दिग्विजय ने कहा कि पुलवामा हमला एक ‘‘दुर्घटना’’ थी। उत्तर प्रदेश में सपा के नेता आजम खान ने रामपुर सीट पर अपनी प्रतिद्वंद्वी अभिनेत्री-राजनीतिज्ञ जयाप्रदा के खिलाफ अश्लील टिप्पणी कर व्यापक स्तर पर लोगों की नाराजगी का सामना किया था।

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आजम खान ने उनका नाम लिये बगैर अपनी चुनाव रैली में कहा था, ‘‘रामपुर वालों, उत्तर प्रदेश वालों, हिन्दुस्तान वालों, उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लग गये। मैं 17 दिनों में पहचान गया कि वह खाकी रंग का अंडरवियर पहनती है।’’ इस बयान के लिए खान के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।

बिहार में वैचारिक रूप से एक दूसरे के विरोधी माने जाने वाले दो उम्मीदवारों गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार के बीच बेगूसराय में तनातनी देखने को मिली। गिरिराज ने एक रैली में मुस्लिम समुदाय पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जो वंदेमातरम नहीं कह सकते या मातृभूमि का सम्मान नहीं कर सकते है उन्हें माफ नहीं किया जायेगा।”

उनके प्रतिद्वंद्वी और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार ने ट्विटर पर कहा, “भाजपा के लोगों के लिए गोडसे एक देशभक्त हैं। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे हमारे जैसे लोगों को देशद्रोही कहेंगे। भगवान का शुक्र है कि भाजपा हमें देशभक्त नहीं मानती है।” दक्षिण में, कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ से मौजूदा सांसद नलिन कुमार कतील भी गोडसे विवाद में कूदे थे।

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सटीक नहीं होता लोकसभा चुनाव का एग्जिट पोल, जानिए पिछले ट्रैक रिकॉर्ड !

उन्होंने कहा था, “गोडसे ने एक को मारा, मुम्बई हमले के दोषी अजमल कसाब ने 72 को, राजीव गांधी ने 17,000 लोगों को मारा। आप अंदाजा लगा सकते है कि इसमें कौन अधिक निर्दयी है।” हालांकि बाद में उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था। भाजपा के युवा नेता और कर्नाटक की बेंगलुरू दक्षिण सीट से चुनाव लड़े तेजस्वी सूर्या ने भी पिछले लगभग एक वर्ष में कई विवादित बयान दिये और इनमें से कुछ उन्होंने वापस लिये और कुछ को उन्होंने हटा दिया।

आसनसोल संसदीय सीट से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार मुनमुन सेन से मतदान दिवस पर संसदीय क्षेत्र में हिंसा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बड़े हल्के अंदाज में मीडिया से कहा, “उन्होंने मुझे बेड टी बहुत देर से दी, इसलिए मैं बहुत देर से उठी। मैं क्या कह सकती हूँ? मैं वास्तव में नहीं जानती।”

गुरदासपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार और बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने भी इसी तरह का जवाब दिया था जब उनसे बालाकोट स्ट्राइक के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा था कि वह ज्यादा कुछ नहीं जानते है और केवल लोगों की सेवा करना चाहते है।
लोकसभा चुनाव के लिए मतगणना 23 मई को होगी।



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अस्थाना मामला : जांच का समय बढ़ाने की याचिका पर आदेश सुरक्षित

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया जिसमें उसने रिश्वत मामले में अपने पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज मामले में जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा है। जांच एजेंसी ने अस्थाना, पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) देवेंद्र कुमार और दो अन्य लोगों पर दिसंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच मोइन कुरैशी मामले में कम से कम पांच बार रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज किया था।

अदालत ने इसी साल 11 जनवरी को अस्थाना, कुमार और कथित बिचौलिए मनोज प्रसाद के खिलाफ दर्ज मामले को खत्म करने से इनकार कर सीबीआई को 10 सप्ताह के अंदर जांच करने का आदेश दिया था। यह समय सीमा 24 मार्च को खत्म हो गई थी।

 अदालत ने कहा कि अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। सीबीआई के अनुसार, कुमार ने उद्योगपति मोइन कुरैशी मामले में गवाह सतीश साना बाबू के बयान को बदलकर यह दिखाया था कि यह बयान 26 सितंबर 2018 में दिल्ली में दर्ज हुआ था। एजेंसी के अनुसार, जांच में बाद में सामने आया कि बाबू उस दिन दिल्ली में नहीं हैदराबाद में था। वह जांच में एक अक्टूबर 2018 को शामिल हुआ।



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बिहार में कोचिंग से लौट रही छात्रा का अपहरण

बिहार के समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से बदमाशों ने हथियार के बल पर पिता के साथ कोचिंग से घर लौट रही एक 15 वर्षीया छात्रा का अपहरण कर लिया। आक्रोशित लोगों ने इस घटना के विरोध में समस्तीपुर मुख्यालय पर जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

 पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लागुनियां रघुकांठ मुहल्ले की एक 15 वर्षीय छात्रा मंगलवार शाम अपने पिता के साथ कोचिंग से वापस घर लौट रही थी, तभी घर के समीप से हथियार का भय दिखा कर अपहर्ताओं ने छात्रा को अगवा कर लिया। अपहर्ताओं की संख्या चार-पांच बताई जा रही है, जो एक कार पर सवार बताए जा रहे हैं।

कहा जा रहा है कि पिता के विरोध करने पर बदमाशों ने पिता की पिटाई भी की। मुफस्सिल थाने के प्रभारी विक्रमाचार्या ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है तथा उस वाहन का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे छात्रा का अपहरण किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना से आक्रोशित लोगों ने मंगलवार रात समस्तीपुर में सड़क जामकर छात्रा की जल्द बरामदगी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को समझाए जाने के बाद लोग सड़क से हटे।



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मुंबई उत्तर और बेंगलुरू उत्तर लोकसभा सीट पर सर्वाधिक ट्रांसजेंडर्स ने किया मतदान

चुनाव आयोग के वोटर टर्नआउट एप से मिले प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई उत्तर लोकसभा सीट पर सर्वाधिक 167 ट्रांसजेंडरों ने मतदान किया। यह संख्या देश की किसी भी लोकसभा सीट पर पड़े ट्रांसजेंडर वोट से अधिक है। अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में, ट्रांसजेंडर्स द्वारा किए गए मतदान की संख्या शून्य या 10 से नीचे थी। इनमें कई बड़े शहरों के नाम भी शामिल थे।

वोटर टर्नआउट एप के अनुसार, बेंगलुरू उत्तर सीट पर ‘अन्य’ श्रेणी में 105 वोट डाले गए, जो दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। लोकसभा चुनाव के छठे चरण तक इस एप के आंकड़ों के अनुसार, यह संख्या कल्याण में 72, पुडुचेरी में 71, तिरुचिरापल्ली में 64 और चेन्नई सेंट्रल में 55 रही। यदि सामान्य मतदान की बात करें तो मुंबई और बेंगलुरू निर्वाचन क्षेत्रों में कम मतदान हुआ। बेंगलुरू उत्तर में मतदान प्रतिशत मात्र 54.66 रहा।

 छोटे शहरों में जहां ट्रांसजेंडर दहाई अंक में थे, उनमें आंध्र प्रदेश का नंदयाल (71) और कडपा (68), मध्य प्रदेश का भोपाल (66), छत्तीसगढ़ का रायपुर (33), गुजरात का आनंद (30) और उत्तराखंड का हरिद्वार (22) शामिल हैं। ट्रांसजेंडर्स को ‘अन्य’ श्रेणी में रखना एक हालिया घटना है, लेकिन बहुत कम लोग पंजीकरण के लिए आगे आए।

 पूरे देश में ‘अन्य’ श्रेणी में केवल 38,325 मतदाता सूचीबद्ध हैं। अकेले कर्नाटक में 4,000 से ज्यादा ‘अन्य’ मतदाता हैं। जबकि महाराष्ट्र में यह संख्या 1,800 से अधिक है और दिल्ली में 660 है। 90 करोड़ सशक्त भारतीय मतदाताओं में ट्रांसजेंडरों की संख्या बहुत कम है। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में ट्रांसजेंडर्स की आबादी 4.9 लाख है। देश की राजधानी में, चांदनी चौक इलाके में ‘अन्य’ श्रेणी में सर्वाधिक 46 वोट पड़े।



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आईपीएस अधिकारी पर पत्नी को प्रताड़ित करने का आरोप

उत्तर प्रदेश में एक पुलिस अधिकारी द्वारा पत्नी की पिटाई के मामले की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि युवा आईपीएस अधिकारी अमित निगम ने अपनी पत्नी को बेरहमी से प्रताड़ित किया है। राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिकारी की पत्नी के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज किए गए हैं।

17 मई को नम्रता सिंह ने सूजी हुई आंखों और चेहरे के साथ पुलिस से संपर्क किया। नौचंदी पुलिस थाने में मेरठ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। 32 वर्षीय पीड़िता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में तैनात उनका पति पिछले कुछ सालों से नियमित रूप से उन्हें ‘जानवर की तरह पीट रहा है।’ उन्होंने पति पर दहेज मांगने का भी आरोप लगाया।

मेरठ जोन के एडीजी पुलिस प्रशांत कुमार ने आईएएनएस को बताया, ‘महिला को बेरहमी से पीटा गया था। हमने यहां एक स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज किया है और जांच चल रही है।’ जानकार सूत्रों ने बताया, ‘आरोपी नागालैंड कैडर के अमित निगम वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं और मेरठ के निवासी हैं। प्रथमदृष्टया यह वैवाहिक विवाद का मामला लग रहा है।’

निगम वर्तमान में छठी नागालैंड सशस्त्र पुलिस बटालियन (एनएपी) में सहायक कमांडेंट के रूप में तैनात हैं। सूत्रों ने बताया कि मामले के संबंध में एक रिपोर्ट नागालैंड सरकार को भेजी जाएगी। नम्रता सिंह ने पुलिस को बताया कि आखिरी बार गुरुग्राम स्थित घर पर उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें शारीरिक रूप से घंटों प्रताड़ित किया गया, जिसके बाद वह घर छोड़कर मेरठ में अपने माता-पिता के पास लौट गईं और मामला दर्ज कराने का फैसला किया।



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गुजरात में चेन झपटमारों को होगी 10 साल तक की कैद, नए कानून को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुजरात के एक नये कानून को मंजूरी दी है, जिसके तहत राज्य में चेन झपटमारों को 10 साल तक की कैद की सजा होगी। उल्लेखनीय है कि देश के अन्य राज्यों में इस अपराध के लिए तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है। यदि गुजरात में चेन के छीन झपट और इस प्रक्रिया में पीड़ित को चोट पहुंचाने के अपराध में किसी को दोषी ठहराया जाता है, तो आपराधिक कानून (गुजरात संशोधन) विधेयक – 2018 के तहत उसे अधिकतम 10 साल कैद और 25,000 रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ने हाल ही में इस विधेयक को अपनी मंजूरी दी है। गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा ने सितंबर 2018 में आईपीसी की धारा 379 में संशोधन कर दो उपबंध -आईपीसी 379 (ए) और 379 (बी) – जोड़े थे तथा इस तरह सख्त सजा का प्रावधान किया था।

गुजरात के नये कानून के मुताबिक चेन छीन झपट की कोशिश करने पर आरोपी को न्यूनतम पांच साल और अधिकतम सात साल की कैद होगी। लेकिन अपराधी अपराध को अंजाम देते वक्त यदि भागने की कोशिश के दौरान किसी को चोट पहुंचाता है तो उसे 10 साल तक की कैद की सजा होगी।



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उत्तर प्रदेश : व्यक्ति ने फांसी लगा कर आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले के मऊ थाना क्षेत्र के कटैया खादर गांव में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी बेटी ने अपनी सहेली के साथ 25 दिनों पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि व्यक्ति ने पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या की है। मऊ के पुलिस उपाधीक्षक इश्तियाक अहमद ने बुधवार को फोन पर बताया, ‘कटैया खादर गांव निवासी गिरधारी केवट (45) का शव हन्ना गांव में नया तालाब के भीटे पर लगे एक पेड़ से लटका हुआ मंगलवार को बरामद किया गया।

उसकी नाबालिग बेटी ने अपनी एक सहेली के साथ आम के बगीचे में 24 अप्रैल को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद गिरधारी का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।’ मृतक की पत्नी ननकी और भाई छोटेलाल ने पुलिस अधिकारियों से बुधवार को शिकायत की, जिसमें उन्होंने कहा, ‘बेटी के आत्महत्या मामले में गिरधारी ने पुलिस से गांव के एक युवक का नाम बताकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उसके बाद पुलिस उन्हें बार-बार थाने बुलाकर अपना बयान वापस लेने का दबाव बना रही थी।

एक दिन थाने में पुलिस ने उनके साथ कथित रूप से मारपीट भी की थी। वह सोमवार को थाने जाने को कहकर घर से निकले थे।’ इस मामले में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा, ‘बेटी और उसकी सहेली के आत्महत्या मामले में परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया था, लिहाजा जांच का क्रम भी आगे नहीं बढ़ा। गिरधारी को कभी थाने नहीं बुलाया गया। किसी निजी या पारिवारिक कारण से गिरधारी ने आत्महत्या की है। परिजन इसे छिपाने की गरज से झूठ बोल रहे हैं।’



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लोकसभा चुनाव में 724 महिला उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कल !

हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में 724 महिला उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला गुरूवार को मतगणना मे होगा। संसदीय चुनाव में कुल 7,928 उम्मीदवार मैदान में हैं। विपक्षी कांग्रेस ने अधिकतम 54 महिलाओं को जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 53 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

अन्य राष्ट्रीय पार्टियों में, बहुजन समाज पार्टी ने 24 महिला उम्मीदवारों को, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने 23, माकपा ने 10, भाकपा ने चार, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था। इस बार 222 महिलाओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। चार तृतीय लिंगी या ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ा। आम आदमी पार्टी एकमात्र पार्टी थी जिसने एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारा।

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एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच के विश्लेषण के अनुसार, 100 (15 फीसदी) महिलाओं ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की घोषणा की जबकि 78 (11 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले होने की घोषणा की। दो महिलाओं ने ऐसे आपराधिक मामलों की घोषणा की जिनमें वे दोषी ठहराई जा चुकी हैं। चार महिलाओं पर हत्या का मामला चल रहा है जबकि 16 महिलाओं के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है।

लोकसभा चुनाव 2019 : हिन्दी भाषी राज्यों की चाभी से खुलेगा केंद्र में आगामी सत्ता का द्वार !

कुल 14 महिलाओं पर ऐसे अपराध दर्ज हैं जिनमें महिला की अनुमति के बगैर गर्भपात कराने की बात की गई है। सात महिलाओं पर जातीय घृणा भरे भाषण देने का मामला चल रहा है। जिन 100 महिलाओं पर आपराधिक मामला दर्ज है, उनमें से 13 भाजपा की और दस कांग्रेस की हैं।

एडीआर की रिपोर्ट में 716 महिला उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया था। इनमें पाया गया कि 255 (36 प्रतिशत) महिलाएं करोड़पति हैं। 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान 665 महिला उम्मीदवारों में से 219 (33 प्रतिशत) करोड़पति थीं। कांग्रेस के महिला उम्मीदवारों के लिए प्रति उम्मीदवार संपत्ति का औसत 18.84 करोड़ रुपये है, जबकि भाजपा उम्मीदवारों के लिए यह 22.09 करोड़ रुपये है।

बसपा की महिला उम्मीदवारों का औसत 3.03 करोड़ रुपये है, जबकि तृणमूल उम्मीदवारों के लिए यह 2.67 करोड़ रुपये है। माकपा की महिला उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 1.33 करोड़ रुपये है, जबकि समाजवादी पार्टी के लिए यह आंकड़ा 39.85 करोड़ रुपये और आम आदमी पार्टी के लिए 2.92 करोड़ रुपये है।

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रिपोर्ट के अनुसार 222 निर्दलीय महिला उम्मीदवारों की संपत्ति का औसत मूल्य 1.63 करोड़ रुपये है। नामांकन के समय दाखिल शपथपत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश के मथुरा से भाजपा उम्मीदवार हेमा मालिनी 250 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ इस चुनाव में सबसे अमीर महिला उम्मीदवार हैं। उनके बाद तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) की डीए सत्य प्रभा (220 करोड़ रुपये) आंध्र प्रदेश के राजामपेट निर्वाचन क्षेत्र से हैं।

शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल (217 करोड़ रुपये) पंजाब की बठिंडा से उम्मीदवार हैं और तीसरे स्थान पर हैं। छह महिला उम्मीदवारों ने अपने स्वयं के हलफनामे में शून्य संपत्ति घोषित की है। सभी निर्दलीय उम्मीदवार हैं। एडीआर ने कहा कि 232 (32 प्रतिशत) महिला उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा 5 से कक्षा 12 के बीच घोषित की है, जबकि 396 (55 प्रतिशत) ने स्नातक और उससे अधिक की शैक्षिक योग्यता होने की घोषणा की।

…तो कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए सहज स्थिति हो सकती है सीटों का शतक !

कुल 27 महिला उम्मीदवारों ने खुद को सिर्फ साक्षर घोषित किया है और 26 निरक्षर हैं। दो उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता का विवरण नहीं दिया। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 531 (74 प्रतिशत) महिला उम्मीदवारों ने अपनी उम्र 25 से 50 साल के बीच बताई , जबकि 180 (25 प्रतिशत) ने अपनी उम्र 51 से 80 साल के बीच बताई है। एक महिला उम्मीदवार ने घोषणा की कि उसकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है, तीन ने अपनी उम्र का खुलासा नहीं किया और एक ने कहा कि उसकी उम्र 25 वर्ष से कम है।



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धान की खेती छोड़नेे वाले किसानों के लिए सुविधाओं का पिटारा खोला

चंडीगढ़ : हरियाणा में लगातार गंभीर हो रहे जल संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने किसानों को धान की खेती से मोड़ने का फैसला किया है। जिसके तहत किसानों के लिए कई तरह की सुविधाओं का ऐलान किया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को चुनाव आयुक्त की मंजूरी के बाद पत्रकारों से बातचीत में किसानों को धान की खेती छोडऩे के संबंध में कई अहम ऐलान किए। आज यहां पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ने अब राज्य में मक्का व अरहर को धान का विकल्प बनाने का फैसला किया है।

मनोहर लाल ने बताया कि धान में पानी की खपत भी अधिक होती है और इससे भूमि की उपजाऊ क्षमता भी घट रही है। पराली के रूप में एक और संकट भी चुनौती बना हुआ है। पराली जलाने की वजह से प्रदूषित हो रहे वातावरण से आमजीवन पर भी खतरा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करनाल, कैथल, यमुनानगर, सोनीपत, जींद, कैथल व अंबाला जिला में भूमिगत जल की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। दक्षिण हरियाणा के कई जिले पहले से डार्क जोन में हैं। इन सातों जिलों के एक-एक ब्लाक यानी सात ब्लाक को पहले चरण में धानमुक्त करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है।

करनाल के नीलोखेड़ी, कैथल के पूंडरी, अंबाला के अंबाला-1, जींद के नरवाना, कुरुक्षेत्र के थानेसर-1 व यमुनानगर के रादौर और सोनीपत जिले के गन्नौर ब्लॉक में 50 हजार हैक्टेयर यानी करीब सवा एक लाख एकड़ भूमि पर मक्का और अरहर की पैदावार होगी। इस योजना पर काम तो पिछले डेढ़ माह से चल रहा था लेकिन आचार संहिता के चलते इसकी घोषणा नहीं हो सकी। अब भी सीएम ने चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद योजना को लांच किया है।

एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा यह सातों ब्लाक ऐसे हैं, जहां सामान्य धान की ही खेती होती है। एक किग्रा चावल उत्पादन पर करीब 3500 लीटर पानी इस्तेमाल होता है। मक्का उगाने से किसानों को जहां फसल से आमदनी होगी, वहीं इससे हरा व सूखा चारा भी उपलब्ध होगा। यह फसल 95 से 100 दिन की है। ऐसे में 10 अक्टूबर तक फसल कट जाएगी और किसान गेहूं की अगेती बिजाई कर 10 फीसदी तक अधिक उत्पादन ले सकेंगे।

(आहूजा, राजेश जैन)



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एग्जिट पोल शेयर बाजार में तेजी लाने और विपक्षी दलों की एकता तोड़ने के लिए : मोइली

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी सरकार की वापसी का पूर्वानुमान जताने वाले एग्जिट पोल का मकसद स्टॉक बाजार में निवेशकों की धारणा को बढ़ाने और विपक्षी दलों की एकता में ‘‘फूट’’ डालना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह शिद्दत से महसूस करते हैं कि एक्जिट पोल जमीनी हकीकत को बयां नहीं करते हैं।

मोइली ने दावा किया किएग्जिट पोल करने वाली कुछ एजेंसियां यह कह कर ‘‘जिम्मेदारी से भाग’’ रही हैं कि ‘‘इसमें पूरी तरह से गड़बड़ियां’’ हैं। उन्होंने कहा ‘‘इसे (मोदी सरकार की वापसी का दावा करने वाला एक्जिट पोल) निश्चित ही कुछ दूसरे मकसद से किया गया है। पहले स्थान पर स्टॉक मार्केट का प्रोजेक्ट है। लोगों को 4.5 लाख करोड़ से पांच लाख करोड़ रूपये तक का फायदा हुआ है।’’

ईवीएम को लेकर उदित राज का विवादास्पद बयान, बोले- क्या सुप्रीम कोर्ट भी धांधली में शामिल है

उनका इशारा सोमवार को बीएसई स्टॉक एक्सचेंज में आई 1422 अंकों की उछाल की ओर था जिससें निवेशकों का धन 5.33 लाख करोड़ रूपये बढ़ गया। ऐसी उछाल तब देखने को मिली जब एक्जिट पोलों में बीजेपी नीत राजग सरकार की वापसी का दावा किया गया। मोइली ने  कहा, ‘‘और दूसरा (एग्जिट पोलों का ऐेसा होना) यह है कि विपक्षी एकता को तोड़ा जाए। इसमें वे सफल नहीं होंगे।

कल (मतगणना के दिन) इस बात पर अचरज नहीं होना चाहिये अगर विपक्षी एकता बहुमत हासिल कर ले।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या ‘‘कई तरह के’’ गैर-बीजेपी, गैर-राजग दल की एकता का प्रयास कारगर होगा तो उन्होंने ने कहा, ‘‘कई बार यह इसलिए काम करता है क्योंकि साझा दुश्मन मोदी और बीजेपी है। चूंकि चुनाव के समय ये सभी दल बीजेपी की ज्यादती से परेशान हैं। इसलिए, मैं नहीं समझता कि वे बीजेपी के साथ जायेंगे।’’

सरकार बनने पर प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने के ‘विवादास्पद’ मुद्दे पर, उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि विपक्ष से प्रधानमंत्री चुनने में बहुत कठिनाई है।’ मोइली से जब पूछा गया था कि क्या कांग्रेस प्रधानमंत्री के पद पर जोर नहीं देगी तो उन्होंने कहा, ‘‘हम कल ही कोई प्रतिक्रिया देंगे’’।



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हरियाणा की सौ करोड़ की देनदार है दिल्ली सरकार

लोकसभा चुनाव खत्म होते ही पानी के मुद्दे पर हरियाणा ने फिर से दिल्ली सरकार को घेर लिया है। हरियाणा सरकार का दावा है कि दिल्ली सरकार हरियाणा की सौ करोड़ से अधिक की देनदार है। इसके बावजूद हरियाणा का दिल्ली को पेयजल आपूर्ति रोकने का कोई विचार नहीं है अलबत्ता दिल्ली को उनके हिस्से से अधिक पानी दिया जा रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को पानी के मुद्दे पर जब पत्रकारों से बातचीत की तो उन्होंने दिल्ली सरकार को भी घेर लिया।

सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा, पानी के पैसों की बातें पहले भी अलग-अलग मंचों पर उठती रही हैं। हमने कभी यह बात सार्वजनिक नहीं की। पहले हम मीडिया में चर्चा नहीं करते थे। अब तो मीडिया में भी आ गई है। देखो, शायद दिल्ली को शर्म आ जाए। सीएम ने दो-टूक कहा, दिल्ली के साथ हुए समझौते से अधिक पानी आज भी हम दिल्ली को दे रहे हैं। यह कहना कि हरियाणा से पूरा पानी नहीं मिलता, पूरी तरह से गलत है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा और दिल्ली के साथ हुए समझौते के तहत 719 क्यूसिक पानी का शेयर दिल्ली को मिला हुआ है। दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद हरियाणा द्वारा 1049 क्यूसिक पानी दिल्ली को सप्लाई किया जा रहा है। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली पानी तो अधिक ले रहा है, लेकिन इसके बदले पैसे नहीं दे रहा। 1995 से लेकर अब तक के मोटे हिसाब से दिल्ली की ओर 120 करोड़ रुपये बनते थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बताने के बाद सीएम ने कहा, हमारे पास केवल इसकी एवज में केवल 20 करोड़ रुपये आए हैं। आज भी दिल्ली की ओर 100 करोड़ रुपये का बकाया है।

सीएम ने बताया कि इस संदर्भ में दिल्ली सरकार के साथ कई बार पत्राचार भी हुआ है लेकिन आज तक पैसे नहीं आए हैं। बकाया राशि लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को उसके शेयर से अधिक पानी हम अब भी दे रहे हैं। दिल्ली देश की राजधानी है। ऐसे में दूसरे राज्यों को भी दिल्ली की जरूरत के हिसाब से पानी देने में सहयोग करना चाहिए।



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विस चुनाव फतह करने का संकल्प

चंडीगढ़ : हरियाणा के जाट लैंड रोहतक में संगठन के लोगों से फीडबैक हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को राजधानी चंडीगढ़ में सरकार के लोगों से लोकसभा चुनाव का फीडबैक लिया। अधिकतर मंत्रियों और विधायकों ने सीएम को कहा, बड़े मार्जन से भाजपा राज्य की सभी दस लोकसभा सीटें जीतने जा रही है। मंत्रियों-विधायकों के फीडबैक से उत्साहित मुख्यमंत्री मनोहर लाल और भाजपा के प्रांतीय प्रधान सुभाष बराला ने विधायकों को अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने के निर्देश दिए हैं।

सुभाष बराला ने मुख्यमंत्री निवास पर हुई भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद कहा कि २३ मई को भाजपा व सरकार दोनों जश्न मनाने के लिए तैयार हैं। इस दिन वोटों की गिनती के दौरान सभी मंत्री और विधायक अपने अपने हलकों में रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी हलकों में विधानसभा चुनाव लड़ने को तैयार है। राज्य में रूकी हुई परियोजनाओं के कामकाज में तेजी लाई जाएगी तथा विधायकों से पूछकर सारे विकास के काम होंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए संकल्प पत्र कमेटी बनाने का सुझाव दिया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस संकल्प पत्र के लिए सभी मंत्रियों और विधायकों को अपने अपने सुझाव देने के लिए कहा गया है। बैठक में आधा दर्जन मंत्री और विधायक नदारद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और उद्योग मंत्री विपुल गोयल की गैर मौजूदगी की बैठक में चर्चा रही, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री रामबिलास शर्मा ने राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर को शाबाशी दी। मनीष ने भाजपा को रोहतक में बढ़िया ढंग से चुनाव लड़वाया है। मुख्यमंत्री विधायकों के साथ प्रदेश में चलने वाले विकास कार्यों पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भविष्य में किए जाने वाले विकास कार्यों तथा जनहितैषी, जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विधायकों से सुझाव लिए जाएंगे। विधायकों से कहा गया कि वे चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद लंबित विकास कार्यों में तेजी लाएं।

(आहूजा, राजेश)



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सुषमा स्वराज ने संबंध मजबूत करने को लेकर किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ की बातचीत

बिश्केक : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोब से बुधवार को बातचीत की और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। स्वराज एससीओ के विदेश मंत्रियों की परिषद की दो दिवसीय बैठक में शामिल होने के लिए मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी पहुंचीं थीं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘‘मध्य एशिया में अहम साझीदार। सुषमा स्वराज ने बिश्केक में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले किर्गिस्तान के राष्ट्रपति जीनबेकोव से बात की। दोनों देशों ने अभी तक नई संभावनाओं को तलाश करने की प्रतिबद्धता जताई और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने को लेकर उत्साह दिखाया।’’ स्वराज ने मंगलवार को बिश्केक में किर्गिस्तान के अपने समकक्ष चिंगिज एदारबेकोव के साथ ‘‘उपयोगी चर्चा’’ की।

VVPAT मिलान की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा : चुनाव आयोग

भारत 2017 में चीन के प्रभुत्व वाले समूह का पूर्ण सदस्य बना था और भारत के इसमें शामिल होने से क्षेत्रीय भू-राजनीति में समूह का महत्व बढ़ गया है। भारत एससीओ और विशेषकर सुरक्षा संबंधी मामलों को देखने वाले क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी ढांचे (आरएटीएस) के साथ सुरक्षा संबंधी सहयोग गहरा करने का इच्छुक है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी बैठक में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में गत महीने शामिल हुई थीं। भारत के साथ ही पाकिस्तान को भ 2017 में एससीओ की सदस्यता मिली थी।



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PM मोदी पर राहुल ने की थी विवादित टिप्‍पणी, FIR दर्ज हो या नहीं, अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर की गई ‘‘खून की दलाली’’ वाली कथित टिप्पणी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग संबंधी शिकायत पर अपना फैसला बुधवार को सात जून के लिए सुरक्षित रख लिया।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने वकील जोगिंदर तुली की शिकायत पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। तुली ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी पर जवानों के खून के पीछे छुपने और उनके बलिदान को भुनाने का आरोप लगाने संबंधी, 2016 के कथित आपत्तिजनक बयान के कारण पुलिस को कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया जाए।

भाजपा उम्मीदवार की गिरफ्तारी से बचने संबंधी याचिका पर सुनवाई करने पर सहमत SC

दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई रिपोर्ट अदालत में 15 मई को दाखिल की थी जिसमें पुलिस ने कहा था कि गांधी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्प्णी कथित रूप से की है जिसके लिए मामला दर्ज किया जा सकता है।



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…तो कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए सहज स्थिति हो सकती है सीटों का शतक !

लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल में कांग्रेस को उसके उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिलने का अनुमान जताया गया है, हालांकि जानकारों का मानना है कि पार्टी अगर 100 का आंकड़ा पार करती है तो यह उसके और अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए थोड़ी सहज स्थिति हो सकती है।

वैसे, पिछले लोकसभा चुनाव में अर्श से फर्श पर पहुंचने के बाद इस बार सीटों का शतक लगाना कांग्रेस के लिए निश्चित तौर पर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। दूसरी तरफ डेढ़ साल पहले पार्टी की कमान संभालने वाले राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता की परीक्षा भी है। हालांकि पार्टी का मानना है कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी।

कांग्रेस 2014 के आम चुनाव में 44 सीटों पर सिमट गई थी। वह पार्टी का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन था। चुनाव पूर्व और चुनाव बाद के सर्वेक्षणों में कांग्रेस की सीटों में इजाफे़ की बात की जा रही है, हालांकि पार्टी के आसानी से सत्ता तक पहुंचने का कोई पूर्वानुमान नहीं है।

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एग्जिट पोल के संकेत : कांग्रेस के भ्रष्टाचार और लोक कल्याण जैसे मुद्दे नहीं चले !

जानकारों की मानें तो कांग्रेस के लिए सहज स्थिति यह होगी कि वह 100 के आंकड़े तक पहुंचे, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी कुछ हद तक सवाल खड़े होने लगेंगे। सीएसडीएस के निदेशक संजय कुमार कहते हैं, “यह चुनाव कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि अगर कांग्रेस 100 सीटों के करीब पहुंचती है तो उसके लिए संतोषजनक स्थिति होगी।”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य लिए भी यह चुनाव बहुत अहम है। उनके राजनीतिक भविष्य के मद्देनजर दो बातें जरूरी है कि वह अमेठी से खुद जीतें और कांग्रेस करीब 100 सीटें जीते।” पिछले पांच वर्षों के सफर में कांग्रेस ने कई पराजयों का सामना किया, लेकिन पिछले साल नवंबर-दिसंबर में तीन राज्यों-मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में उसकी जीत ने पार्टी की लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदों को ताकत देने का काम किया।

यह बात अलग है कि पार्टी हवा के उस रुख को बरकरार नहीं पाई और पुलवामा के बाद के राजनीतिक हालात ने उसके लिए मुश्किल चुनौतियां पैदा कर दीं। वैसे, पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी।

वर्षों तक कांग्रेस के कई उतार-चढ़ाव के गवाह रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश ने कहा, “हार-जीत से इतर कांग्रेस एक विचारधारा है जो इस देश में कभी खत्म नहीं हो सकती है। कांग्रेस आइडिया ऑफ इंडिया के लिए हमेशा लड़ी है और आगे भी लड़ती रहेगी।” उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के नेतृत्व में कई राज्यों में हमें जीत मिली और इस लोकसभा चुनाव में भी हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।” कांग्रेस नेता यह भी कहते हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में बहुत निखार आया है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “राहुल गांधी जी ने अपने नेतृत्व को जिस प्रकार से पिछले पांच वषों में निखारा है, जिस प्रकार से जनता की पीड़ा को उठाया है, जिस प्रकार से लोगों की आवाज बुलंद की है, वो अपने आप में एक अनूठी मेहनत, लगन और प्रयास का परिणाम है। आज उनके विरोधी भी मानते हैं कि उनके अंदर पूरी मेहनत और लगन से काम करने की क्षमता है।”



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बीसीसीआई चुनाव 22 अक्टूबर को

नई दिल्ली : प्रसाशकों की समिति (सीओए) ने मंगलवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के बहु प्रतीक्षित चुनाव 22 अक्टूबर को होंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने जनवरी 2017 में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए सीओए को नियुक्त किया था। सीओए ने न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमित्र पीएस नरसिम्हा से सलाह के बाद चुनाव की तिथियों की घोषणा की। सर्वोच्च न्यायालय ने नरसिम्हा को विभिन्न राज्य संघों के साथ मध्यस्थता करने के लिए मार्च में नियुक्त किया था।

इस बैठक में सीओए प्रमुख विनोद राय के साथ दो अन्य सीओए डायना एडुल्जी और रवि थोगड़े भी शामिल हुए । बैठक में राज्यों के चुनावों को 14 सितंबर तक कराने का फैसला किया गया। राय ने कहा कि 30 राज्य संघ लोढ़ा समिति के सुझावों का अनुपालन कर रहे हैं जबकि बाकी राज्य संघ उसके अनुसार अपने संविधान में बदलाव कर रहे हैं। राय ने कहा कि उन्हें चुनाव की तारीखों की घोषणा करने में खुशी हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘जब उच्चतम न्यायालय ने मुझे नियुक्त किया था तो मैंने कहा था कि मैं नाइटवाचमैन की भूमिका निभाउंगा और यह नाइटवाचमैन काफी लंबे समय तक बना रहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम (सीओए) खुश है क्योंकि हमारे काम का दायरा काफी सीमित था। यह उनके (राज्य संघों) संविधान (लोढ़ा सिफारिशों के अनुसार) को स्वीकार करने के लिए अनिवार्य किया गया था। उन्हें (संघों) इससे परेशानी थी लेकिन हमारे, न्यायमित्र और अदालत के बीच मध्यस्थता के बाद इसे सुलझा लिया गया।



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विश्व कप में बोलेगी कलाई के स्पिनरों की तूती

नई दिल्ली : विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले शीर्ष दस गेंदबाजों की सूची में कोई लेग स्पिनर शामिल नहीं हैं लेकिन 30 मई से शुरू होने वाला क्रिकेट महाकुंभ इस मामले में अपवाद हो सकता है क्योंकि इस बार कलाई के स्पिनर अपनी विशेष छाप छोड़ने के लिये तैयार हैं। विश्व कप में भाग ले रही दस टीमों में से केवल वेस्टइंडीज ही ऐसी टीम है जिसके पास कोई लेग स्पिनर नहीं है जबकि भारत जैसी कुछ ऐसी टीमें हैं जो कलाईयों के स्पिनरों पर अधिक निर्भर हैं।

इसका एक कारण यह भी है कि पिछले विश्व कप के बाद चार साल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिनरों की सूची में कलाई के स्पिनरों का दबदबा है। इन चार वर्षों में सर्वाधिक विकेट लेने वाले शीर्ष दस स्पिनरों में सात गेंदबाज कलाई के स्पिनर हैं। पिछले चार वर्षों में इंग्लैंड के लेग स्पिनर आदिल राशिद (83 मैचों में 127 विकेट) ने सर्वाधिक विकेट लिये हैं।

उनके बाद अफगानिस्तान के राशिद खान (58 मैचों में 123 विकेट), दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर (60 मैचों में 92 विकेट) और भारत के कुलदीप यादव (44 मैचों में 87 विकेट) का नंबर आता है। ये सभी कलाई के स्पिनर हैं। भारत ने तीन विशेषज्ञ स्पिनर अपनी टीम में चुने हैं जिनमें कुलदीप और युजवेंद्र चहल कलाई के स्पिनर हैं। कुलदीप चाइनामैन गेंदबाज हैं।

जडेजा और केदार पर भी रहेंगी निगाहें
रविंद्र जडेजा बायें हाथ के मंझे हुए स्पिनर हैं लेकिन ऑफ स्पिन विभाग में कप्तान विराट कोहली को कामचलाऊ गेंदबाज केदार जाधव पर निर्भर रहना होगा। मेजबान इंग्लैंड आदिल राशिद पर काफी निर्भर हैं। उसकी टीम में जो डेनली भी हैं जो लेग स्पिन कर लेते हैं। आफ स्पिनर मोईन अली इंग्लैंड की टीम में शामिल अन्य स्पिनर हैं। आस्ट्रेलिया के स्पिन विभाग का जिम्मा आफ स्पिनर नाथन लियोन और लेग स्पिनर एडम जंपा पर होगा।

ग्लेन मैक्सवेल भी अपनी कामचलाऊ ऑफ स्पिन से कुछ ओवर कर सकते हैं। विशेषज्ञों की राय में भारत, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में पहुंचने के प्रबल दावेदार हैं। उनकी निगाह में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान में से कोई चौथी टीम के रूप में अंतिम चार में पहुंच सकता है। न्यूजीलैंड के स्पिन विभाग में ईश सोढ़ी लेग स्पिनर हैं जबकि मिशेल सैंटनर बायें हाथ के अच्छे स्पिनर हैं। दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी स्पिन विभाग में इमरान ताहिर के इर्द गिर्द घूमेगी। तबरेज शम्सी भी चाइनामैन यानि बायें हाथ के कलाई के गेंदबाज हैं।

पाकिस्तान के पास शादाब खान के रूप में अच्छा लेग स्पिनर है। श्रीलंका के दो मुख्य स्पिनर जीवन मेंडिस और जैफ्री वंडारसे लेग स्पिनर हैं। अफगानिस्तान की गेंदबाजी का दारोमदार काफी हद तक लेग स्पिनर राशिद खान पर टिका रहेगा। उसकी टीम में रहमत शाह और शमीउल्लाह शिनवारी भी लेग स्पिन कर लेते हैं। बायें हाथ के स्पिनरों में जडेजा, सैंटनर, बांगलादेश के शाकिब उल हसन ही बड़े नाम हैं जबकि पाकिस्तान के इमाद वसीम, श्रीलंका के मिलिंदा श्रीवर्धने और वेस्टइंडीज के फैबियन एलन बायें हाथ के अन्य स्पिनर हैं जो विश्व कप में खेलते हुए दिखेंगे। बांग्लादेश के पास शब्बीर रहमान लेग स्पिनर हैं लेकिन वह कामचलाऊ गेंदबाज हैं।



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