यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के सिख समागम में कहा कि जम्मू-कश्मीर में जब तक हिंदू राजा थे, तब तक हिंदू व सिख सुरक्षित थे। सीएम योगी ने आगे बताया, “जब हिंदू राजा का पतन हुआ, हिंदुओं का भी पतन होना शुरू हो गया था। आज वहां की स्थिति क्या है? कोई खुद को सुरक्षित बोल सकता है? नहीं। हमें इतिहास से सीखना चाहिए।” सीएम योगी सोमवार दोपहर पीडब्ल्यूडी के विश्वेश्वरैया सभागार में बीजेपी की ओर से गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में सिख समागम को संबोधित कर रहे थे।
सीएम योगी ने कहा कि केसरिया सिख परंपरा का ध्वज है। इसे कोई कांग्रेसी, बसपाई और सपाई नहीं फहरा सकता है, इसे कोई भाजपाई या हम जैसा व्यक्ति ही लहरा सकता है। उन्होंने एलान किया कि प्रदेश में खुलने वाले आठ मेडिकल कॉलेजों में से एक गुरुनानक देव के नाम पर होगा, जबकि अन्य संस्थानों को गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह के नाम से जाना जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि 1984 दंगे के आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। इसकी रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार की सिफारिश के अनुसार पीड़ितों को उचित मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सिख समुदाय यूपी में पूरी तरह सुरक्षित है और खुले दिल से अपने हित की बात सरकार से कर सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि सिख समुदाय को सरकार से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं है। गुरुनानक देव से लेकर गुरु गोविंद सिंह तक सिख समुदाय ने देश व समाज की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया है, उसके बाद किसी भी सरकार का कर्तव्य है कि वह इस समुदाय को बिना मांगे उनका वास्तविक हक दे। सीएम योगी ने चुटकी लेते हुए कहा कि सिख समुदाय से उनका पुराना नाता है। वे गोरखपुर में हमेशा सिख समुदाय के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं और लंगर भी चखते हैं, लेकिन लखनऊ के सिख कंजूस हैं, बुलाते हैं लेकिन लंगर नहीं खिलाते।
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