Examining the 14th Amendment text

President Trump looks to end birthright citizenship. Legal expert Jonathan Turley says there are good faith arguments on both sides.
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रेडियो सिटी की StreeDum मुहिम “KarMumbaikar” मुहिम का ही हिस्सा है, जिसके अंतर्गत रेडियो की शक्ति का इस्तेमाल कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है।

नेहरू और उस वक्त के केंद्रीय गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेेल के बीच वैचारिक मतभेद गांधी के निधन के बाद उजागर हो गए थे।गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के अनावरण के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि बसपा सरकार के समय बने स्मारकों को ‘फिजूलखर्ची’ बताने के लिए भाजपा और आरएसएस को बहुजन समाज के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
मायावती ने भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए एक बयान में कहा, ”लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी पटेल की ‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ प्रतिमा का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात में अनावरण के बाद भाजपा और आरएसएस के उन सभी लोगों को बहुजन समाज के लोगों से माफी मांगनी चाहिये जो बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर सहित दलितों एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों के सम्मान में बसपा सरकार द्वारा लखनऊ और नोएडा में निर्मित भव्य स्थलों, स्मारको, पार्कों को फिजूलखर्ची बताकर इसकी जबर्दस्त आलोचना किया करते थे।”
मायावती ने कहा, ”वैसे तो पटेल अपनी बोल-चाल, रहन-सहन व खान-पान में पूर्ण रूप से भारतीयता व भारतीय संस्कृति की एक मिसाल थे। लेकिन उनकी भव्य प्रतिमा का नामकरण हिन्दी एवं भारतीय संस्कृति के नज़दीक होने के बजाय स्टेच्यू आफ यूनिटी जैसा अंग्रेजी नाम रखना कितनी राजनीति है, यह देश की जनता अच्छी तरह से समझ रही है ।”
उन्होंने कहा कि पटेल विशुद्ध रूप से भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता के पोषक थे लेकिन उनकी प्रतिमा पर विदेशी निर्माण की छाप उनके समर्थकों को हमेशा सताती रहेगी। बसपा प्रमुख ने कहा कि आम्बेडकर की तरह पटेल एक राष्ट्रीय व्यक्ति थे और उनका सम्मान भी था लेकिन भाजपा और उसकी केन्द्र सरकार ने उन्हें क्षेत्रवाद की संकीर्णता में बांध दिया है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता यह भी नहीं समझ पा रही है कि भाजपा को यदि वाकई पटेल के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनसे सही मायने में लगाव होता तो गुजरात में अपने लम्बे शासन के दौरान उनकी ऐसी भव्य प्रतिमा क्यों नहीं बनायी ।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि दिवाली या अन्य किसी भी त्योहार पर दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों के अलावा अन्य कोई पटाखे नहीं बेचे जाएंगे। न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि जिन पटाखों का निर्माण पहले से हो चुका है, उन्हें इस त्योहारी मौसम में सिर्फ देश के अन्य भागों में बेचा जा सकता है।
पीठ ने कहा कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों में त्योहार पर सुबह चार से पांच बजे के बीच और रात को नौ से दस बजे के बीच एक-एक घंटे के लिए पटाखे फोड़े जा सकेंगे। शीर्ष अदालत ने अपने निर्देश में कहा कि सामुदायिक रूप से पटाखे फोड़ने के संबंध में उसका निर्देश पूरे देश में दो घंटे के लिए लागू होगा। न्यायालय ने कहा कि ई-कॉमर्स वेबसाइटों (ऑनलाइन) के माध्यम से पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध पूरे देश में लागू है।
न्यायालय ने 23 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि दिवाली और अन्य त्योहारों में पटाखे सिर्फ शाम 8 बजे से रात 10 बजे तक दो घंटे के लिए जलाए जा सकेंगे। न्यायालय ने 23 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि यदि ई-कॉमर्स कंपनियां अदालत के निर्देश का पालन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाया जाएगा। यदि प्रतिबंधित पटाखे बिकते हैं तो उस थाना क्षेत्र के प्रभारी को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
शीर्ष अदालत ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से, देश में पटाखों के निर्माण और उनकी बिक्री पर प्रतिबंध के लिये दायर याचिका पर यह आदेश दिया। पीठ ने कहा कि यदि ये वेबसाइटें न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं करेंगी तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जायेगी।
साथ ही पीठ ने कहा, “निर्धारित सीमा के भीतर ही शोर करने वाले पटाखों की बाजार में बिक्री की अनुमति होगी।” न्यायालय ने केन्द्र से कहा था कि वह दीपावली और दूसरे त्यौहारों के अवसर पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सामुदायिक तरीके से पटाखे फोड़ने को प्रोत्साहन दे।
शीर्ष अदालत ने इससे पहले कहा था कि पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में इनके निर्माताओं की आजीविका के मौलिक अधिकारों और देश की सवा सौ करोड़ से अधिक आबादी के स्वास्थ्य के अधिकारों सहित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखना होगा। यह भी शीर्ष अदालत ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त जीने का अधिकार सभी पक्षों पर समान रूप से लागू होता है और पटाखों पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने के अनुरोध पर विचार करते समय इसमें संतुलन बनाने की आवश्यकता है।
शीर्ष अदालत ने पिछले साल नौ अक्टूबर को दीपावली से पहले पटाखों की बिक्री पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया था परंतु बाद में न्यायालय ने कारोबारियों की याचिका खारिज करते हुये 19 अक्टूबर, 2017 के अपने आदेश में किसी प्रकार की ढील देने से इंकार कर दिया था।
नई दिल्ली : आवास एवं शहरी विकास मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मेट्रो रेल के चौथे चरण के लिये दिल्ली सरकार से लंबित मंजूरी के मामले में केजरीवाल सरकार पर तंज कसते हुये कहा है कि ‘‘अब तो चौथे चरण को मंजूरी मिलने के बाद ही मिठाई का डिब्बा खोला जायेगा।’’ पुरी ने बुधवार को मेट्रो की पिंक लाइन (शिव विहार से त्रिलोकपुरी) का उद्घाटन करने के बाद दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा मंत्रिमंडल की अगली बैठक में चौथे चरण को मंजूरी देने के आश्वासन पर यह बता कही। उल्लेखनीय है कि मेट्रो का, 104 किमी की कुल दूरी वाले चौथे चरण का काम अपने लक्ष्य से दो साल पीछे चल रहा है। इसके पीछे चौथे चरण को दिल्ली सरकार की मंजूरी नहीं मिलने को केन्द्र सरकार मुख्य वजह बता रही है। पिछले कुछ महीनों में पुरी कई बार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से चौथे चरण को मंजूरी देने का अनुरोध कर चुके है।
उद्घाटन समारोह में गहलोत ने कहा कि केजरीवाल सरकार की मंत्रिमंडल की अगली बैठक में चौथे चरण को मंजूरी दे दी जायेगी। गहलोत ने कहा कि उन्होंने परिवहन सचिव से इस मामले को मंत्रिमंडल की अगली बैठक में पेश करने के लिये कहा है। समारोह के बाद पुरी ने संवाददाताओं से कहा ‘‘केजरीवाल ने एक साल पहले हमें चौथे चरण को मंजूरी देने का भरोसा दिलाया था। आज और इसके पहले एक अन्य समारोह में दिल्ली सरकार ने चौथे चरण को यथाशीघ्र मंजूरी देने का आश्वासन दिया था। अब हम मिठाई का डिब्बा तभी खालेंगे जब मंजूरी मिलने की दिल्ली सरकार द्वारा औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी।’’ उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार फरवरी 2016 में 53 हजार करोड़ रुपये की कुल लागत वाले चौथे चरण को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है, लेकिन इस पर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी भी अनिवार्य है। इसमें दिल्ली सरकार की हिस्सेदारी 14 हजार करोड़ रुपये है।
पुरी ने कहा कि अगर अब भी आप सरकार अपनी बात पर खरी नहीं उतरती है तो दिल्ली की जनता फिर इसका जवाब मांगेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अन्य परियोजनाओं में भी केन्द्र सरकार अपनी तरफ से वित्तीय मदद की पहल कर चुकी है जिससे दिल्ली वालों को जल्द मूलभूत शहरी सुविधाओं से लैस किया जा सके। इससे पहले गहलोत ने चौथे चरण को लेकर वित्त विभाग की आपत्तियों को मंजूरी की राह में बड़ी वजह बताते हुये कहा कि वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विभागीय आपत्तियों को खारिज कर दिया है। इस अवसर पर सिसोदिया भी मौजूद थे। पिंक लाइन पर त्रिलोकपुरी से शिव विहार के बीच मेट्रो रेल 17.8 किमी दूरी तय करेगी। इसके साथ ही दिल्ली में मेट्रो रेलमार्ग की कुल लंबाई 314 किमी हो गयी है। पूरी तरह से उपरिगामी रेलमार्ग वाले इस खंड पर 15 स्टेशन हैं। ये स्टेशन त्रिलोकपुरी, संजय लेक, ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज दो, मंडावली वेस्ट विनोद नगर, आई पी एक्सटेंशन, आनंद विहार आईएसबीटी, कड़कड़डूमा, कड़कड़डूमा कोर्ट, कृष्णा नगर, ईस्ट आजाद नगर, वेलकम, जाफराबाद, मौजपुर बाबरपुर, गोकुलपुरी, जोहरी एन्क्लेव और शिव विहार हैं।
बीते दिन छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों के ऊपर हुए नक्सली हमले का एक लाइव विडियो सामने आया है। ये विडियो हमले शहीद हुए डीडी न्यूज़ के कैमरामैन के असिस्टेंट मोर मुकुट शर्मा ने रिकॉर्ड किया जिसमे उन्होंने अपनी माँ के लिए भावुक सन्देश दिया।

इस विडियो में गोलियों के चलने की आवाज साफ़ सुनिए दे रही है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है की वो मंजर कितना खौफनाक रहा होगा जब ये वीडियो शूट किया जा रहा था। इस वीडियो को रिकॉर्ड करने वाले असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा भी ये कहते नजर आ रहे है की शायद उनकी जान नहीं बच जाएगी।
जब ये वीडियो शूट किया गया तब इस हमले में डीडी न्यूज़ के कैमरामैन अच्युतानंद साहू शहीद हो चुके थे और साथ ही एक सब इंस्पेक्टर और एक कॉन्स्टेबल भी शहीद हो चुके थे। इस वीडियो को शूट करने वाले मोर मुकुट शर्मा भी घायल थे और वो किसी तरह जमीन में घिसटते हुए झाड़ियों की आड़ में खुद को छिपाए हुए थे।
As the Police and Doordarshan team came under attack from Naxals, DD assistant cameraman recorded a message for his mother. pic.twitter.com/DwpjsT3klt
— Rahul Pandita (@rahulpandita) October 31, 2018
बताया जा रहा है की सुरक्षाकर्मी महज़ 6 -7 की संख्या में थे और हमला करने वाले नक्सलियों की संख्या करीब 200 थी । हमला इतना भीषण था की असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा को लग रहा था की किसी भी वक्त उनकी जान जा सकती है।
Doordarshan camera/lighting assistant Mormukut Sharma recorded this as Maoists attacked his group, killing colleague Achyutanand Sahu & 2 policemen. pic.twitter.com/ae7aXwHqxQ
— Shiv Aroor (@ShivAroor) October 31, 2018
बताया जा रहा है की खुंखार आतंकियों का जत्था आधुनिक हथियारों से लैस था और सुरक्षाबलों को मालूम नही था की उनपर इस भरी संख्या बल के साथ अटैक हो जायेगा।
Dramatic video by the Doordarshan Journalist Mormukut during the Maoist terror attack yesterday in Dantewada during which his colleague from national broadcaster along with 2 Chattisgarh Police Jawans were killed. Life of journalists working in conflict zones is very difficult. pic.twitter.com/JLdjDJUWOY
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) October 31, 2018
इस वीडियो में असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा ने अपनी माँ के लिए सन्देश रिकॉर्ड किया की वो अपनी मां से बहुत प्यार करते हैं और शायद वो इस हमले में अपनी जान ना बचा पाए।
I love u Mommy, heart wrenching video msg from DD camera person to his mom at the time of Naxals attack on Police n Doordarshan team.
Life of a Journalistpic.twitter.com/zNOSYh4o3F
— Nellutla Kavitha (@iamKavithaRao) October 31, 2018
आपको बता दें की इस हमले ने पूरे दंतेवाड़ा को हिलाकर रख दिया है और अब इस हमले में मारे गए लोगों की कुल संख्या चार हो गई है। सुरक्षाबलों की टीम ने इस हमले में अदम्य साहस का परिचय देते हुए नक्सलियों की इस भारी संख्या को दिया और 7 नक्सलियों को मार गिराया।
I love u Mommy, heart wrenching video msg from DD camera person to his mom at the time of Naxals attack on Police n Doordarshan team.
Life of a Journalistpic.twitter.com/zNOSYh4o3F
— Nellutla Kavitha (@iamKavithaRao) October 31, 2018
लोगों ने सुरक्षाबलों की टीम और असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया और शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।

नई दिल्ली : अयोध्या मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। यूपी के सीएम ने कहा कि न्याय में देरी से लोगों को निराशा होती है। परंतु हम सबको धैर्य रखना चाहिेए और ये मानना चाहिए कि इस समस्या का समाधान अवश्य होगा। दिवाली पर मैं खुशखबरी लेकर जा रहा हूं। जल्द ही कुछ अच्छा होने वाला है। बता दें कि पिछली बार योगी ने अयोध्या में दिवाली मनाई थी ऐसे में माना जा रहा है कि वह इस दिवाली में अयोध्या में ही कोई घोषणा करेंगे। सुनवाई टलने के बाद भाजपा सरकार से उम्मीद लगाए बैठे संतों का धैर्य जवाब दे रहा है। संत समाज लागातार इस मामले में अध्यादेश लाने की बात कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई टालने पर योगी ने कहा कि यह दुख की बात है, पर हम सुख और दुख में एकसमान रहने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही कुछ होगा। साधु संत तो हमेशा धैर्य रखने वाला होता है, सैकड़ों वर्षों से धैर्य रखा है थोड़ा और रखें, जल्द ही कुछ अच्छा होगा। दिवाली पर वो कई खुशखबरी लेकर जाने वाले हैं, लेकिन वह खुशखबरी क्या होगी इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया। उन्होंने यह जरूर कहा कि जनभावना का सम्मान होना चाहिए था। सुनवाई से पहले भी योगी ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट सबरीमाला मंदिर पर फैसला दे सकता है, तो उसे राम मंदिर पर भी फैसला देना चाहिए। राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का मामला है। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि समय पर मिला न्याय, उत्तम न्याय माना जाता है।
न्याय में देरी कभी-कभी अन्याय के समान हो जाती है। इंसाफ में देरी से लोगों को निराशा होती है। लेकिन कोई ना कोई रास्ता जरूर निकलेगा। कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया में योगी ने कहा, ‘देश की न्यायपालिका के प्रति सबका सम्मान है और हम भी उन संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हैं। स्वाभाविक रूप से अगर न्याय में देरी होती है तो लोगों को निराशा होती है। उन्होंने कहा, ‘अच्छा होता कि कोर्ट इस मामले की जल्दी सुनवाई करके देश में भाईचारे और शांति के लिए इस मामले में जल्दी फैसला कर देता लेकिन मुझे लगता है कि अभी फिलहाल इस तरह की संभावनाएं नहीं दिखती हैं। ‘ सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक पर सुनवाई जनवरी के पहले हफ्ते में होगी।
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान विकेटकीपर बल्लेबाज MS Dhoni भले ही बल्ले से कुछ धमाल न कर रहे हों लेकिन विकेट के पीछे आज भी धोनी जैसा कोई भी नहीं है।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच में वनडे सीरीज चल रही है जिसका चौथा वनडे मैच मुंबई में खेला गया। इस मैच में भारत ने वेस्टइंडीज की टीम को 224 रनों से हरा कर सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है।

सोमवार ब्रेबॉन क्रिकेट स्टेडियम में चौथा वनडे मैच खेला गया जिसमें भारत ने वेस्टइंडीज को 224 रनों से हरा दिया। इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज को 378 रनों का बड़ा लक्ष्य दिया था। वेस्टइंडिज की टीम इस विशाल लक्ष्य के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और 36.2 ओवरों में 153 रनों पर ही सिमट कर रह गई। यह भारत की वनडे में रनों के लिहाज से तीसरी सबसे बड़ी जीत है।

इस मैच में भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और अंबाती रायडू का बहुत बड़ा योगदान रहा है। रोहित शर्मा ने इस मैच में 137 गेंदों में 20 चौके और चार छक्कों की मदद से 162 रनों की पारी खेली। रोहित को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच भी चुना गया।

वहीं अंबाती रायडू ने 81 गेंदों में 8 चौके और 4 छक्के लगाते हुए 100 रन बनाए। रोहित शर्मा ने वनडे कैरियर में 21वां शतक लगाया जबकि रायडू ने तीसरा शतक जड़ा। भारत की तरफ से खलील अहमद और कुलदीप यादव ने तीन विकेट लिए तो वहीं भुवनेश्वर कुमार और रवींद्र जडेजा को एक सफलता मिली और दो खिलाड़ी रन आउट हुए।

MS Dhoni के होते हुए शायद ही ऐसा कोई मैच हो जहां पर धोनी का जादू न देखने को मिले। मैच के 27 ओवर के 4 गेंद पर वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कीमो पॉल ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की और धोनी ने उन्हें पलक झपकते ही स्टंप कर दिया।
Quickest stumping & That precious smile
…
If there is anything faster than the speed of light in this world, it should be DHONI's stumping
#Dhoni #INDvWI pic.twitter.com/D87rTTjcWu
— Prakash MSD'ian (@shadowOfMahi) October 29, 2018
That lightning fast stumping from @msdhoni
Was that out? Jadeja asked. The MS Dhoni smile said it all.
https://t.co/EEw6PxJIaK #INDvWI pic.twitter.com/4tR8NGZBub
— BCCI (@BCCI) October 29, 2018
— Nishchay Juneja (@nishchay_juneja) October 29, 2018
#unbelievable stumping for thala DHONI # pic.twitter.com/r5hn85kFml
— Dhonikarthi (@Dhonikarthi9) October 30, 2018
भारतीय महिलाओं का मेकअप का खर्च दुनिया के किसी भी अन्य देश की महिलाओं से काफी कम है।
हर कोई एक बार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने का मन बना रहा है। तो आज हम आपको बताते हैं कि कैसे इस खास और भव्य प्रतिमा को देखने के लिए बनाए घूमने का प्लान।

मेरठ के हाशिमपुरा नरसंहार का लिंक केंद्र में सत्तासीन तत्कालीन कांग्रेस सरकार से भी है, जिसने 1986 में बाबरी मस्जिद का ताला खोलने का आदेश दिया था।माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने सरकार का सामान्य कामकाज पूरी तरह से लड़खड़ा कर धराशायी होने का आरोप लगाते हुये कहा है कि केन्द्र सरकार अपने ही तैनात किये अधिकारियों को संभाल पाने में नाकाम साबित हुयी है।
येचुरी ने बुधवार को ट्वीट कर कहा “सरकार का सामान्य प्रशासनिक कामकाज भी लड़खड़़ा गया है और अर्थव्यवस्था मंदी की शिकार है। यह सरकार अपने ही नियुक्त किये अधिकारियों, संस्थाओं और महत्वपूर्ण मुद्दों को संभाल पाने में अक्षम साबित हो रही है।”
उन्होंने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम बताते हुये कहा “बीते चार साल हमारे इतिहास में सर्वाधिक अंधकारमय दौर के रूप में दर्ज किये जायेंगे। हर तरफ अफरा तफरी मची हुयी है और सरकार ने अपने प्रचार पर पांच हजार करोड़ रुपये खर्च कर डाले।”
संवैधानिक संस्थाओं के साथ सरकार के टकराव का मुद्दा उठाते हुये येचुरी ने एक अन्य ट्वीट में कहा “न्यायपालिका, संसद, सीबीआई और अब आरबीआई… । मोदी सरकार ने प्रत्येक संवैधानिक संस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस कोशिश की वजह संस्थाओं को गड़बडी के लिये जिम्मेदार ठहराया जाना है और इसके पीछे की मंशा अपने साढ़े चार साल की नाकामी का दोष संस्थाओं में व्याप्त गड़बड़ियों पर मढ़ना है।”
बैंकों के कर्ज में फर्जीवाड़े के मुद्दे पर येचुरी ने सरकार पर तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाते हुये कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय लंबे समय से सच पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बैंकिंग फर्जीवाड़े से जुड़े ‘हाई प्रोफाइल’ लोगों की सूची फरवरी 2015 में ही मोदी सरकार को सौंप दी थी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। येचुरी ने सरकार पर प्रधानमंत्री मोदी के चहेते लोगों के बैंक ऋण माफ करने और शेष बकायेदारों को देश छोड़ कर भागने की अनुमति दे दी।
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश एक सपना हुआ करता था, जो प्रदेश की भाजपा सरकार में हकीकत में बदला है। यह बातें मुख्यमंत्री ने इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में रेल पार्क इन्वेस्टर्स मीट के उद्घाटन के अवसर पर कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते महीनों इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उ़द्योगपतियों ने निवेश का जो प्रस्ताव दिया था, सरकार ने दिसम्बर माह में सभी प्रस्तावों का भूमि पूजन करवाने जा रही है। वहीं इस पार्क में निवेश करने वाली दर्जनों कंपनियों के निवेशक इस मीट में शिरकत की।
कार्यक्रम में कई कंपनियों के साथ औद्योगिक विकास विभाग एमओयू साइन भी किया गया इस पार्क के जरिए 2500 करोड़ का निवेश होगा और करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। फतेहपुर में बनने वाले इस पार्क में रेल कोच में उपयोग होने वाले कलपुर्जों व सहायक उपकरणों का निर्माण होगा। एक तरह से यह पार्क रायबेरली के लालगंज कोच फैक्ट्री के लिए सप्लाई चेन का काम करेगा। मार्डन कोच फैक्ट्री लालगंज की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए यह पार्क 254 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है। रेल पार्क के तहत 216 एकड़ में चार श्रेणी के 71 प्लाट एवं शेष 25 एकड़ भूमि में मूलभूत सुविधाएं विकसित होंगी।
मूलभूत सुविधाओं के तहत 24 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और चहारदिवारी सहित हेल्थ सेन्टर, कैन्टीन, जनरल स्टोर, पुलिस एवं फायर स्टेशन, कन्ट्रोल एवं गार्ड रूम, कम्युनिटी सेन्टर शामिल हैं। समारोह को औद्योगिक विकास सतीश महाना, राज्य मंत्री सुरेश राणा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में ईज आफ डूइंग बिजनेस पर फिल्म, निवेश मित्र प्रोजेक्ट व प्राइवेट इण्डस्ट्रियल पार्क पर प्रेजेन्टेशन, मार्डन कोच फैक्ट्री पर प्रेजेन्टेशन किया गया। पार्क को विकसित करने वाले एबीए इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक अली खान, प्रिन्सिपल चीफ मटीरियल्स मैनेजर, मार्डन कोच फैक्ट्री, लालगंज, रायबरेली और जनरल मैनेजर, मार्डन कोच फैक्ट्री, लालगंज रायबरेली भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
नई दिल्ली : अनुपम खेर ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है.ऐसा उन्होंने अपने इंटरनेशनल टीवी शो के लिए किया है। उन्होंने इस बात की जानकारी ट्विटर पर दी है। खेर ने मंगलवार (30 अक्टूबर) को सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर को त्यागपत्र भेजा था।
उन्होंने इसमें लिखा, “मैं पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री को भी बता चुका था कि मुझे टीवी शो के लिए छह महीने अमेरिका में रहना होगा, जबकि बाद में उसी को एक्सटेंशन (बढ़ाना) दे दिया गया। ऐसे में मुझे चार महीने और वहां रहना होगा।” आपको बता दें कि साल 2017 में गजेंद्र चौहान के बाद उन्होंने अक्टूबर माह में एफटीआईआई की कमान संभाली थी। हाल ही में ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ की शूटिंग पूरी हुई है, जिसमें खेर मुख्य भूमिका में हैं।
It has been an honour, a privilege & a great learning experience to be the Chairman of the prestigious @FTIIOfficial. But because of my international assignments I won’t have much time to devote at the institute. Hence decided to send my resignation. Thank you.
@Ra_THORe pic.twitter.com/lglcREeYM2
— Anupam Kher (@AnupamPKher) October 31, 2018
उन्होंने इस्तीफे के ऐलान के कुछ देर बाद ट्वीट कर कहा, “मेरी बेहतरीन फिल्मों में से एक ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ (टैग करते हुए) के अंत का समय आ चुकी है। शानदार वक्त और अनुभव के लिए कास्ट और क्रू का शुक्रिया। डॉ.मनमोहन सिंह जी को उनकी यात्रा के लिए धन्यवाद। यह बेहद सीखने वाला अनुभव था। एक चीज तो तय है कि इतिहास आपको गलत नहीं मापेगा।”
अम्बाला : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की जनता भाजपा की वर्तमान सरकार द्वारा चार वर्ष में किए गए कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट है और उनका समर्थन सरकार के साथ है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनैतिक दल समाज के विभिन्न वर्गों के आंदोलन की आड़ में राजनैतिक दबाव बनाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आज अम्बाला छावनी में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निमंत्रण पर भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता संजीव वालिया के आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा कर रहे थे। यहां पंहुचने पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल व संजीव वालिया तथा उनके परिजनों के साथ-साथ सिख समाज की ओर से बी.एस. बिन्द्रा व सिख समाज के अन्य प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को कृपाण व सिरोपा भेंट किया। भाजपा के मंडल अध्यक्ष जसबीर जस्सी ने भी मुख्यमंत्री को अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र की ओर से सिरोपा भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के चार वर्ष पूरे हुए हैं और इस अवधि में सरकार ने समाज के सभी वर्गों की अपेक्षाओं पर पूरा उतरने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ सामाजिक बुराईयां को मिटाने, व्यवस्था को ठीक करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने इत्यादि के क्षेत्रों में भी सरकार ने निरंतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या की समस्या से निपटने में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, प्रशासन व आम लोगों के समर्थन के साथ इस बुराई को रोकने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने जब सत्ता संभाली थी, तब हरियाणा में 1000 लडक़ों के पीछे बेटियों की संख्या मात्र 837 थी जो अब बढकऱ 930 से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में भी हरियाणा में अभूतपूर्व कार्य हुआ है और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए सम्मानित भी किया है। उन्होंने कहा कि आज तक के हरियाणा के इतिहास में किसी भी सरकार ने चार वर्ष के कार्यकाल में इतना कार्य नही किया, जितना वर्तमान भाजपा सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए सरकार ने इस अवधि में 31 नए कानून बनाए हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली कुछ योजनाओं को समाप्त भी किया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कम बजट में बेहतर व अधिक कार्य करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी तंत्र के कार्य करने के तरीके को भी बदला है और पूर्व सरकारों में कभी भी इस तरह के साहसिक फैसले नही लिए गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि वे चुनाव के इस वर्ष में राजनैतिक विरोधियों की गतिविधियों से घबराने की बजाए पूरी मेहनत और लग्न से कार्य करें। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में अगली सरकार भी भाजपा की बनेगी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर बताया कि संजीव वालिया व उनके पिता विश्व प्रकाश वालिया ने आरम्भ से ही उनका राजनैतिक सहयोग किया है।
भिवानी : प्रदेश कांग्रेस विधायक की नेता किरण चौधरी ने प्रदेश सरकार से भिवानी जिले की हजारों एकड़ भूमि में खड़े बरसाती पानी की शीघ्र निकासी की मांग की है और अधिकारियों पर पानी निकासी के मामले में झूठे आंकड़े प्रस्तुत करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। अपने जनसम्पर्क अभियान के तहत श्रीमती किरण चौधरी तोशाम विधानसभा क्षेत्र के हेतमुपरा, लेघां हेतवान, भानगढ़, पत्थरवाली, जुई आदि गांवों में सभाओं को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि अधिकारी व सरकार में शामिल मंत्री अधिकांश खेतों से पानी निकाले जाने के दावे कर रहे हैं जबकि स्थिति ठीक इसके विपरीत है आज भी तीन दर्जन गांवों में किसानों की भूमि पर पानी जमा है।
पानी न निकलने से किसानों की खरीफ की फसल तो पहले ही बर्बाद हो चुकी है और अब रबी की फसल की बिजाई भी नहीं हो पाऐगी। उन्होंंने मुख्यमंत्री से किसानों की दोनों फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपने पॉल्टीकल गेम के लिए संवैधानिक संस्था सुप्रीम कोर्ट व सीबीआई का यूज कर रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज अपना रोना रो चुके हैं और अब राफेल डील की जांच रोकने के लिए सीबीआई डायरेक्टर को रातों रात बदल दिया गया। किरण ने कहा कि भाजपा सरकार की दाल में काला नहीं, बल्कि इनकी पूरी दाल ही काली है।
उन्होंने कहा कि रोडवेज का निजिकरण चहितों का लाभ पहुंचाने के लिए है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि हड़ताली कर्मचारी सरकार की निजीकरण नीति का विरोध करते हैं तो उन्हें प्रताडि़त किया जाता है। सरकार की यह तानाशाही ज्यादा समय नहीं चलने वाली। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की किमते बहुत कम होने पर भी प्रदेश सरकार ने वैट कम ना कर करोड़ों रुपये कमाए। सरकार को चाहिए कि आज वैट से की गई कमाई से रोडवेज के बेड़े के लिए नई बसें खरीदी जाएं। किरण चौधरी ने कहा कि भाजपा की उज्जवला योजना, स्वच्छ भारत योजना, बेटी बचाओ अभियान, आयुषमान भारत योजना जुमला साबित हो रही हैं। सरकार द्वारा जनता को गुमराह करने के लिए योजनाओं को बढ़ाचढ़ाकर प्रचारित किया जाता है जबकि हकीकत कही इससे परे है।
उन्होंने कहा कि जनता में हाहाकार मचा हुआ है। किरण चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार में भिवानी जिला बहुत पिछड़ चुका है। सरकार ने भिवानी को नई सौगात देना तो दूर, कांग्रेस सरकार के समय मंजूर हुई योजनाओं पर काम तक शुरु नहीं किया। उन्होंने कहा कि पहले के समय पूरे हुए कामों की इस सरकार ने मरम्मत तक नहीं करवाई जिससे शहर में सिवरेज ऑॅवर फ्लो हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भिवानी जिला के हक का नहरी पानी कम किया जा रहा है और पूर्व सीएम स्वर्गिय बंसीलाल की नहरी योजना को खत्म कर यहां की नहरों व रजवाहों में पाईप लाईन डाली जा रही हैं।
इससे यहां भूमिगत पानी रिचार्ज नहीं होगा और 15-20 साल बाद वापस यहां की जमीन रेतीले टिबों में बदल जाएगी। इस अवसर पर सत्यनारायण यादव इनेलो से कांग्रेस में गांव हेतमपुरा, लेघां हेतवान महाबीर राठौर, नानू बीजेपी से कांगे्रस में, भानगढ़ से शमशेर सिंह बीजेपी से कांग्रेस में, पाथरवालीसे रवि शर्मा बीजेपी से कांग्रेस, जुई कलां से अमरचंद नायक इेनलो से कांग्रेस, राज कुमार जुई कलां से इनेलो से कांग्रेस में शामिल हुए। इस अवसर पर शीशराम चेयरमैन, सत्यनारायण शर्मा, जयपाल चेयरमैन सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
(दीपक खंडेलवाल)
कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के नामों के बीच “गफलत” इसलिए हुई कि उन दोनों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और राहुल इन दोनों चुनावी राज्यों तथा राजस्थान का लगातार दौरा कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने मंगलवार को राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का एक मामला दायर किया। दरअसल, राहुल ने एक रैली में आरोप लगाया था कि पनामा पेपर्स प्रकरण में उनका (कार्तिकेय) नाम आया है। इस बीच, राहुल ने कहा कि उन्होंने “भ्रम” के कारण पनामा पेपर्स के संदर्भ में चौहान के बेटे के नाम का जिक्र किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि राहुल छत्तीसगढ, राजस्थान और मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए लगातार दौरा कर रहे हैं और तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री “भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का” सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो यह कह दिया था कि संत कबीर, गुरू नानकदेव और बाबा गोरखनाथ ने एक साथ बैठ कर आध्यात्मिक चर्चा की थी, जबकि ये तीनों अलग अलग सदी के थे। उन्होंने कहा, “इससे बड़ा और क्या भ्रम क्या हो सकता है, जबकि यह (राहुल गांधी का) तो महज दो सिंह उपनामों के बीच की गफलत थी।”
लाडवा : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार किसान हितैषी सरकार है और उसने अपने चार साल के कार्यकाल में अनेकों जनहितैषी निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लाडवा उपमंडल के गांव बड़ाचपुर स्थित नहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग 75 लाख रूपए की लागत से बनने वाले सुक्षम सिंचाई परियोजना का लाडवा हल्के के विधायक डा. पवन सैनी के साथ औचक निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के शुरू हो जाने से क्षेत्र के लगभग 156 एकड़ जमीन में खड़ी फसलों की सिंचाई हो सकेगी।
जिससे किसानों को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चलने वाले लगभग 100 टयूब्वैलो से लगभग एक करोड़ रूपए की बिजली की बचत होगी। उन्होंने कहा कि जो पानी बेकार जा रहा था उसे फिल्टर करके सिंचाई के काम में लाया जाएगा और इससे जो पानी का जल स्तर दिनों दिन नीचे जा रहा था, उसमें लाभ मिलेगा। वहीं एक सवाल के जवाब में उन्होंने हरियाणा रोडवेज की हड़ताल कर्मियों से वापिस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो 720 निजी बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल की जा रही है, उनसे सरकार व जनता को लाभ ही होगा।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि उनकी सरकार ने अपने फसलों के कार्यकाल के दौरान जनता से किए अधिकतर वायदे पूरे कर दिए है और उनके कार्यकाल मेें अनेकों जनहितैषी फैसले लिए गए है। उन्होंने अपनी सरकार व केन्द्र सरकार की उपलब्धियां भी गिनवाई। उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री का लाडवा नपा कार्यालय के बाहर नपा प्रधान साक्षी खुराना, नपा सचिव हरिओम काम्बोज सहित नपा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का फूल गुच्छ देकर स्वागत किया।
इस अवसर पर लाडवा हल्के के विधायक डा. पवन सैनी, विभाग के कमीशनर अनुराग, चीफ इन्ज् राजीव बंसल, एक्सईएन नीरज शर्मा, एसडीओ सुमित कुमार, लाडवा एसडीएम कंवर सिंह, तहसीलदार हरीश कालड़ा, डीएसपी रमेश गुलिया, जन स्वास्थ्य विभाग एसडीओ रामकुमार, जिला परिषद चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, जिलाध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर, डा. गणेश दत्त, ओमबीर बुढ़ा, शिव अरोड़ा, मेघराज सैनी, प्रदीप सहगल, राजबीर फौजी, राहुल शर्मा, अमित खुराना, रणबीर बणी, देवराज, पवन कश्यप, सुरेश, प्रवीण पंचाल आदि उपस्थित थे।
– कैलाश गोयल
नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज करवाने के लिए बुधवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए। एमजे अकबर ने अदालत से कहा कि प्रिया रमानी द्वारा किए गए ट्वीट्स में टैलेंटेड प्रीडेटर कहे जाने की वजह से मानहानि का केस दर्ज करवाया। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के बाद पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने कहा, ‘मैंने प्रिया रमानी के द्वारा किए गए कई ट्वीट्स की वजह से उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।
एमजे अकबर ने वोग मैगजीन के लेख में ट्वीट की ओर इशारा करते हुए बताया कि पूरे लेख में मानहानि/अपमानित करने वाला वह हिस्सा था जब उन्होंने (पत्रकार प्रिया रमानी) मुझे एक ‘टैलेंटेड प्रीडेटर’ की तरह बताया। पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि जब लेख पहली बार प्रकाशित हुआ तो उसमें मेरा नाम नहीं था। लेकिन बाद में मेरा नाम लिया गया।
बता दे भारत में ‘‘ मी टू ’’ अभियान के तेज होने के साथ अकबर का नाम सोशल मीडिया में तब उछला था जब वह नाइजीरिया में थे। कई महिलाओं ने आरोप लगाया था कि पत्रकार रहते हुए अकबर ने उनका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था। अकबर 14 अक्टूबर को देश लौटे थे। लौटने के कुछ ही घंटों के बाद उन्होंने उक्त आरोपों को ‘‘ झूठा, मनगढ़ंत और बेहद क्षुब्ध कर देने वाला’’ बताया था। उन्होंने कहा था कि वह आरोप लगाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिलाओं में गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजू भारती तथा सुतापा पॉल शामिल हैं।
आपने भी कई बार ऐसे लोग देखे होंगे जिन्हे देखकर चौंकना लाज़मी है। हम आपको आज कुछ ऐसे ही अजीबोगरीब इंसानों से मिलवा रहे है जिन्हे देखकर आपको हैरानी भी होगी और अफ़सोस भी। इसने से कुछ के ऐसा होने के पीछे दुर्लभ बीमारियां एक बड़ी वजह है। तो आईये नजर डालते है इन अजीबोगरीब इंसानों पर
1.बेबी हांग हांग

बेबी हांग हांग दुनिया की पहली ऐसी अजीबोगरीब बच्ची है जिसका जन्म 16 उंगलियों और 15 पैर की उंगलियों के साथ हुआ। इसके पीछे एक दुर्लभ रोग पॉलीडाटाइली वजह है। इस बच्ची के अंदर और कोई जन्म दोष नहीं था और डॉक्टरों को इस बच्ची को ठीक करने के लिए कई सारे ऑपरेशन करने पड़े।
2.मोहम्मद कालीम

आपने ढाई किलो के हाथ के बारे में तो जरूर सुना होगा पर क्या कभी 40 किलो के हाथ के बारे में सुना है अगर नहीं तो आपको बता दें मोहम्मद कालीम दुनिया के इकलौते ऐसे इंसान है जिनके नाम दुनिया के सबसे बड़े हाथ होने का रिकॉर्ड है।

वो भी सिर्फ 10 साल की उम्र में। इन्हे अपने बड़े हाथों की वजह से बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ा है और इसका कोई इलाज अभी तक संभव नहीं है।
3.पकिकिरप्पा हानागुंडी

आपको यह अजीबोगरीब इंसान के बारे में बता दें की इनको सिर्फ 10 साल की उम्र से ही अपने भोजन में कीचड़ और चट्टानों को खाने की आदत थी, बाद में ये 20 साल के हुए तो उनकी यह आदत डेली रूटीन बन गयी यानि की वो यह सब चीजे हर रोज खाने लगे, पकिकिरप्पा हानागुंडी अपने भोजन में कीचड, ईंट और पत्थर खाना पसंद करते है।
4.कैसीडी हुपर
कैसीडी जब पैदा हुई तो उनके माता पिता के साथ साथ चिकित्सक भी हैरान रह गए थे। जन्म से ही उनके नाक और दोनों आँखे नहीं थी। वो दिखने में बहुत अजीब थी पर शरीर स्वस्थ था।

माँ बाप और चिकित्सकों ने हर संभव प्रयास किया और सर्जरी के बाद इन्हे एक नाक लगा दी। अब इनके लिए आँखों का बंदोबस्त किया जा रहा है।
फरीदाबाद : रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। चुनाव से पूर्व कर्मचारी हितों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा सरकार आज कर्मचारियों पर लाठियां और मुकदमें दर्ज करवाकर उन्हें उत्पीडि़त करने का काम कर रही है। प्रदेश में ऐसा कोई विभाग बाकि नहीं बचाए जिसके कर्मचारी आज सरकार के खिलाफ सडक़ों पर उतरकर संघर्ष करने को मजबूर हो रहे है। हुड्डा मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व अन्य कई संगठनों के आह्वान पर रोड़वेज कर्मचारियों के समर्थन बल्लभगढ़ में आयोजित धरने प्रदर्शन को समर्थन देने के उपरांत उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर उनके साथ मुख्य रुप से तिंगाव क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक ललित नागर, विधायक उदयभान, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर, चेयरमैन अब्दुल गफ्फार कुरैशी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व पार्षद जगन डागर,लखन सिंगला, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तरुण तेवतिया, पूर्व पार्षद योगेश ढींगडा, उपस्थित थी। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार में जहां कर्मचारियों के हितों के लिए फैसले लिए जाते थे और कर्मचारियों की हर मांग को पूरा किया जाता था परंतु भाजपा सरकार पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी सरकार हैए जो कर्मचारियों का शोषण कर रही है और जब कर्मचारी अपने हितों के लिए संघर्ष करते है तो उन पर लाठीचार्ज जैसी तानाशाही कार्यवाही करती हैए जिसकी कितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है।
दीपेंद्र हुड्डा ने कर्मचारियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अब चंद दिनों की मेहमान है और प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी और उसके बाद कर्मचारियों की हर मांग को एक कलम से पूरा किया जाएगा। इस मौके पर विधायक ललित नागर ने भी कर्मचारियों की सभी मांगों को जायज करार देते हुए कहा कि भाजपा सरकार हिटलरशाही रवैया अख्तियार करके कर्मचारियों की आवजा को दबाने का काम कर रही है परंतु जिस सरकार में कर्मचारियों पर अत्याचार हुए हैए वह सरकार ज्यादा दिन सत्ता में नहीं टिकी है और भाजपा का भी आने वाले दिनों में यही हाल होगा। हड़ताल के कारण कई विभागों का काम काज ठप्प रहा।
नीतिगत निर्णय के तहत कर्मचारियों ने आवश्यक सेवाओं को बाधित नही किया। बल्लभगढ़ में विभिन्न विभागों के कर्मचारी सिटी पार्क में एकत्रित हुए और वहां से सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा, जिला प्रधान अशोक कुमार, हकम के प्रधान महेंद्र सिंह, नपाकसंघ के जिला प्रधान नानक चंद खरालियां एरोड़वेज के नेता कर्मचंद देसवाल, रविन्द्र नागर, राजसिंह व सैकुल खांन आदि नेतृत्व में शहर में जुलूस निकालकर बस स्टैंड पर पहुंचे। वहां कर्मचारियों ने जोरदार तरीके से हल्ला बोल प्रर्दशन किया। कर्मचारियों ने दोबारा बस अड्डे पर धरना लगा दिया।
फतेहाबाद : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना के विधायक सुभाष बराला ने मानवता का फर्ज निभाते हुए बीती रात 11 बजे थैलेसीमिया से ग्रस्त ऐसे बच्चे को रक्तदान किया, जिसे इसकी सख्त जरूरत थी। रात को जब उन्हें जनसेवा ब्लड ग्रुप के एक सदस्य ने यह सूचना दी कि थैलेसीमिया से ग्रस्त एक बच्चे को ए-पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता है, तो उन्होंने बिना देरी किए जगदंबे ब्लड ग्रुप बैंक पहुंचकर रक्तदान किया।
जानकारी अनुसार भूना क्षेत्र में 31 अक्तूबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की जन विश्वास रैली की तैयारियों को लेकर प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे थे, उसी समय जन सेवा ब्लड ग्रुप के सदस्य ने प्रदेशाध्यक्ष को फोन किया कि थैलेसीमिया पीडि़त बच्चे की मदद के लिए ए-पॉजिटिव ब्लड की जरूरत है।
इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों की मदद के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से आनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रोग है, जिसके होने से शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी आ जाती है और बच्चे में रक्त क्षीणता हो जाती है।
– सुनील सचदेवा
सीबीआई के अपर पुलिस अधीक्षक एस एस गुर्म ने दिल्ली उच्च न्यायालय में बुधवार को आरोप लगाया कि घुसखोरी के एक मामले में अपने खिलाफ दायर प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग को लेकर याचिका दायर करने वाले विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ‘चुनिंदा’ तथ्यों को रख कर अदालत को गुमराह कर रहे हैं।
सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और अस्थाना के बीच खींचतान के कारण सीबीआई के अन्य अधिकारियों के साथ गुर्म का भी तबादला कर दिया गया है। गुर्म ने अस्थाना द्वारा दायर याचिका में एक पक्ष बनाये जाने की मांग की है। गुर्म का दिल्ली से जबलपुर तबादला कर दिया गया है। उन्होंने मामले में उनका पक्ष सुने जाने का मौका दिये जाने की मांग की है।
दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष दायर एक आवेदन में अपर पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि उन्हें अंदेशा है कि सीबीआई अस्थाना को बचाने और सहयोग का प्रयास कर रही है और वह याचिका का जोरदार विरोध नहीं करेगी।
उन्होंने अस्थाना की याचिका खारिज करने की भी मांग की। अस्थाना, पुलिस उपाधीक्षक देवेन्द्र कुमार और कथित बिचौलिया मनोज प्रसाद ने अलग-अलग याचिकाओं में अपने खिलाफ दायर प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की है। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी इन याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई करेंगी।
नई दिल्ली : रिजर्व बैंक के साथ तनाव की खबरों के बीच वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक की स्वायत्तता का सम्मान किया है और इसे बढ़ाया है। मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर रिजर्व बैंक के साथ गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘रिजर्व बैंक अधिनियम के तहत रिजर्व बैंक की स्वायत्तता संचालन के लिये आवश्यक और स्वीकार्य जरूरत है। भारत सरकार ने इसका सम्मान किया है और इसे बढ़ाया है।
मंत्रालय ने कहा कि रिजर्व बैंक और सरकार दोनों को अपनी कार्यप्रणाली में सार्वजनिक हित तथा देश की अर्थव्यवस्था की जरूरतों से निर्देशित होना होता है। उसने कहा, ‘‘इसी उद्देश्य के लिये विभिन्न मुद्दों पर सरकार और रिजर्व बैंक के बीच गहन विचार-विमर्श होता रहता है।’’ हालांकि, बयान में इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ असहमति को लेकर गवर्नर उर्जित पटेल को निर्देश देने के लिये अब तक कभी इस्तेमाल नहीं की गयी शक्ति का उल्लेख किया था। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने विचार-विमर्श के विषयों को कभी भी सार्वजनिक नहीं किया है। सिर्फ अंतिम निर्णय को ही सार्वजनिक किया जाता है।’’ उसने कहा, ‘‘सरकार इस परामर्श के जरिये स्थिति के बारे में अपना आकलन सामने रखती है और संभावित समाधानों का सुझाव देती है।
सरकार ऐसा करना जारी रखेगी।’’ उल्लेखनीय है कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ कुछ मुद्दे पर असहमति को लेकर आज तक कभी भी इस्तेमाल नहीं किये गये अधिकार का जिक्र किया था। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार ने गवर्नर उर्जित पटेल को रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात के तहत निर्देश देने का उल्लेख किया। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने कम से कम तीन बार अलग-अलग मुद्दों पर धारा सात का उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि सरकार ने इस विशेष धारा के तहत कोई निर्णय नहीं लिया है। रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात केंद्र सरकार को यह विशेषाधिकार प्रदान करती है कि वह केंद्रीय बैंक के असहमत होने की स्थिति में सार्वजनिक हित को देखते हुए गवर्नर को निर्देशित कर सकती है। सरकार त्वरित सुधारात्मक कदम (पीसीए) की रूपरेखा से लेकर तरलता प्रबंधन तक के मुद्दों पर रिजर्व बैंक से असहमत है।
पूर्व वित्त मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम ने जारी विवाद को लेकर ट्वीट में कहा कि यदि सरकार ने रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात का इस्तेमाल किया तो आने वाले समय में और भी बुरी खबरें सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि पूवर्वर्ती सरकारों ने 1991 में अर्थव्यवस्था के उदारीकरण, 1997 के एशियाई वित्तीय संकट और 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के समय भी इसका इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने कहा कि यदि धारा सात के इस्तेमाल की खबरें सही हैं तो इससे यह पता चलता है कि मौजूदा सरकार अर्थव्यवस्था से जुड़े तथ्यों को छुपाना चाहती है।
चंडीगढ़ : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चंडीगढ़ आगमन से पहले ही हरियाणा व पंजाब में पराली जलाने को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने टवीट् करके दिल्ली में फैल रहे प्रदूषण के लिए परोक्ष रूप से हरियाणा व पंजाब को जिम्मेदार ठहरा दिया है। केजरीवाल के टवीट् के बाद हरियाणा के मंत्रियों ने उन्हें घेर लिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले कई दिनों से हरियाणा के स्कूलों व अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं।
जिससे मिले फीडबैक के आधार पर केजरीवाल एक नवंबर को चंडीगढ़ में पहली बार पत्रकार वार्ता को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं। केजरीवाल के आने से पहले ही पराली जलाने के मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अरविंद केजरीवाल ने टवीट् कर कहा है कि पूरा साल दिल्ली में प्रदूषण ठीक रहा। पर इस वक्त हर साल दिल्ली को हरियाणा, केंद्र और पंजाब की भाजपा और कांग्रेस सरकारों की वजह से दम घोटने वाले प्रदूषण को झेलना पड़ता है। हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद यह कुछ करने को तैयार नहीं। इन राज्यों के किसान भी अपनी सरकारों से परेशान हैं। केजरीवाल के इस टवीट् के बाद हरियाणा सरकार के मंत्रियों ने उन्हें घेर लिया है। उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने पलटवार करते हुए कहा कि हरियाणा को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार बताकर केजरीवाल कर रहे हैं।
हरियाणा के किसानों का अपमान जो अपनी मिट्टी का नहीं हुआ वह किसी का क्या होगा। विपुल गोयल ने कहा कि एसवाईएल के पानी पर भी केजरीवाल ने पंजाब की ही तरफदारी की है। उद्योग मंत्री के अनुसार जब कुरुक्षेत्र और अंबाला की एयर क्वालिटी ठीक-ठाक है तो दिल्ली की एयर क्वालिटी के लिए हरियाणा जिम्मेदार कैसे हो सकता है। विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा पर दोषारोपण करने की बजाय केजरीवाल काम पर ध्यान दें। उधर हरियाणा के संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली की जनता पूरी तरह से नकार चुकी है। उन्होंने पहले पंजाब के लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया वहां भी हार गए अब वह हरियाणा के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। हरियाणा के लोग बेहद समझदार हैं। ऐसे मौकाप्रस्त नेताओं को मुंह नहीं लगाएंगे।
(राजेश जैन)
फतेहाबाद : किसान संघर्ष समिति द्वारा धान की पराली की समस्या को लेकर किसान पंचायत नई सब्जी मंडी फतेहाबाद में आयोजित की गई। इसकी पंचायत की अध्यक्षता जिला कन्वीनर मनफूल ढाका, बाबा बच्चन सिंह ने संयुक्त रूप से की तथा मंच संचालन मनदीप नथवान ने किया। इस पंचायत में जिले भर के किसानों ने भाग लिया। किसान सभा के राज्य महासचिव कुलवंत संधू ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि धान की पराली का समाधान सरकार को करना चाहिए।
सरकार द्वारा किसान विरोधी नीतियों को लागू किया जा रहा है। खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बन चुकी है सरकार की गल्त नीतियों के चलते किसान तबाही के कगार पर पहुंच गया है। आज धान की पराली का समाधान किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। किसान भी नहीं चाहता प्रदूषण हो मगर किसान की मजबूरी है आग लगाना क्योंकि सरकार ने कोई इसका उचित प्रबंध नहीं किया है आज किसान गेहूं की बिजाई को लेकर काफी परेशान है।
हरियाणा के किसानों के साथ पंजाब के किसानों की भी यही समस्या है। उन्होंने किसानों से मांग कि है कि प्रराली की समस्या को लेकर हमें एक जुट होना पड़ेगा। पराली जलाने को लेकर किसानों पर किसी भी प्रकार के जुर्माने लगाए तो पंजाब के किसानों को भी हरियाणा के किसानों का समर्थन करेंगे 29 और 30 नवंबर को दिल्ली में कर्जा मुक्ति की मांग को लेकर व स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करवाने की मांग को लेकर देश के हजारों के साथ दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। हरियाणा के किसानों को भी दिल्ली प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का न्योता दिया। इस अवसर पर मनफूल ढाका ने किसानों से कहा कि किसानों को संगठित होकर अपनी लड़ाई लडऩी होगी।
– सुनील सचदेवा
हर कोई एक बार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने का मन बना रहा है। तो आज हम आपको बताते हैं कि कैसे इस खास और भव्य प्रतिमा को देखने के लिए बनाए घूमने का प्लान।बच्चों की हरकते इतनी प्यारी होती हैं कि हम उन्हें हर पल अपने कैमरे में कैद करने के लिए तैयार रहते हैं। लेकिन कई बार उनकी क्यूट आदतें उनकी किसी परेशानी को भी दर्शाती हैं जिसका अंदाज़ा वो नहीं लगा सकते। शिशु का अपनी आंख रगड़ना भी ऐसी ही आदत है।

ऐसा ही चीन में एक बच्चे के मां-बाप उसे जब डॉक्टर को दिखाया तो हैरान रह गए। क्योंकि बच्चे की आंख में कई कीड़े पाए गए। इस दंपति का पांच महीने के बच्चा कई दिनों से आंखों को मल रहा था। क्योंकि उसकी आंख में कीड़ों की वजह से दर्द और खुजली हो रही थी। इस वजह से बच्चा लगातार रो रहा था। जब उन्होंने बच्चे की आंख में कीड़े देखे तो परेशान हो गए। वो बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे।

अस्पताल में जब डॉक्टर ने बच्चे को देखा तो वो भी हैरान रह गए। डॉक्टरों का मानना है कि मेडिकल का यह बेहद अजीबोगरीब मामला है। डॉक्टरों ने बच्चे की आंख में 11 कीड़े निकाले।इसके लिए डॉक्टरों को बच्चे की आंख की सर्जरी करनी पड़ी। बच्चे की आंख में कीड़े होने की बात डॉक्टरों के भी समझ में नहीं आ रही।

परिवार वालों ने डॉक्टर को बताया कि जन्म के वक्त से लेकर अब तक बच्चा एकदम स्वस्थ था फिर अचानक ये कीड़े कहां से आ गए। परिजन डॉक्टरों से जानना चाहते थे कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। ताकि आगे के लिए बच्चों को सेफ रखा जा सके। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें जो बात बताई वह सुनकर तो उनके होश उड़ गए।

डॉक्टरों ने बच्चे का निरीक्षण किया और बताया कि दांग डोंग नामक इस बच्चे को नेमाटोड संक्रमण हुआ है। जो आंखों की सतह पर और पलक के अंदर फैला है। इससे उसे आखों में तेज खुजली होने लगती है। इस संक्रमण के दौरान आंखों में कीड़े पैदा हो जाते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि इंसानों में यह बीमारी नहीं पाई जाती। ये बीमारी जानवरों में फैलती है। उन्होंने बताया कि ऐसा बिलकुल हो सकता है कि बच्चे को यह बीमारी उनके कुत्ते से हुई हो।

फिलहाल बच्चे की सर्जरी कर उसकी आंखे से 11 जिंदा कीड़े निकाले जा चुके हैं। अब उसे आराम है। बीते 17 अक्टूबर को इस ऑपरेशन की एक वीडियो भी फिल्माई गई थी जो डॉक्टरों ने सोशल मीडिया पर शेयर की गई है।
यह वीडियो अब वायरल हो रहा है। डॉक्टर बताते हैं कि तकरबीन 100 साल पहले चीन में पहली बार एक परजीवी नेमाटोड खोजा गया था, जिससे यह बीमारी फैली थी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुच्छेद सात को लागू करने का मतलब है कि अर्थव्यवस्था को लेकर स्थिति गंभीर है और सरकार इस बारे में कुछ तथ्य छिपा रही है।
पी चिदंबरम ने बुधवार को ट्वीट किया ‘रिपोर्ट आ रही है कि सरकार ने रिजर्व बैंक अधिनियम के अनुच्छेद सात को लागू कर दिया है और इसके तहत रिजर्व बैंक को अभूतपूर्व निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश डर पैदा कर रहा है। मुझे लगता है कि कुछ गलत खबर मिलने वाली है। हमारी सरकार ने 1991 या 1997 या 2008 और 2013 में कभी अनुच्छेद सात का इस्तेमाल नहीं किया। रिवर्ज बैंक अधिनियम की इस व्यवस्था को लागू करने का क्या मतलब है। इससे जाहिर होता है कि सरकार अर्थव्यवस्था के बारे में कुछ तथ्य छिपा रही है और यह निराशाजनक है।’
खबरों में कहा गया है कि रिजर्व बैंक तथा सरकार में चल रही तनातनी की खबरों के बीच आरबीआई के गर्वनर को सरकार ने इस अनुच्छेद के तहत निर्देश जारी किए हैं। इसमें व्यवस्था है कि सरकार को जब कुछ गंभीर स्थिति लगती है और जनहित में वह कोई कदम उठाना चाहती है तो इस अनुच्छेद का इस्तेमाल कर वह केंद्रीय बैंक के गवर्नर को निर्देश जारी कर सकती है।
हैदराबाद पुलिस ने एक वाहन से लगभग 5.5 लाख रुपये की विदेशी शराब और 72,000 रुपये जब्त किए हैं।
देश के पहले गृहमंत्री रहे वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में बनाया गया है।नैनीताल : उत्तराखंड के बहुचर्चित राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (एनएच-74) घोटाले में आरोपी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी डॉ. पंकज पांडे को फिलहाल राहत मिल गयी है। भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने उनके जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिये 14 नवम्बर की तिथि तय कर दी है। तब तक विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। डॉ. पंकज पांडे उधमसिंह नगर जिले के एनएच-74 घोटाले में आरोपी हैं।
लगभग 300 करोड़ रुपये के इस घोटाले में उन पर आरोप है कि उधमसिंह नगर में तैनाती के दौरान बतौर आर्बिटेटर उन्होंने एनएच के लिये जमीन अधिग्रहण में गड़बड़ियां कीं। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एनएच के लिये अधिग्रहीत जमीन का लैंड यूज बदला गया और कई गुना मुआवजा बांटा गया। यह भी आरोप हैं सरकारी जमीनों तक का भी मुआवजा बांट दिया गया।
इस मामले कई राज्य व प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) अधिकारी समेत 21 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जिनमें से पांच लोग हाल ही में उच्च न्यायालय से जमानत पर छूटे हैं। बाकी जेल में बंद हैं।
उधमसिंह नगर : एचएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में गलत तरीके से करोड़ों का मुआवजा लेने वालों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी नजर है। विभाग के हाथ कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगने पर ईडी जल्द ही बड़ी कार्रवाई कर सकता है। भूमि मुआवजा घोटाले में बिल्डरों, किसानों और अधिकारियों की ओर से मनी लांड्रिंग के सुराग मिलने पर एसआईटी ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट के आधार पर सितंबर 2017 में प्रवर्तन निदेशालय ने एसआईटी से मनी लांड्रिंग के मामलों की जांच रिपोर्ट मांगी।
अक्टूबर में एसआईटी ने सहायक निदेशक भारत सरकार प्रवर्तन निदेशालय को प्रथम सूचना रिपोर्ट भेजी। इसके आधार पर ईडी ने करीब चार बार एसआईटी दफ्तर पहुंचकर मनी लांड्रिंग के मामलों की जानकारी लेने के साथ ही तहसीलों से भी संबंधित पत्रावलियों की सत्यापित पत्रावलियां लीं। 5 जुलाई को ईडी अधिकारियों ने जसपुर, काशीपुर और रुद्रपुर के कुछ काश्तकारों से पूछताछ की।
इसमें जसपुर के एक काश्तकार ने ईडी को उसे मिले 17 करोड़ मुआवजे में से नौ करोड़ कमीशन एक पीसीएस अधिकारी को हल्द्वानी के एक पेट्रोल पंप संचालक और जसपुर के एक मार्बल विक्रेता के माध्यम से पहुंचाने की बात कही। इसके बाद ईडी ने कुछ और लोगों को भी अपने रडार पर लिया। सूत्रों के अनुसार यूएसनगर जिले के साथ ही कुछ अन्य जिलों में ईडी को मनी लांड्रिंग में शामिल लोगों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
पिथौरागढ़ : भारत और नेपाल सीमा को अलग करने वाली काली नदी पर पंचेश्वर बांध बनाया जाना प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि ये बांध विश्व के सबसे बड़े बांधों में शुमार होने के साथ भारत-नेपाल की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा। लेकिन स्थानीय लोगों को अब पैतृक संपत्ति के साथ दो देशों की करीब 89 धार्मिक स्थल के वजूद खत्म होने का डर सताने लगा है। इन धार्मिक स्थलों से लोगों की आस्था सदियों से जुड़ी हुई है। पिथौरागढ़ जिले में भारत की सरयू और नेपाल की काली नदी पर पंचेश्वर बांध प्रस्तावित है।
इस नदी पर करीब 6 हजार मेगावॉट हाइड्रो प्रोजेक्ट लगया जाएगा, जिससे भारत और नेपाल की 134 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र इसके डूब क्षेत्र में आएगा। इसमें 123 गांवों के साथ ही कई ऐतिहासिक धार्मिक स्थल भी जलमग्न हो जाएंगे। 5 नदियों के संगम पर मौजूद पंचेश्वर धाम दोनों मुल्कों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। पंचेश्वर धाम को भगवान शिव का धाम कहा जाता है। ये एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां साल भर सभी तरह के धार्मिक कार्य चलते रहते हैं। इसके अलावा रामेश्वर और तालेश्वर जैसे प्रसिद्ध भारतीय धार्मिक केन्द्र भी डूब क्षेत्र में आ रहे हैं।
पंचेश्वर बांध उपसमिति के सदस्य और कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि धार्मिक महत्व के मंदिरों को अन्य जगह स्थापित करने के लिए भी पुनर्वास नीति में पैकेज की व्यवस्था की गयी है। पंचेश्वर निवासी नामदेव पंत का कहना है कि पंचेश्वर बांध से उनकी पौराणिक आस्था जुड़ी है। ऐसे में सरकार अस्तित्व को नुकसान पहुंचा रही है। उनका कहना है कि उनकी आस्था के सामने सरकार को झुकना होगा। बांध की मौजूदा डीपीआर में 3 बड़े धार्मिक स्थलों के विस्थापन का तो जिक्र है। लेकिन शेष 86 धार्मिक केन्द्रों का क्या होगा? इसको लेकर अभी भी कोई नीति नहीं बन पाई है।

ऋषिकेश : ऋषिकेश तहसील में मंगलवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां कार्यरत नायब तहसीलदार रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिए जाने की सूचना मिली । प्राप्त समाचार के अनुसार रायवाला की ग्राम प्रधान राखी गिरि द्वारा ऋषिकेश तहसील में कार्यरत नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान पर 50000 की रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया गया था। जिसके आरोप के चलते सतर्कता विभाग की टीम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए जयराम आश्रम हरिद्वार रोड पर पिछले तीन-चार दिनों से रह रहे, नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान के कमरा नंबर 49 पर छापेमारी की।
जिसके बाद विजिलेंस टीम ने नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान को 50 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ऋषिकेश स्थित जयराम आश्रम के कमरा नंबर 49 से पकड़ा गया। नायबतलदार मुन्ना सिंह चौहान को टीम अपने साथ ले गई। यह छापेमारी विजिलेंस के उप निरीक्षक प्रकाश दानू के निर्देशन में की गयी।
बताया जाता है कि रायवाला में काटे गए हरे पेड़ों की ऋषिकेश के नायब तहसीलदार के पास जांच लंबित थी । इस जांच का कार्य पकड़े गए नायब तहसीलदार कर रहे थे और इन्हीं पेड़ों को लेकर नायब तहसीलदार द्वारा ग्राम प्रधान रायवाला की राखी गिरी से 50000 रिश्वत के रूप में मांगे गए थे । आरोपी के पास से 50 हजार रुपए की घूस की रकम बरामद किए गए।
पेट्रोल और डीजल के दाम में बुधावार को स्थिरता बनी रही। पेट्रोल के भाव में लगातार 13 दिनों से गिरावट दर्ज की जा रही थी। वहीं, डीजल के दाम में भी लगातार छह दिन कटौती दर्ज की गई। उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में रिकवरी आने से घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल का भाव तेज था।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में बुधवार को पेट्रोल की कीमतें क्रमश: 79.55 रुपये, 81.43 रुपये, 85.04 रुपये और 82.65 रुपये प्रति लीटर थीं। चारों महानगरों में मंगलवार को भी पेट्रोल इन्हीं कीमतों पर उपलब्ध था। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में बुधवार को डीजल की कीमतें थी यथावत रहीं।
चारों महानगर में डीजल क्रमश: 73.78 रुपये, 75.63 रुपये, 77.32 रुपये और 78.00 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध था। भारतीय समयानुसार पूर्वाह्न् 10.40 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल के नवंबर अनुबंध में 35 रुपये यानी 0.72 फीसदी की तेजी के साथ 4,925 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।
वहीं, इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का जनवरी डिलीवरी अनुबंध 0.51 फीसदी की तेजी के साथ 76.34 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। न्यूयॉर्क मर्के टाइल एक्सचेंज पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट का दिसंबर सौदा 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ 66.55 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था।
विदेशी बाजार में तीन दिन बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख देखा जा रहा है। हालांकि बाजार के जानकार बताते हैं कि अमेरिका-चीन व्यापार जंग और आगे खपत मांग कमजोर रहने की संभावना बनी हुई। इसके अलावा आपूर्ति बढ़ने के आसार हैं। इसलिए कच्चे तेल के भाव में ज्यादा तेजी आने की उम्मीद कम है। गौरतलब है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का निर्धारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव के आधार पर तय होता है।
रामनगर : निकाय चुनाव में टिकट ना दिए जाने को लेकर नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं के मान मनौव्वल का दौर जारी है। इसी क्रम में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष रामनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। जाजू ने कहा कि बीजेपी एक अनुशासित पार्टी है। सोमवार को प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट रामनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
इस दौरान श्याम जाजू ने टिकट ना मिलने से नाराज चल रहे बागी कार्यकर्ताओं पर भी भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता चुनाव में प्रत्याशियों की जीत के लिए काम करेंगे, क्योंकि बीजेपी एक अनुशासित पार्टी है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने रामनगर में टिकट आवंटन को सही ठहराते हुए कहा कि सब लोगों की रायशुमारी के बाद ही योग्य व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि बागी प्रत्याशी जो भी कार्यकर्ता पार्टी के खिलाफ है, उन्हें तीन से चार दिन का समय दिया गया है। अगर वह फिर भी नहीं माने तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ता दें कि रामनगर में पार्टी का टिकट ना मिलने से नाराज बागी उम्मीदवार ममता गोस्वामी ने नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक रखी है। जो बीजेपी उम्मीदवार की जीत में रोड़ा बनी हुई है।
नई दिल्ली : भारत ने विश्व कप 2015 के बाद जो 72 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले उनमें 11 खिलाड़ियों को नंबर चार पर उतारा लेकिन पहली बार कप्तान विराट कोहली को लग रहा है कि टीम को इस महत्वपूर्ण नंबर पर अंबाती रायुडू के रूप में एक बुद्धिमान बल्लेबाज मिला है। दिलचस्प बात यह है कि रायुडू केवल चार पारियों में नंबर चार पर खेलने के लिये उतरे हैं जिनमें उन्होंने 72.33 की औसत से 217 रन बनाये हैं। इनमें सोमवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में बनाया गया शतक भी शामिल है जिसके बाद कोहली और उप कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें इस स्थान के लिये सबसे उपयुक्त बल्लेबाज करार दिया था।
कोहली ने मैच के बाद कहा था कि रायुडू ने मौके का पूरा फायदा उठाया। हमें 2019 विश्व कप तक उसका समर्थन करने की जरूरत है। वह खेल को अच्छी तरह से समझता है, इसलिए हमें खुशी है कि कोई बुद्धिमान बल्लेबाज नंबर चार पर बल्लेबाजी कर रहा है। एशिया कप में कोहली की अनुपस्थिति में रायुडू नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिये उतरे थे जहां उन्होंने निरंतरता दिखायी थी। अब कप्तान की वापसी के बाद उन्हें नंबर चार पर आजमाया गया जिसमें वह खरे उतरे हैं। इसलिए एशिया कप में कप्तान रहे रोहित को लगता है कि भारत की लंबे समय से चली आ रही नंबर चार की समस्या सुलझ गयी है। विश्व कप अगले साल इंग्लैंड में खेला जाएगा।
रायुडु हाल के इंग्लैंड दौरे पर नहीं जा पाये थे क्योंकि वह यो-यो टेस्ट में नाकाम रहे थे। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले गये पिछले विश्व कप के बाद भारत ने 11 बल्लेबाजों को नंबर चार पर उतारा। इनमें से महेंद्र सिंह धोनी सर्वाधिक 11 पारियों में इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे जिनमें उन्होंने 32.81 की औसत से 361 रन बनाये। धोनी हालांकि पिछले कुछ समय से फार्म से जूझ रहे हैं जिसके कारण उन्हें वेस्टइंडीज और आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 श्रृंखला के लिये नहीं चुना गया।
अंजिक्य रहाणे को एक समय नंबर चार के लिये आदर्श बल्लेबाज माना जाता था लेकिन वह निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। रहाणे ने नंबर चार पर दस पारियों में 46.66 की औसत से 420 रन बनाये जिसमें चार अर्धशतक शामिल हैं। रहाणे फिलहाल वनडे टीम से बाहर हैं।युवराज सिंह भी इस बीच नौ पारियों में नंबर चार पर उतरे और उन्होंने 44.75 की औसत से 358 रन बनाये जिसमें 150 रन की एक पारी भी शामिल है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने 1987 में उत्तर प्रदेश के हाशिमपुरा नरसंहार मामले में एक अल्पसंख्यक समुदाय के 42 लोगों की हत्या के जुर्म में 16 पूर्व पुलिसकर्मियों को बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर एवं न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने निचली अदालत के उस आदेश को पलट दिया जिसमें उसने आरोपियों को बरी कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (पीएसी) के 16 पूर्व जवानों को हत्या, अपहरण, आपराधिक साजिश तथा सबूतों को नष्ट करने का दोषी करार दिया। अदालत ने नरसंहार को पुलिस द्वारा निहत्थे और निरीह लोगों की “लक्षित हत्या” करार दिया।
गौरतलब है कि निचली अदालत द्वारा हत्या तथा अन्य अपराधों के आरोपी 16 पूर्व पुलिसकर्मियों को बरी करने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। दोषी करार दिए गए पीएसी के सभी 16 जवान सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
हाशिमपुरा कांड क्या है?
गौरतलब है कि पीएसी की 41वीं वाहिनी के जवानों ने मेरठ के हाशिमपुरा इलाके से सांप्रदायिक दंगों के मद्देनजर एक तलाशी अभियान के दौरान पीड़ितों को उनके मोहल्ले से उठा लिया था। इसके बाद 22 मई 1987 को मुरादनगर में नहर के पास उनकी सामूहिक हत्या कर दी थी।

कोलकाता : पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने मंगलवार को कहा कि बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले पर अपनाये गये ढीले रवैये और कुछ अन्य प्रमुख मसलों को देखते हुए वह भारतीय क्रिकेट प्रशासन के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अब बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि भारतीय क्रिकेट खतरे में हैं और वह नहीं जानते कि चीजें किस तरह आगे बढ़ रही हैं। गांगुली ने बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी को संबोधित कड़े पत्र में लिखा है, ‘‘मैं नहीं जानता कि इनमें (जौहरी के खिलाफ लगे आरोपों) कितनी सच्चाई है लेकिन उत्पीड़न की हाल की रिपोर्टों से वास्तव में बीसीसीआई की छवि धूमिल हुई है, विशेषकर जिस तरह से इस मामले से निबटा गया।’’
इस 46 वर्षीय क्रिकेटर ने जो पत्र लिखा है उसकी एक प्रति पीटीआई के पास भी है। उन्होंने लिखा है, ‘‘मैं आप सभी को यह पत्र इस गहरी चिंता के साथ लिख रहा हूं कि आखिर भारतीय क्रिकेट प्रशासन किधर जा रहा है।’’ जौहरी पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये एक अज्ञात ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये थे। उनके खिलाफ जांच के लिये प्रशासकों की समिति (सीओए) ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। दो सदस्यीय सीओए में चेयरमैन विनोद राय और डायना एडुल्जी शामिल हैं और इस मामले में वे एकमत नहीं हैं।
एडुल्जी चाहती हैं कि जौहरी को जांच लंबित रहने तक बर्खास्त या निलंबित किया जाए जबकि राय पहले जांच रिपोर्ट चाहते हैं और उनकी बर्खास्तगी की राह में खड़े हैं। भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक गांगुली ने भी राय और एडुल्जी के बीच मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट अपनी साख गंवा रहा है। गांगुली ने लिखा है, ‘‘मैं गहरी चिंता के साथ (मैंने चिंता शब्द का उपयोग किया है) यह कहना चाहता हूं कि पिछले दो वर्षों में जिस तरह से चीजें आगे बढ़ी है उससे विश्व में भारतीय क्रिकेट का दबदबा और लाखों प्रशसंकों का प्यार और विश्वास कम हुआ है।’’ उन्होंने सत्र के बीच में खेल से संबंधी नियमों में बदलाव के संदर्भ में कहा, ‘‘सीओए की संख्या चार से घटकर दो रह गयी है और अब लगता है कि ये दो भी बंटे हुए हैं। सत्र के बीच में ही क्रिकेट से जुड़े नियम बदल दिये जाते हैं जैसा कि पहले कभी नहीं हुआ था।’’
सीओए ने हाल में सरकारी कर्मचारियों की संतानों के लिये एक साल के नियम में नरमी बरती है ताकि उन्हें स्थानीय खिलाड़ी माना जा सके। तकनीकी समिति के भी अध्यक्ष गांगुली ने राष्ट्रीय पुरूष टीम के लिये कोच चयन प्रक्रिया के अपने बुरे अनुभव को भी याद किया। गांगुली उस सलाहकार समिति का हिस्सा थे जिसने कोच पद के लिये अनिल कुंबले के नाम की सिफारिश की थी जिन्होंने कप्तान विराट कोहली से मतभेदों के कारण अपना पद छोड़ दिया था। कुंबले की जगह रवि शास्त्री ने ली जो कोहली की पसंद थे। गांगुली ने कहा, ‘‘समितियों में लिये गये फैसले अपमानजनक तरीके से पलट दिये जाते हैं। कोच चयन के मामले में मेरा अनुभव बहुत बुरा रहा। (इस बारे में जितना कम कहा जाए, बेहतर है।)
उन्होंने कहा, ‘‘बोर्ड की गतिविधियों से जुड़े मामलों में शामिल रहे मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा कि उन्हें किसके पास जाना चाहिए। मेरे पास कोई जवाब नहीं था। मुझे यह पूछना पड़ा कि किसी खास संघ से अंतरराष्ट्रीय मैच के लिये मुझे किसे आमंत्रित करना चाहिए क्योंकि मैं नहीं जानता था कि क्या चल रहा है।’’ गांगुली ने कहा कि भारतीय क्रिकेट को कुछ बेहतरीन प्रशासकों और महान क्रिकेटरों ने कड़ी मेहनत से खड़ा किया है। उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में मुझे लगता है कि यह खतरे में है। उम्मीद है कि लोग सुन रहे होंगे।’
नई दिल्ली : प्रशासकों की समिति का कहना है कि बीसीसीआई को उसकी बहुप्रतीक्षित सालाना आम बैठक और चुनावों से पहले किसी भी विवाद से निपटने के लिये लोकपाल और एक नैतिकता अधिकारी की यथाशीघ्र नियुक्ति करनी होगी। उच्चतम न्यायालय में रखी गई 10वीं स्थिति रिपोर्ट में सीओए ने बताया कि आगामी चुनावों से पहले ये नियुक्तियां क्यों जरूरी हैं। सीओए ने रिपोर्ट में कहा कि बीसीसीआई के नये संविधान के तहत सालाना आम बैठक में लोकपाल की नियुक्ति बेहद जरूरी है ताकि विवादों का निष्पक्ष निपटान हो सके।
इसमें यह भी कहा गया कि लोकपाल सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश होना चाहिये और उसे एक साल का कार्यकाल दिया जाना चाहिये जो तीन साल तक बढाया जा सके। अभी यह पता नहीं है कि बीसीसीआई की सालाना आम बैठक कब होगी और बोर्ड के चुनाव कहां होंगे। उच्चतम न्यायालय के नौ अगस्त के आदेश में मंजूरी प्राप्त नये संविधान के तहत बैठक बुलाई जायेगी । इस आदेश में राज्य संघों को 30 दिन का समय दिया गया है लेकिन उनमें से कुछ आयु और पदाधिकारियों के कार्यकाल समेत कुछ बदलावों का विरोध अभी भी कर रहे हैं।
इसके अलावा अनुशासनहीनता, दुर्व्यवहार जैसे मसले भी वह सुलझायेगा। नैतिकता अधिकारी की जरूरत के बारे में सीओए ने कहा कि यह जरूरी है कि बीसीसीआई अपने पहले नैतिकता अधिकारी की जल्दी नियुक्ति करे ताकि हितों के टकराव संबंधी शिकायतों का हल पूर्णत: योग्य व्यक्ति निकाल सके।
कोर्ट ने पटाखों पर अपना आदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि ग्रीन पटाखे बनाने का उनका आदेश पूरे देश के लिए है।
नक्सली हमले में जिंदा बचकर आए मीडियाकर्मी मोर मुकुट शर्मा से दैनिक जागरण ने फोन पर बात की। पढ़ें उनकी डरावनी दास्तां...
नई दिल्ली : भारत के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने मुंबई में हुए चौथे वनडे में वेस्टइंडीज के तीन खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। मैच के दौरान जैसे ही उन्होंने एश्ले नर्स को रोहित शर्मा के हाथों पहली स्लिप में कैच कराया। वे इस साल वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। कुलदीप के इस साल 18 वनडे में 44 विकेट हो गए। वे अब अफगानिस्तान के राशिद खान से ही पीछे हैं। राशिद ने 20 वनडे में 3.89 की इकॉनमी से 48 विकेट लिए हैं। कुलदीप ने इंग्लैंड के आदिल रशीद को पीछे छोड़ा।
रशीद ने इस साल 24 वनडे में 5.41 की इकॉनमी से 42 विकेट लिए हैं। अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान 37 विकेट के साथ चौथे और 30 विकेट लेने वाले जिम्बाब्वे के टेंडई चतारा पांचवें नंबर पर हैं। कुलदीप अब इस साल एक वनडे ही खेल पाएंगे, जो तिरुवनंतपुरम में एक नवंबर को होना है। यदि उसमें वे पांच विकेट लेने में सफल रहे तो राशिद खान को पीछे छोड़ देंगे।
ऑस्ट्रेलिया दौरे में वे पहला वनडे 12 जनवरी को खेल पाएंगे। कुलदीप यादव ने जून 2017 में अपना वनडे डेब्यू किया था। तब से अब तक वे 32 मैच में 65 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। उनके डेब्यू करने के बाद से कोई भी गेंदबाज इतने विकेट नहीं ले पाया है। राशिद ने जून 2017 से अब तक 23 वनडे खेले हैं। इसमें उन्होंने 55 विकेट लिए हैं।
जलपाईगुड़ी : दस साल पहले देश की नुमाइंदगी करने वाली एक महिला फुटबॉलर आर्थिक तंगहाली के कारण यहां सड़क पर चाय बेचने को मजबूर है। छब्बीस बरस की कल्पना रॉय अभी भी 30 लड़कों को दिन में दो बार प्रशिक्षण देती है । उसका सपना एक बार फिर देश के लिये खेलने का है। कल्पना रॉय को 2013 में भारतीय फुटबॉल संघ द्वारा आयोजित महिला लीग के दौरान दाहिने पैर में चोट लगी थी। उसने कहा कि मुझे इससे उबरने में एक साल लगा । मुझे किसी से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली।
इसके अलावा तब से मैं चाय का ठेला लगा रही हूं। उसके पिता चाय का ठेला लगाते थे लेकिन अब वह बढ़ती उम्र की बीमारियों से परेशान है। उसने कहा कि सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिये ट्रायल के लिये मुझे बुलाया गया था लेकिन आर्थिक दिक्कतों के कारण मैं नहीं गई। मेरे पास कोलकाता में रहने की कोई जगह नहीं है । इसके अलावा अगर मैं गई तो परिवार को कौन देखेगा । मेरे पिता की तबीयत ठीक नहीं रहती। कल्पना पांच बहनों में सबसे छोटी है। उनमें से चार की शादी हो चुकी है और एक उसके साथ रहती है।
उसकी मां का चार साल पहले निधन हो गया । अब परिवार कल्पना ही चलाती है। कल्पना ने 2008 में अंडर 19 फुटबालर के तौर पर चार अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। अब वह 30 लड़कों को सुबह और शाम कोचिंग देती है। वह चार बजे दुकान बंद करके दो घंटे अभ्यास कराती है और फिर दुकान खोलती है। उसने कहा कि लड़कों का क्लब मुझे 3000 रूपये महीना देता है जो मेरे लिये बहुत जरूरी है । कल्पना ने कहा कि वह सीनियर स्तर पर खेलने के लिये फिट है और कोचिंग के लिये अनुभवी भी।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केन्द्र से कहा कि वह 10 दिन के भीतर राफेल सौदे पर हलफनामा दायर कर उसे बताए कि लड़ाकू विमान की कीमत विशिष्ट सूचना है और इसे साझा नहीं किया जा सकता है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति यू. यू. ललित और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की पीठ ने केन्द्र से कहा कि जो सूचनाएं सार्वजनिक की जा सकती हैं उन्हें वह याचिकाकर्ताओं के साथ साझा करे।
शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख तय की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि रणनीतिक और गोपनीय समझे जाने वाले दस्तावेजों को साझा नहीं किया जा सकता है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने फिर से यह स्पष्ट किया कि उसे राफेल सौदे से जुड़ी तकनीकी जानकारी नहीं चाहिए। उसने केन्द्र से अगले 10 दिन में भारत के ऑफसेट साझेदार की जानकारी सहित अन्य सूचनाएं मांगी हैं।
याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पीठ ने यह भी कहा कि किसी भी जनहित याचिका में राफेल सौदे की उपयुक्तता या तकनीकी पहलुओं को चुनौती नहीं दी गई है। वहीं, सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने न्यायालय को बताया कि लड़ाकू विमान की कीमत विशिष्ट सूचना है और उसे साझा नहीं किया जा सकता है।
दुबई : भारत के युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद को मंगलवार को मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वनडे के दौरान विरोधी बल्लेबाज मार्लन सैमुअल्स को ‘आक्रामक’ विदाई के लिए चेतावनी और एक डिमेरिट अंक दिया गया। खलील को आईसीसी की आचार संहिता के लेवल एक के उल्लंघन का दोषी पाया गया।
आईसीसी ने विज्ञप्ति में कहा कि यह घटना 14वें ओवर में हुई जब बायें हाथ का यह तेज गेंदबाज मार्लन सैमुअल्स को स्लिप में रोहित शर्मा के हाथों कैच कराने के बाद आक्रामक अंदाज में आउट होने वाले बल्लेबाज की ओर बढ़ा जो मैदानी अंपायरों की नजर में वेस्टइंडीज के खिलाड़ी को प्रतिक्रिया के लिए उकसा सकता था। खलील ने आचार संहिता के नियम 2 .5 का उल्लंघन किया जो ऐसी भाषा या इशारा करने से संबंधित है जिससे अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान आउट होने वाले बल्लेबाज को नीचा दिखाया जाए या जो उसे आक्रामक प्रतिक्रिया के लिए उकसाए।
मैड्रिड : स्पेनिश क्लब रियाल मैड्रिड ने बार्सिलोना के हाथों मिली 1-5 की निराशाजनक हार के बाद अपने प्रमुख कोच जुलेन लोपेतेगुई को पद से हटा दिया है। रियाल मैड्रिड को सोमवार को बार्सिलोना के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी जिसके बाद क्लब के निदेशक मंडल ने लोपेतेगुई को प्रमुख कोच के पद से हटाने का फैसला किया है। क्लब ने जारी बयान में कहा कि हमने बहुत ही जिम्मेदारी और विचार के बाद यह फैसला लिया है, ताकि सत्र के आगामी लक्ष्यों को देखते हुये टीम के प्रदर्शन में बदलाव लाया जा सके।
लोपेतेगुई को इस वर्ष जून में पूर्व फ्रेंच खिलाड़ी जिनेदिन जिदान की जगह रियाल मैड्रिड का कोच बनाया गया था। हालांकि क्लासिको में चिर प्रतिद्वंद्वी टीम बार्सिलोना के हाथों उसे अपनी शर्मनाक हार बड़े अंतर से झेलनी पड़ी जिसके साथ ही क्लब में लोपेतेगुई का सफर समाप्त हो गया। क्लब ने बताया कि सांतियागो सोलारी को अस्थायी रूप से अब टीम का कोच बनाया जाएगा और वह मंगलवार से ही अपने पद को संभालेंगे। पिछले तीन वर्षों से चैंपियंस लीग की विजेता रियाल मैड्रिड फिलहाल ला लीगा में नौवें नंबर पर है। यह 12 महीने में दूसरा मौका है जब लोपेतेगुई को उनके कोच पद से हटाया गया है।
इससे पहले उन्होंने स्पेन के प्रमुख कोच पद से हटाया गया था। रियाल मैड्रिड को इस सत्र में 14 मैचों में केवल 30 अंक मिले हैं और आखिरी पांच मैचों में उसे एक ही अंक मिला है। वर्ष 2008-09 में जुआंडे रामोस के मार्गदर्शन में आखिरी पांच मैचों में लगातार हारने के बाद से यह रियाल मैड्रिड का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। 14 मैचों में लोपेतेगुई के मार्गदर्शन में मैड्रिड ने छह जीते हैं, छह हारे हैं और दो ड्रॉ रहे हैं। टीम लीग में अभी बार्सिलोना से सात अंक पीछे है।
नई दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई वित्तीय स्थायित्व एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के सामने इस समय नकद धन की तंगी के मुद्दे पर चर्चा की गई और आरबीआई ने बैंकिंग प्रणाली में कर्ज के लिए पर्याप्त मात्रा में धन उपब्धता बनाए रखने का आश्वासन दिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एफएसडीसी में रिजर्व बैंक के गवर्नर, सेबी के चेयरमैन तथा पेंशन और बीमा क्षेत्र की विनियामक संस्थाओं के अध्यक्ष शामिल हैं।
वित्त मंत्री की अध्यक्षता में इस परिषद में दिवाला एवं रिण शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के चेयरमैन को भी रखा गया है। सूत्रों ने बैठक के बाद बताया, आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने बैठक में कहा कि एनबीएफसी के लिए धन कमी उतनी गंभीर नहीं है जैसा कि बताया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने सरकार को आश्वासन दिया कि रिजर्व बैंक प्रणाली में उपयुक्त मात्रा में नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
एफएसडीसी की यह बैठक आरबीआई की स्वायत्तता का मुद्दा उठने के बाद उपजे माहौल में हो रही है जिसमें वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक गवर्नर दोनों ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने गत सप्ताहांत रिजर्व बैंक को कामकाज में स्वायत्तता का मुद्दा उठाया था। एफएसडीसी की मुगलवार को हुई बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के साथ साथ चारों डिप्टी गवर्नर ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (Statue Of Unity) का अनावरण किया। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल, मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अनावरण के इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं।
LIVE UPDATES :
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की मूर्ति की पूजा की। इस दौरान उन्होंने प्रतिमा पर 30 नदियों का जल से अभिषेक किया। इस दौरान 30 ब्रहाम्णों ने मंत्रोच्चार किया। प्रधानमंत्री ने पूरे विधि विधान ने सरकार पटेल की प्रतिमा के नीचे खड़े होकर पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रधानमंत्री हाथ हिलाकर आस पास खड़े लोगों का अभिवादन भी किया। इसके बाद भारतीय ध्वज तिरंगे के रंग गुब्बारे भी उड़ाए गए।
PM Shri @narendramodi performs ‘Rashtrarpan Hetu Puja’. #StatueOfUnity pic.twitter.com/hOXzmXVbJi
— BJP (@BJP4India) October 31, 2018
– वॉल ऑफ यूनिटी के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी सीधे प्रधानमंत्री मोदी सरदार की प्रतिमा के पास जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सरदार पटेल की प्रतिमा में लगी लिफ्ट के जरिए ऊपर तक जाएंगे।
– स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अनावरण के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरा देश आज राष्ट्रीय एकता दिवस मना रहा है। किसी भी देश के इतिहास में ऐसे अवसर आते हैं, जब वो पूर्णता का अहसास कराते हैं। आज वही पल है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है, जिसे मिटा पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा भारत भक्ति की भावना से ही हमारी सभ्यता फल फूल रही है। आज देश के विराट व्यक्ति को उचित स्थान मिला।
– पीएम ने कहा कि आजादी के इतने साल तक हम एक अधूरापन लेकर चल रहे थे, लेकिन आज भारत के वर्तमान ने सरदार के विराट व्यक्तित्व को उजागर करने का काम किया है। आज जब धरती से लेकर आसमान तक सरदार साहब का अभिषेक हो रहा है, तो ये काम भविष्य के लिए प्रेरणा का आधार है।
– उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी शर्तों पर दुनिया से संवाद कर रहा है। सरदार के संकल्प से कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक ट्रेन सेवा मिली। इसके अलावा सरदार पटेल की ही वजह से सभी रियायतें एक हुईं।
– पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे सरदार साहब की इस विशाल प्रतिमा को देश को समर्पित करने का अवसर किया है। जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर इसकी कल्पना की थी, तो कभी अहसास नहीं था कि प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे ये पुण्य काम करने का मौका मिलेगा। इस काम में जो गुजरात की जनता ने मेरा साथ दिया है, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूं।
– उन्होंने आगे कहा कि सरदार साहब की वजह से ही मौलिक अधिकार हमारे लोकतंत्र का हिस्सा हैं। ये प्रतिमा यह याद दिलाने के लिए है कि राष्ट्र शाश्वत है, शाश्वत था और शाश्वत रहेगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरदार के आह्वान पर देश के सैकड़ों राजवाड़ों ने त्याग की मिसाल कायम की थी।
– इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि मैं जिस मिट्टी में पला बढ़ा, जिनके बीच में मैं बढ़ा हुआ उन्होंने ने ही मुझे सम्मान पत्र दिया। ये वैसा ही जैसे कोई मां अपने बेटे की सिर पर हाथ रखती है। उन्होंने कहा कि मुझे लोहा अभियान के दौरान मिले, लोहे का पहला टुकड़ा भी दिया गया है। हमने इस अभियान में लोगों से मिट्टी भी मांगी थी। देश के लाखों किसानों ने खुद आगे बढ़कर इस शुभ काम के लिए लोहा और मिट्टी दी।
– उन्होंने आगे कहा कि आज मुझे वो पुराने दिन याद आ रहे हैं, जी भरकर बहुत कुछ कहने का मन भी कर रहा है। किसानों ने इन प्रतिमा के निर्माण को आंदोलन बना दिया। जब मैंने ये विचार आगे रखा था, तो शंकाओं का वातावरण बना था। जब ये कल्पना मन में चल रही थी, तब मैं सोच रहा था कि यहां कोई ऐसा पहाड़ मिल जाए जिसे तराशकर मूर्ति बना दी जाए। लेकिन वो संभव नहीं हो पाया, फिर इस रूप की कल्पना की गई।
– पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने उस समय खंडित पड़े देश को एक सूत्र में बांधा, तब मां भारती 550 से अधिक विरासतों में बंटी हुई थी। दुनिया में भारत के भविष्य के प्रति बहुत निराशा था, तब भी कई निराशावादी थे। उन्हें लगता था कि भारत अपनी विविधताओं की वजह से बिखर जाएगा। तब सभी को सिर्फ एक ही किरण दिखती थी, ये किरण थी सरदार वल्लभभाई पटेल।
– PM ने कहा कि 5 जुलाई 1947 में रियासतों को कहा था कि विदेशी आक्रांताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी, बैर का भाव हमारी हार की बड़ी वजह थी। अब हमें इस गलती को नहीं दोहराना है और ना ही किसी का गुलाम होना है। देखते ही देखते भारत एक हो गया, सरदार साहब के कहने पर सभी रजवाड़े एक साथ आए।
– उन्होंने कहा कि मेरा एक सपना भी है, इसी स्थान के साथ जोड़कर सभी रजवाड़ों का एक वर्चुअल म्यूज़ियम तैयार हो। वरना आज तो कोई तहसील का अध्यक्ष भी अपना पद नहीं छोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल में कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी के शौर्य का समावेश था।
– पीएम मोदी ने कहा कि चाहे जितना दबाव, मतभेद क्यों ही ना हो लेकिन प्रशासन में गवर्नेंस को किस तरह स्थापित किया जाता है, ये सरदार साहब ने करके दिखाया है। अगर सरदार साहब ने संकल्प नहीं किया होता तो आज गिर के शेर को देखने के लिए और शिवभक्तों के लिए सोमनाथ की पूजा करने के लिए, हैदराबाद में चारमिनार को देखने के लिए वीजा लेना पड़ता।
– इस दौरान पीएम मोदी ने इस प्रतिमा के निर्माण से जुड़े सभी मजदूरों, शिल्पकारों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, ‘प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जो लोग इस काम से जुड़े हैं, वह भी इतिहास का हिस्सा बन गए हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर, 2010 को मैंने इसका विचार दुनिया के सामने रखा था, करोड़ों भारतीयों की तरह मेरे मन में एक ही भावना था कि जिस महापुरुष ने देश को एक करने के लिए इतना बड़ा काम किया उसे वो सम्मान मिलना चाहिए जिसका वो हकदार है।
– इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा के निर्माण से आदिवासियों को रोजगार मिलेगा, यहां अब टूरिस्ट आएंगे तो गरीबों के लिए रोजगार लाएंगे। आज का सहकार आंदोलन जो देश के अनेक गांवों की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुका है, ये सरदार साहब की ही देन है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हमारे देश की इंजीनियरिंग और तकनीक के सामर्थ्य का उदाहरण है, यहां एक एकता नर्सरी भी बननी चाहिए।
– प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यहां के चावल से बने ऊना मांडा, तहला मांडा, ढोकला मांडा यहां आने वाले पर्यटकों को पसंद आएंगे।सरदार साहब के दर्शन करने आने वाले टूरिस्ट सरदार सरोवर डैम, सतपुड़ा और विंध्य के पर्वतों के दर्शन भी कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि ये मूर्ति न्यू इंडिया की अभिव्यक्ति है।
– उन्होंने कहा, देश में कुछ लोग हमारी इस मुहिम को राजनीति के चश्मे से देख रहे हैं, देश के सपूतों की प्रशंसा करने के लिए हमारी आलोचना की जाती है। जैसे हमने कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया हो, हमारी कोशिश है कि भारत के हर राज्य को सरदार पटेल के विजन को आगे बढ़ाने में कोशिश करनी चाहिए।
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण किया। इसके बाद वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सरदार पटेल की प्रतिमा के ऊपर फूलों की वर्षा की।
PM Narendra Modi inaugurates Sardar Vallabhbhai Patel’s #StatueOfUnity, the world’s tallest statue pic.twitter.com/69zbbVpY7C
— ANI (@ANI) October 31, 2018
– स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अनावरण के मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल, मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम में उपस्थित हैं।
– इस मौके पर सरदार पटेल के रिश्तेदार ने कहा कि अमेरिका, मुंबई, अहमदाबाद आदि से हमारे परिवार के 37 सदस्य यहां आए हुए हैं।
– प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास टेंट सिटी का उद्घाटन किया।
– स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर भी जारी है। इसके साथ ही पहले दिन ही प्रतिमा को देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
#WATCH: Celebrations underway near Sardar Vallabhbhai Patel’s #StatueOfUnity in Gujarat’s Kevadiya that will be inaugurated by Prime Minister Narendra Modi today. #RashtriyaEktaDiwas pic.twitter.com/ioafhMipKd
— ANI (@ANI) October 31, 2018
– पीएम मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास ‘वैली ऑफ फ्लोवर्स’ का उद्घाटन किया।
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नर्मदा के किनारे केवडिया पहुंचे। यहां से कुछ ही देर में PM स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए रवाना होंगे।
– बता दें कि भाजपा आज पूरे देश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन करेगी। मूर्ति के ऊपर से बुधवार को एयरफोर्स के लड़ाकू विमान सलामी देंगे।
– देश को यह प्रतिमा समर्पित करने से पहले पीएम मोदी ने इस संबंध में एक ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा, ‘सरदार पटेल की जयंती के मौके पर, ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ राष्ट्र को समर्पित की जाएगी। नर्मदा के तट पर स्थित यह प्रतिमा महान सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि है।’
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ से जुड़ी खास बातें :
– मूर्ति की लंबाई 182 मीटर है और यह इतनी बड़ी है कि इसे 7 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है।
– यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसका रैफ्ट निर्माण का काम वास्तव में 19 दिसंबर, 2015 को शुरू हुआ था और 33 माह में इसे पूरा कर लिया गया।
– सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने में करीब 2,989 करोड़ रुपये का खर्च आया। कंपनी के मुताबिक, कांसे की परत चढ़ाने के आशिंक कार्य को छोड़ कर बाकी पूरा निर्माण देश में ही किया गया है।
– इस मूर्ति में दो लिफ्ट भी लगी है, जिनके माध्यम से आप सरदार पटेल की छाती पहुंचेंगे और वहां से आप सरदार सरोवर बांध का नजारा देख सकेंगे और खूबसूरत वादियों का मजा ले सकेंगे। सरदार की मूर्ति तक पहुंचने के लिए पर्यटकों के लिए पुल और बोट की व्यवस्था की जाएगी।
– स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है और ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है। प्रतिमा अपने आप में अनूठी है। इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है।
– बता दें कि इस स्मारक की आधारशिला 31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं वर्षगांठ के मौके पर रखी गई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।