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Wednesday, November 11, 2020

असम, उत्तराखंड और यूपी के बदमाश मिलकर बंद घरों में करते थे चोरियां, गिरफ्तार

लखनऊ बंद घरों की रेकी कर चोरी करने वाले इंटर स्टेट गैंग के 9 बदमाशों को चिनहट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से सोने-चांदी के जेवरात, दो बाइक, चाकू, चोरी में प्रयोग होने वाले औजार, 32 हजार रुपये और दो तमंचे बरामद किए हैं। इस गैंग ने वर्ष 2016 और 2017 में गाजीपुर इलाके में ताबड़तोड़ 12 चोरियों की घटनाओं को अंजाम दिया था। इस गैंग में असम, उत्तराखंड और यूपी के बदमाश शामिल हैं। चिनहट के तकिया बबुरिहा मोड़ से पकड़े गए बदमाश एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार ने बताया कि पांच अक्टूबर की देर रात विकल्पखंड इलाके में फूड इंस्पेक्टर उदय प्रताप के घर हुई लूटपाट के मामले में चिनहट पुलिस की एक टीम बदमाशों की तलाश में जुटी थी। इस बीच देर रात पुलिस को सूचना मिली तकिया बबुरिहा मोड़ के पास कुछ बदमाश मौजूद हैं और किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में लगे हैं। इस सूचना पर चिनहट पुलिस ने दबिश देते हुए वहां से 9 बदमाशों को गिरफ्तार किया। यह की गई बरामदगी पुलिस ने उनके पास से 250 ग्राम सोने के जेवरात, आधा किलो चांदी के जेवरात, दो बाइक, दो तमंचे, एक चाकू, चोरी के लिए प्रयोग होने वाले औजार और 32,600 रुपये बरामद किए। पूछताछ की गई तो पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम काकोरी निवासी अली हुसैन, मुरादाबाद निवासी मुख्तार अली, जौहर अली, उत्तराखंड निवासी इफ्तिकार, रामपुर निवासी शमशाद, मुरादाबाद निवासी तालिब अली, जसीम, कमाल अली और नईम बताया। दिनभर इधर-उधर घूमकर करते हैं रेकी एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र सिंह ने बताया कि बदमाशों का यह गैंग बहुत ही शातिर है। यह लोग अलग-अलग शहरों में जाकर मकान किराए पर लेकर या तो रेलवे और बस स्टेशन के पास रुक कर दिन में मजदूरी और कुछ सामान बेचने के बहाने बंद पड़े मकानों को चिह्नित करते हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरों पर भी इनकी नजर रहती है और ऐसे रास्ते चुनते हैं, जहां कैमरे ना के बराबर होते हैं। चिह्नित किए गए मकानों में चोरी के बाद यह लोग अलग-अलग बंट जाते हैं और फिर अपनी तय की गई जगह पर जमा होकर शहर से भाग जाते हैं। आरोपित चोरी और लूट का सामान उत्तराखंड और मुरादाबाद जनपद में बेचते हैं। उन्होंने बताया कि इस गैंग में असम के लोग भी शामिल हैं। पुलिस को कुछ नाम मिलने हैं, उनपर काम चल रहा है। इस गैंग ने वर्ष 2016 और 2017 में गाजीपुर इलाके में 12 चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। फूड इंस्पेक्टर ने पहचाने से किया इनकार! चिनहट पुलिस के हत्थे चढ़े इन बदमाशों का 5 अक्टूबर विकल्पखंड में फूड इंस्पेक्टर उदय प्रताप के घर लूटपाट में शामिल होने का शक पुलिस को था। दोपहर एक बजे इस गैंग के पकड़े जाने की प्रेसवार्ता बुलाई गई जो अचानक निरस्त कर दी गई। प्रेसवार्ता निरस्त क्यों की गई इस बारे में कोई अधिकारी कुछ बोलने के लिए राजी नहीं है। सूत्र बताते हैं कि चिनहट पुलिस विकल्पखंड में हुई लूटपाट की घटना का खुलासा करना चाह रही थी, लेकिन जब बदमाशों की पहचान पीड़ित से करवाई गई तो उन्होंने बदमाशों को पहचानने से साफ इनकार कर दिया। बस इसके बाद चिनहट पुलिस बैकफुट पर आ गई।


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मार्केट में भीड़ और शादियों की वजह से बढ़ा संक्रमण: डॉ. गुलेरिया

Delhi Air pollution news today: दिल्ली की हवा में घुले जहर को धोने पाक की तरफ से आ रही राहत!

दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से एयर क्वॉलिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। इसकी वजह से लोगों की सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हो रही है। हवा धीमी चलने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटों से हालांकि हवा चलने से इस में थोड़ी राहत मिलती दिख रही है, लेकिन असली राहत दिवाली के बाद आने की संभावना है...

Delhi Air Quality Live: दिल्ली और एनसीआर को जहरीली हवा से राहत नहीं है। गुरुवार को भी दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और फरीदाबाद में एयर क्वालटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। लेकिन दिवाली के बाद पाक की ओर से राहत आ सकती है...


Delhi Air Pollution News Today: दिल्ली की हवा में घुले जहर को धोने पाक की तरफ से आ रही राहत!

दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से एयर क्वॉलिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। इसकी वजह से लोगों की सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हो रही है। हवा धीमी चलने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटों से हालांकि हवा चलने से इस में थोड़ी राहत मिलती दिख रही है, लेकिन असली राहत दिवाली के बाद आने की संभावना है...



आज भी खतरनाक स्तर पर दिल्ली-NCR की हवा
आज भी खतरनाक स्तर पर दिल्ली-NCR की हवा

दिल्ली में गुरुवार सुबह प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना रहा। राजधानी का पीएम 2.5 लेवल 385 दर्ज किया गया। नोएडा का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा और पीएम 2.5 का स्तर 387 के खतरनाक स्तर पर था। गुरुग्राम में हालांकि यह 297 के आसपास दर्ज किया गया।



दिल्ली में आज सुबह की तस्वीर, इंडिया गेट गायब!
दिल्ली में आज सुबह की तस्वीर, इंडिया गेट गायब!

रोज की तरह दिल्ली में आज सुबह भी जबर्दस्त धुंध नजर आई। इससे कई जगह विजिबिलिटी घटकर काफी कम रह गई। आखिर दिल्ली एनसीआर को इस घुटन और धुंध से राहत कब मिलेगी, इस पर अच्छी खबर दिवाली के बाद आ सकती है।



दिवाली बाद पाकिस्तान की तरफ से आ रही राहत!
दिवाली बाद पाकिस्तान की तरफ से आ रही राहत!

दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत के लंबे समय से मौसम शुष्क है। अब एक प्रभावी वेस्टर्न डिस्टरबेंस कैस्पियन सागर से उठने के बाद ईरान और अफगानिस्तान को पार करते हुए उत्तरी पाकिस्तान के करीब पहुंचने वाला है। इस सिस्टम के 12 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के पास आने की उम्मीद है। यह 12 से 16 नवंबर तक दिल्ली समेत उत्तर भारत के पहाड़ों को प्रभावित करेगा। दिल्ली-एनसीआर में भी इसकी वजह से 15 और 16 नवंबर को हल्की बारिश हो सकती है।



बढ़ जाएगी ठिठुरन, लेकिन प्रदूषण से मिलेगी रात
बढ़ जाएगी ठिठुरन, लेकिन प्रदूषण से मिलेगी रात

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर समेत यह वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी असर डालेगा। राजधानी में इसकी वजह से 15 और 16 नवंबर को गरज के साथ बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद राजधानी में दिन में ठिठुरन बढ़ जाएगी। अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।



बारिश के बाद शायद कुछ साफ होगी यह तस्वीर
बारिश के बाद शायद कुछ साफ होगी यह तस्वीर

स्काईमेट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे शहरों गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद में 15 और 16 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की और कहीं पर मध्यम बारिश की संभावना है। उम्मीद कर सकते हैं कि बारिश से दिल्ली-एनसीआर में भयानक हो गया प्रदूषण कुछ कम होगा।





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लखनऊ: आज से 16 तक बदला रहेगा यातायात, जानिए कहां से निकलना है, कहां रहेगी रोक?

लखनऊ धनतेरस और दिवाली पर बाजारों में होने वाली भीड़ के मद्देनजर लखनऊ के कई इलाकों में गुरुवार से 16 नवंबर को रोजाना सुबह 9 से रात 11 बजे तक यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। डीसीपी ट्रैफिक ख्याती गर्ग ने बताया कि त्योहारी सीजन में भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में देर रात बाजार सजे रहते हैं। ऐसे में लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। हजरतगंज इधर से निकलें - चारबाग की ओर से आने वाले वाहन अटल चौक से मेफेयर होते हुए अल्का तिराहे जा सकेंगे। - बैंक ऑफ इंडिया तिराहे से दाहिने और डनलप तिराहे से सहारागंज मॉल की ओर। - सप्रू मार्ग से डनलप तिराहा, बैंक ऑफ इंडिया तिराहा, हजरतगंज और दाहिने सहारागंज मॉल होते हुए शाहनजफ रोड जा सकेंगे। - सिकंदरबाग से शाहनजफ रोड, सहारागंज मॉल, डनलप तिराहा होते हुए मेफेयर और हजरतगंज चिरैया झील जा सकेंगे। - परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम और चिरैयाझील होकर सिकंदरबाग चौराहा। - लालबाग से मेफेयर आने वाले वाहन हजरतगंज थाने के सामने से होकर केडी सिंह स्टेडियम की ओर से जा सकेंगे। यहां रहेगी रोक - लीला सिनेमा से बैंक ऑफ इंडिया तिराहा और अल्का तिराहे से हजरतगंज नहीं जा सकेंगे। चौक इधर से निकलें - नक्खास तिराहे से मेडिकल कॉलेज चौराहा और शाहमीना तिराहा होकर। यहां रहेगी रोक - हैदरगंज और सआदतगंज की ओर से आने वाले थ्री व्हीलर, ऑटो-टेम्पो नक्खास तिराहे से नादान महल रोड, यहियागंज और रकाबगंज होकर अमीनाबाद नहीं जा सकेंगे। गोमतीनगर इधर से निकलें - दयाल पैराडाइज से हुसड़िया चौराहे होकर निकलें। - हुसड़िया से दयाल पैराडाइज होकर निकले - आर्यन रेस्टोरेंट से नीलकंठ होकर। यहां रहेगी रोक - मनोज पांडेय चौराहे से पत्रकारपुरम - हुसड़िया चौराहे से पत्रकारपुरम - नीलकंठ से आर्यन रेस्टोरेंट इंदिरानगर इधर से निकले - पॉलिटेक्निक से लेखराज मार्केट चौराहे के बाद नीलगिरी चौराहे से दाहिने होकर। - गार्डन बेकरी से नीलगिरी चौराहे होते हुए लेखराज मार्केट। यहां रहेगी रोक - पॉलिटेक्निक से आने वाले वाहन भूतनाथ तिराहे से दाहिने नहीं जा सकेंगे। - कलेवा चौराहे से गार्डन बेकरी तिराहे होकर भूतनाथ मार्केट नहीं जा सकेंगे। सड़क पर वाहन रोकने पर लगेगा जुर्माना डीसीपी ने बताया कि हजरतगंज, महानगर, पत्रकारपुरम, भूतनाथ, आलमबाग और अलीगंज कपूरथला टो-अवे जोन रहेगा। रोड पर गाड़ियां खडी करने वाले पर जुर्माना लगेगा। यहां पार्क करें वाहन हजरतगंज में मल्टीलेवल पर्किंग, सरोजनी नायडू, दया निधान, लालबाग भूमिगत पार्किंग, भूतनाथ में भूतनाथ भूमिगत पार्किंग, अमीनाबाद में झंडेवाला पार्क भूमिगत पार्किंग, चौक में महात्मा ज्योतिबा फुले पार्किंग और महानगर में महानगर भूमिगत पार्किंग में वाहन पार्क होंगे।


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UP में 50 लाख युवाओं को रोजगार देगी योगी सरकार, बन गया प्लान

लखनऊ योगी सरकार उत्तर प्रदेश में मिशन रोजगार का मेगा अभियान शुरू करेगी। नवंबर से मार्च तक चलने वाले अभियान के तहत तक 50 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सरकारी विभागों, परिषद, निगमों में खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तो पूरी होगी ही साथ ही सरकारी प्रयासों से निजी क्षेत्र में और स्वरोजगार के जरिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। 'मिशन रोजगार' की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। दीपावली के बाद मुख्यमंत्री इसकी औपचारिक शुरुआत करेंगे। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बुधवार को शासन स्तर के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में 'मिशन रोजगार' की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि मिशन रोजगार सरकारी विभागों, निगमों, परिषदों, बोर्ड, संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं, स्थानीय निकायों में रोजगार और स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर मुहैया करवाएगा। विभागवार रोजगार सृजन का लक्ष्य तय होगा। मार्च तक तक 50 लाख युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जाएगा। हर दफ्तर में होगी हेल्प डेस्क अभियान को सफल बनाने के लिए हर विभाग, संगठन, प्राधिकरण के कार्यालयों में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी, जहां, रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। रोजगार का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। ऐप और पोर्टल भी विकसित किए जाएंगे। सभी निदेशालय, निगम, बोर्ड, आयोग आदि अपने अभियान का संचालन औद्योगिक विकास के जरिए करेंगे। मुख्य सचिव की कमिटी अभियान की मॉनिटरिंग करेगी। वहीं, जिलों में डीएम की अगुवाई वाली कमिटी कार्ययोजना तैयार करेगी। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय निजी उद्योगों के साथ मिलकर रोजगार मेला आयोजित करेगा। साथ ही पहले से रुकी भर्तियां भी पूरी की जाएंगी। हर जिले में लगे लोन मेला सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में लोन मेला आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों के साथ समन्वय बनाते हुए ब्रांच के हिसाब से लक्ष्य तय किए जाएंगे। हर ब्रांच कम से कम एक एससी-एसटी व एक महिला उद्यमी को लोन अवश्य दे। पिछले पांच महीनों में 6.24 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को बैंकों से 18,330 करोड़ रुपये का कर्ज दिलवाया गया है। वहीं, आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत पहले से चल रही 4.37 लाख इकाइयों को 10,847 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है। 7.93 लाख को मिलेगी ट्रेनिंग यूपी सरकार ने कौशल विकास मिशन के तहत इस साल 7.93 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है, जो अब तक का सर्वाधिक है। हर जिले की अलग कौशल विकास योजना तैयार की जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही अवसर पैदा किए जा सकें। ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म कोर्सेरा,यूएसए के जरिए प्रदेश के 50 हजार युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण नि:शुल्क दिलवाया जा रहा है। इन क्षेत्रों में मिलेगा रोजगार अतिरिक्त ऊर्जा विभाग सोलर मित्र, सोलर इंस्टालेशन मैनेजर, प्रॉजेक्ट डिवेलपमेंट मैनेजर, बैटरी मेनटेनेंस इंजिनियर, साफ-सफाई एवं देखरेख टेक्निशियन कृषि विभाग असेंबली टेक्निशियन, आटोमेशन टेक्निशियन, हाइड्रॉलिक टेक्निशियन, रिकॉर्डकीपर, बायोप्रोसेसिंग एक्सपर्ट। पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग एआई टेक्निशियन सुपरविजन, लाइवस्टॉक सुपरविजन, तकनीकी सलाहकार, चारा कृषि विज्ञानी, भेड़पालन। टेक्सटाइल विभाग टेक्सटाइल्स इंजिनियर, टेक्सटाइल्स डिजाइनर, हेल्पर, विपणन अधिकारी, लैब सहायक, टेक्निशियन, प्रिंटिंग मैनेजर, डाइंग मैनेजर। हार्टीकल्चर ए‌वं खाद्य प्रसंस्करण विभाग गार्डनर, लैंड स्कीप, फील्ड सहायक, बायोटेक्नॉलजिस्ट, इंजिनियर्स आवास-विभाग हेल्थ एंड सेफ्टी अफसर, मेंटेनेंस शेड्यूलर, फैसिलिटी कोऑर्डिनेटर, इलेक्ट्रीशियन, हाउसकीपर, साफ-सफाई कर्मी, प्लंबर, इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, ड्राइवर


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...तो यूपी में अगले 5 साल तक नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें!

लखनऊ बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 2020-21 के टैरिफ में बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर करीब 13,337 करोड़ रुपये पहले का निकल रहा है। इसका लाभ जब बिजली उपभोक्ताओं को नहीं मिलता, तब तक कैरिंग कास्ट यानि 13 से 14 प्रतिशत ब्याज जुड़ेगा। परिषद अध्यक्ष के मुताबिक इस राशि का लाभ अगर उपभोक्ताओं को दिया जाएगा तो अगले पांच साल तक बिजली दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं हो सकेगी। इस प्रकार बिजली कंपनियों पर 2020-21 में फिर से उपभोक्ताओं का लगभग 800 करोड़ रुपये से ज्यादा निकल रहा है। इस धनराशि का लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। टैरिफ ऑर्डर में आयोग ने बिजली कंपनियों के 4500 करोड़ रुपये के गैप को खारिज कर दिया है। परिषद ने इसका लाभ भी उपभोक्ताओं को दिए जाने की मांग उठाई है। आयोग ने 2020-21 के लिए कुल दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) 70,792 करोड़ की जगह केवल 65,175 करोड़ रुपये ही अनुमोदित किया है। वहीं 17.90% वितरण हानियों को खारिज करते हुए 11.54 प्रतिशत अनुमोदित किया है। पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने जो ट्रांसमिशन टैरिफ 34 पैसा प्रति यूनिट प्रस्तावित किया था, उसे आयोग द्वारा केवल 23 पैसा प्रति युनिट अनुमोदित किया है।


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Tuesday, November 10, 2020

KGMU के डॉक्टरों ने पेट से जुड़े जुड़वां बच्चों को किया अलग, 9 घंटे चली सर्जरी

लखनऊ लखनऊ के केजीएमयू के डॉक्टरों ने सर्जरी कर पेट से जुड़े जुड़वा बच्चों को अलग किया। पांच विभाग के डॉक्टरों की टीम ने करीब नौ घंटे तक ऑपरेशन किया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों के जुड़े अंगों को बिना किसी नुकसान के अलग करना काफी मुश्किल था। सर्जरी के बाद दोनों बच्चों को आईसीयू में रखा गया है। कुशीनगर निवासी मजदूर दंपती को 19 नवंबर 2019 को जुड़वां बच्चे हुए थे। गोरखपुर के अस्पताल में जन्मे बच्चे पेट से जुड़े हुए थे। जन्म के समय बच्चों को अलग करने के लिए सर्जरी नहीं की जा सकी। बच्चों की बढ़ती उम्र के साथ समस्या बढ़ने लगी। कई बड़े अस्पतालों में दिखाने के बाद डॉक्टरों ने एक साल के होने के बाद सर्जरी कराने की सलाह दी। लॉकडाउन होने के कारण दंपती आर्थिक संकट में आ गया। लोगों की मदद से केजीएमयू पहुंचे। यहां के डॉक्टरों ने शिशुओं की जांचें की और रिपोर्ट के आधार पर सर्जरी का प्लान तैयार किया। कई डॉक्टर साथ आए सर्जरी के लिए गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. अभिजीत चंद्रा, कार्डियो वस्कुलर थौरोसिक सर्जरी विभाग के डॉ. अंबरीष कुमार, एनस्थीसिया विभाग के हेड डॉ. जीपी सिंह, डॉ. विनीता और डॉ. सतीश वर्मा के अलावा पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉ. एसएन सिंह समेत अन्य डॉक्टर साथ आए। करीब 9 घंटे तक टीम ने जटिल ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के बाद दोनों को अलग-अलग वेंटिलेंटर यूनिट पर रखा गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी करनी है। कंज्वॉइन ट्विंस है बीमारी विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे कंज्वाइन ट्विंस नाम की बीमारी से पीड़ित थे। इसमें बच्चे पेट व छाती में जुड़े हुए थे। लिवर का एक हिस्सा भी जुड़ा था। सर्जरी के बाद अंगों को अलग-अलग किया गया। छाती की हड्डी भी काटी गई है। अगले 24 घंटे दोनों शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।


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स्कैनिंग के लिए भेजी गईं 23 हजार फाइलें गायब, LDA ने दर्ज कराई FIR

लखनऊ लखनऊ विकास प्राधिकरण ()से स्कैनिंग के लिए भेजी गईं करीब 23 हजार फाइलें गायब हो गई हैं। इस मामले में स्कैनिंग करने वाली कंपनी राइटर के खिलाफ मंगलवार को गोमतीनगर थाने में दर्ज करवाई गई। एफआईआर के मुताबिक, ने 1,45,449 फाइलें स्कैनिंग के लिए दी थीं, लेकिन अब कंपनी सिर्फ 1,22,000 फाइलें होने की बात कह रही है। इसमें भी सिर्फ 49,846 फाइलें ही स्कैन हुई हैं और कई फाइलों के पन्ने फटे हैं या गायब हैं। एलडीए ने 10 फरवरी 2017 को राइटर कंपनी के साथ फाइल स्कैनिंग के लिए अनुबंध किया था। इसके बाद कंपनी के कर्मचारी एलडीए के लालबाग स्थित कार्यालय और गोमतीनगर मुख्यालय से फाइलें ले गए। एग्रीमेंट के मुताबिक, सारी फाइलें 10 जून 2017 तक स्कैन कर दी जानी थीं, लेकिन कंपनी अभी तक सिर्फ 49,846 फाइलें स्कैन कर सकी हैं। महीनों से भटक रहे आवंटी फाइलें गायब होने के कारण जरूरत पड़ने पर फाइल या दस्तावेज की कॉपी मांगने वाले आवंटियों को एलडीए के बाबू तारीख पर तारीख दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, मांगने के बावजूद कंपनी की ओर से फाइलें नहीं दी जातीं। विरोध के बावजूद कर दिया था टेंडर एलडीए की फाइलें निजी कंपनी के कार्यालय में भेजने पर कर्मचारी संघ ने विरोध किया था। उस वक्त संघ अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह ने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए वीसी, कमिश्नर और प्रमुख सचिव को पत्र भी लिखा था, लेकिन इन आपत्तियों को दरकिनार कर तत्कालीन वीसी सत्येंद्र सिंह ने हजारों फाइलें कंपनी के हवाले कर दीं।


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दिल्ली बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, बन रहे हेल्थ इमेरजेंसी जैसे हालात

अब पराली के धुएं से नहीं, मौसम में बदलाव से दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण

उपचुनाव में BJP की बंपर जीत से अखिलेश और मायावती को कितना दर्द, 2022 के लिए क्या सबक?

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दो दिन पहले कहा था कि उपचुनाव के नतीजे 2022 के चुनाव की दिशा तय करेंगे। मंगलवार को आए नतीजों में जो विपक्ष की नुमाइश रही है, अगर यही चुनाव की दिशा है तो 2022 में भी विपक्ष की सीट विपक्ष में ही सुरक्षित नजर आ रही है। दलित से लेकर ब्राह्मण वोटों की सियासत को लेकर उपजे विवाद, कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के आरोपों के बीच 7 में 6 सीटें जीतकर बीजेपी यह संदेश देने में सफल रही है कि जनता का उस पर भरोसा कायम है। उपचुनाव को आम तौर पर सत्ता का चुनाव माना जाता है, लेकिन 2018 में तीन सीटों पर हुए लोकसभा उपचुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी को मिली करारी हार ने यह मिथक तोड़ दिया था। इसलिए 7 सीटों पर हुए उपचुनाव को लेकर जहां बीजेपी काफी सतर्क थी वहीं विपक्ष उत्साहित। जिन 7 सीटों पर चुनाव हुए वे वेस्ट यूपी, बुंदेलखंड, सेंट्रल यूपी और पूर्वांचल सहित प्रदेश के सभी हिस्सों का प्रतिनिधित्व कर रहीं थीं। दूसरे बीजेपी के साथ सपा, बीएसपी और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख विपक्षी दल चुनाव मैदान में थे। इसलिए 2022 के आम चुनावों के पहले इस उपचुनाव को सत्ता के सेमीफाइनल और योगी सरकार के काम-काज की परीक्षा के तौर पर पेश किया जा रहा था। शीर्ष नेतृत्व बनाम प्रत्याशियों के जिम्मे उपचुनाव के नतीजों के महत्व को देखते हुए सत्तारुढ़ बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर आम कार्यकर्ता तक चुनाव में पूरी जी-जान से लगा रहा। सभी 7 सीटों पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ सभाएं कीं। प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने खुद चुनाव प्रबंधन की हर सीट पर बैठकें की। उपमुख्यमंत्रियों की रैलियां हुईं तो मंत्रियों को कैंप करवाया गया। देवरिया में सतीश द्विवेदी, बांगरमऊ में ब्रजेश पाठक और महेंद्र सिंह नियमित तौर पर लगे रहे। ऐसे में मुश्किल दिख रही तस्वीर को बीजेपी शानदार जीत में पलटने में सफल रहीं। दूसरी ओर, उपचुनाव को 2022 की दिशा बता रहे सपा मुखिया अखिलेश यादव प्रत्याशियों के पक्ष में प्रेस में दिए बयानों तक ही सीमित रहे। बसपा प्रमुख मायावती भी घर से नहीं निकलीं। वहीं, कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने उपचुनाव भर यूपी का रुख ही नहीं किया। ऐसे में विपक्षी प्रत्याशी अपनी ताकत और मेहनत के भरोसे ही रहे। जमीन से विपक्ष के शीर्ष नेताओं की दूरी जीत से दूरी में बदल गई। जीत से साधे बीजेपी ने कई समीकरण उपचुनाव से मिली जीत से बीजेपी ने सरकार और संगठन पर उठ रहे तमाम सवालों के न केवल जवाब दिए हैं, बल्कि 2022 के लिए चुनावी हौसलों को और ताकत दी है। विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद प्रदेश में ब्राह्मण वोटों को लेकर सियासत गरमा गई थी। विपक्ष ने योगी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने की तोहमत लगाई थी। ब्राह्मण बहुल सीट देवरिया से 20 हजार वोटों से जीत हासिल कर बीजेपी ने साबित कर दिया कि ब्राह्मणों का उस पर भरोसा बरकरार है। कोरोना की आपदा से उपजे संकट में सरकार ने जनता की सेहत और सामाजिक सुरक्षा का दावा किया था, लेकिन विपक्ष इसे खोखला बता रहा था। हाथरस में हुई घटना पर पूर देश में बवाल मचा था। इसे भी दलित बनाम ठाकुर करने की पूरी कोशिश की गई थी। लेकिन, टूंडला और घाटमपुर की सुरक्षित सीट भी बीजेपी शानदार अंतर से जीतने में सफल रही। जाहिर है इन नतीजों को सरकार व संगठन और मजबूती से अपने काम-काज पर जनविश्वास के मुहर के तौर पर पेश कर सकेगा। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर स्वतंत्र देव सिंह के सामने यह पहली बड़ी परीक्षा थी। नतीजे उनकी सांगठनिक पकड़ को और मजबूत बनाएंगे। सपा : गढ़ बचा पर मुश्किलें अब भी खुद को 2022 के सत्ता का दावेदार बता रही समाजवादी पार्टी मलहनी की अपनी परंपरागत सीट संघर्ष के बाद बचाने में सफल रही पर जीत का अंतर घट गया। उन्नाव की बांगरमऊ सीट पर सपा जहां 2017 में दूसरे नंबर पर थी, वहीं इस बार तीसरे नंबर पर खिसक गई। सपा के लिए इसलिए भी इसे झटका माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव के ठीक पहले उन्होंने कांग्रेस की कद्दावर नेता अनु टंड सहित कई कांग्रेसियों को पार्टी जॉइन करवाई थी। बुलदंशहर सीट सपा ने गठबंधन में आरएलडी को दी थी, जिसकी जमानत जब्त हो गई। हालांकि, उपचुनाव में सपा को 23 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं, लेकिन बीजेपी से यह करीब 13 फीसदी कम हैं। जानकारों का कहना है कि विभाजित विपक्ष में इस अंतर को पाटने के लिए सपा को अपनी साइकल एक्सप्रेस-वे से उतारकर गांव की पगडंडियों की ओर बढ़ानी होगी और शीर्ष नेतृत्व को 'वर्क फ्रॉम होम' छोड़कर फील्ड पर निकलना होगा। हालांकि, सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी मानते हैं कि बिना किसी प्रचार के भी सपा ने अपनी सीट सुरक्षित रखी है। उनका आरोप है कि बीजेपी को जीत नहीं मिली, बल्कि सत्ता का भरपूर दुरुपयोग कर सीएम और मंत्रियों ने अपनी कुर्सी बचाई है। सपा पूरी तैयारी के साथ 2022 चुनाव में उतरेगी और जनता का उसे समर्थन मिलेगा। बीएसपी: बेस के बाद भी रेस से दूर उपचुनाव से आम तौर पर परहेज करने वाली बीएसपी ने 18 फीसदी से अधिक वोट बटोरे हैं। बीजेपी से नजदीकी के आरोपों और पार्टी से खिसकते नेताओं के बीच बीएसपी ने साबित कर दिया कि उसने अपना बेस बचाकर रखा है। लेकिन, जीत की रेस से वह अब भी काफी दूर हैं। बुलंदशहर में 2017 की तरह इस बार भी बीएसपी दूसरे नंबर पर रही लेकिन घाटमपुर में उसे कांग्रेस ने पीछे छोड़ दिया। मलहनी में बीएसपी तीसरे से चौथे नंबर पर खिसक गई। 2022 में जिस बीजेपी से उसको लड़ाई लड़नी है, उसका वोट प्रतिशत बीएसपी का दोगुना है। इसलिए पार्टी को दलित वोटों के बेस में अन्य वर्गों के वोट का जोड़ बढ़ाना होगा। जानकारों का कहना है कि पार्टी प्रमुख मायावती सहित दूसरे आलाकमान को जनता के बीच सक्रियता बढ़ानी होगी। आलाकमान कल्चर से अस्तित्व तो बचा रहेगा पर प्रासंगिकता नहीं। कांग्रेस : चेहरों की चमक जमीन पर बेअसर पार्टी के शीर्ष चेहरों के दौरों और आक्रामक आरोपों से उम्मीद तलाश रही कांग्रेस के लिए इनकी चमक अभी जमीन पर बेअसर ही दिख रही है। चुनाव को लेकर पार्टी कितनी गंभीर थी, इसे इससे समझा जा सकता है कि टूंडला में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा तक खारिज हो गया। कांग्रेस को अपने बूते 7.50 फीसदी वोट मिले हैं। उन्नाव व घाटमपुर में कांग्रेस मुख्य प्रतिद्वंदी बनकर उभरी लेकिन बाकी चार सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई। इससे साफ है कि पार्टी के कर्णधारों को औपचारिक दौरों से बाहर निकलकर यूपी को स्थायी ठिकाना बनाना होगा। संगठन के कील-कांटे दुरुस्त करने होंगे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शानदार जीत के बाद कहा, 'मोदी-योगी की लोकप्रियता और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम के चलते शानदार जीत मिली है। सीएम योगी ने 24 घंटे परिश्रम कर प्रदेश के हर नागरिक का कोरोना काल में ध्यान रखा, जिस पर जनता ने अपनी मुहर लगाई। मैं भाजपा के जानदार और शानदार कार्यकर्ताओं को नतमस्तक होकर आभार व्यक्त करता हूं।'


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लखनऊ, नोएडा, कानपुर...UP के 13 जिलों में पटाखों पर बैन, बाकी जिलों में ये शर्तें

लखनऊ पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा और दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश में भी सरकार ने पटाखे जलाने पर बैन लगा दिया है। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी किए गए आदेश में 13 जिलों में पूरी तरह पटाखे जलाने पर बैन है जबकि अन्य जिलों में अब सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकेंगे। एनजीटी के आदेश के बाद सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। पटाखे बैन का आदेश फिलहाल 30 नवंबर तक जारी रहेगा। 30 नवंबर के बाद सरकार आगे समीक्षा के बाद फैसला लेगी। नैशनल ग्रीन ट्राइब्‍यूनल (NGT) ने एक आदेश में कहा था कि देश के जिन राज्यों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी 'खराब' की श्रेणी में बनी हुई है, उन राज्यों और शहरों में भी 9 नवंबर की मध्यरात्रि से लेकर 30 नवंबर की मध्यरात्रि तक पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर प्रतिबंध से जुड़ा NGT का आदेश लागू होगा। जिन शहरों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉडरेट है, वहां सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते हैं। 30 नवंबर तक रहेगा बैन ओडिशा और राजस्थान से इसकी शुरुआत हुई। बाद में दिल्ली सरकार ने भी यहां 7 नवंबर से लेकर 30 नवंबर के बीच पटाखे जलाए जाने पर बैन लगा दिया। वेस्ट बंगाल में कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस को आदेश का सख्ती से पालन करवाने का निर्देश दिया है। ग्रीन क्रेकर्स बेचे जाने का आदेश आदेश में कहा गया है कि जिन जिलों में पटाखों पर बैन किया गया है, वहां के लोग दीपावली के दिन डिजिटल, लेजर आदि तकनीकि का प्रयोग करके दिवाली मना सकते हैं। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन जनपदों में एक्यूआई मॉडरेट या उससे बेहतर है वहां पर केवल ग्रीन क्रेकर्स ही बेचे जाएं। इन शहरों में लगा बैन मुजफ्फरनगर, आगरा, वाराणसी, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बागपत, बुलंदशहर।


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TRP स्कैम: रिपब्लिक टीवी से पहली गिरफ्तारी, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट 13 तक सलाखों के पीछे

मुंबई में अभी तक 11 लोग अरेस्ट हुए थे, पर मंगलवार को क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU ) ने इस केस में से पहली गिरफ्तारी की है। चैनल के डिस्ट्रीब्यूशन हेड घनश्याम सिंह को सुबह उनके ठाणे स्थित घर से अरेस्ट किया गया। बाद में एसीपी शशांक सांडभोर और सीनियर इंस्पेक्टर सचिन वझे की टीम ने उन्हें किला कोर्ट में पेश किया। मैजिस्ट्रेट ने घनश्याम सिंह को 13 नवंबर तक CIU की कस्टडी में भेज दिया। घनश्याम सिंह से अतीत में भी कई बार में पूछताछ हो चुकी है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, सिंह सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन हेड ही नहीं हैं, उनका ओहदा रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट का भी है। सिर्फ घनश्याम सिंह ही नहीं, टीआरपी केस में CIU रिपप्ब्लिक टीवी चैनल में टॉप रैंक के आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए बुला चुकी है। कुछ और चैनलों के कर्मचारी जांच के घेरे में पिछले महीने CIU ने कुछ आरोपियों की रिमांड अप्लिकेशन में जिन कुछ चैनलों के मालिकों/चालकों को वॉन्टेड दिखाया था, उनमें रिपब्लिक चैनल का भी नाम था। रिपब्लिक के अलावा न्यूज नेशन, WOW, फख्त मराठी, बॉक्स सिनेमा और महामूवी चैनल चैनल से जुड़े लोग भी जांच के घेरे में हैं। इस केस में अब तक कुल 12 लोग अरेस्ट हो चुके हैं। इनमें से दो आरोपी उमेश मिश्रा और आशीष चौधरी CIU के अप्रूवर भी बन चुके हैं। CIU ने कई दर्जन गवाहों के अब तक स्टेटमेंट लिए हैं। कई गवाहों के CRPC के सेक्शन 164 के तहत मैजिस्ट्रेट के सामने बयान लिए गए हैं, ताकि मुकदमे के दौरान वह कोर्ट में मुकर न सकें। जिनके घर बैरोमीटर लगाए गए थे, उनमें से भी कुछ के बयान दर्ज किए गए हैं। खास चैनल देखने के लिए दी जाती थी रकम उन्होंने माना कि उन्हें कुछ खास चैनलों को देखने के लिए रकम दी जाती थी, भले ही उनकी इन चैनलों को देखने में दिलचस्पी न हो। रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अरनब गोस्वामी साल 2018 के अलीबाग के खुदकुशी केस में पिछले सप्ताह गिरफ्तार हुए थे। इन दिनों वह नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं।


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Friday, November 6, 2020

फडणवीस की पत्नी ने पुकारा तो कंधे पर बैठ गया दुर्लभ 'टाइगर', यूं मिली नई जिंदगी!

मुंबई महाराष्ट्र राजभवन के केयरटेकर राकेश जाधव ने बीते दिनों एक मकाउ तोते को रेस्क्यू किया था। तोते के असली मालिक का पता लगा रहे राकेश उस समय हैरान रह गए जब उनके दरवाजे पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता और उनकी बेटी दिविजा खड़ी थीं। अमृता ने तोते को उसके नाम टाइगर कहकर पुकारा तो वह भी प्यार से उनके कंधे पर चढ़ गया। यह एक खूबसूरत मिलन था। अमृता ने बताया, 'हमें लगा था कि टाइगर मर गया है। कुछ दिन पहले मैं हमारे गार्डन में उसके साथ खेल रही थी। मैं आगे-आगे भाग रही थी और टाइगर मेरे पीछे थे। मेरा पैर फंस गया और मैं गिर गई और टाइगर आगे चला गया। इससे पहले कि वह पीछे मुड़ पाता, उसे कौवे और चीलों के झुंड ने घेरकर हमला करना शुरू कर दिया और वह मेरी आंखों के सामने से दूर हो गया।' अमृता ने बताया कि उन्होंने यह भयानक दृश्य देखा लेकिन कुछ नहीं कर सकीं। अफ्रीका के अमेजन इलाके में पाए जाते हैं मकाउ तोते फडणवीस फैमिली ने साउथ अफ्रीका के अमेजन इलाके में पाए जाने वाले इस विदेशी पक्षी को शहर के एक ब्रीडर से खरीदा था। अमृता ने बताया कि वह लॉकडाउन से पहले ही उनके घर आया था और अभी एक साल का है। उन्होंने बताया कि वह एक बार पहले भी उड़ गया था लेकिन फिर खुद से वापस आ गया। तोते के मालिक का पता लगाने के लिए वॉट्सऐप पर भेजे मेसेज बुधवार को राजभवन के केयरटेकर जाधव और विशाल को एक बड़ा, रंगीन पक्षी कौवों से घिरा हुआ दिखा, वह एवॉन अपार्टमेंट से लगे हुए कबूतर के जाल में उलझा हुआ था। दोनों केयरटेकर बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर चढ़े और पक्षी को रेस्क्यू कर लिया। दोनों ने मकाउ तोते को कुछ दिन के लिए निरीक्षण में रखा और इसके मालिक का पता लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप पर मेसेज भी भेजे। तोते से दोबारा मिलकर भावुक हो गईं अमृता शुक्रवार को अमृता फडणवीस मकाउ की पूछताछ के लिए आईं। राजभवन के पीआरओ उमेश काशिकर ने बताया, 'अमृता पूछ रही थीं कि किसी ने एक बड़े आकार वाले तोते को देखा हो। हमने उन्हें बताया कि हमें एक ऐसा ही तोता मिला है। उन्होंने जाधव के घर जाकर उसे देखने की बात कही। जब उन्होंने मकाउ को देखा तो वह रोने लगीं। उन्होंने उसे बुलाया और वह उनके पास दौड़कर आ गया।' तोते की कीमत 1 लाख रुपये से अधिक पक्षी वैज्ञानिक बिक्रम ग्रेवाल के अनुसार, भारत में विदेशी पक्षियों को घर पर पिंजड़े में रखना कानूनी रूप से वैध है लेकिन तोते को नहीं। मकाउ विदेशी और महंगे पक्षी होते हैं। इनकी कीमत 1 लाख रुपये से ऊपर होती है।


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10 दिनों तक चलेगी दिवाली स्पेशल बसें, लखनऊ से 900 अतिरिक्त बसों का होगा संचालन

लखनऊयूपी रोडवेज ने शुक्रवार को 12 से 21 नवंबर तक 900 दिवाली स्पेशल बसें चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान निगम के सभी चालकों व परिचालकों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। प्रदेश के आठ मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त एसी व साधारण बसें चलेंगी। अधिकारियों ने बैठक में यात्रियों की उपलब्धता तक अतिरिक्त बसों के संचालन का निर्णय लिया। रीजनल मैनेजर पल्लव बोस ने बताया कि लखनऊ से दिल्ली, शक्ति नगर, हरिद्वार, देहरादून, गोरखपुर, वाराणसी व सहारनपुर रूट पर स्पेशल वॉल्वो, स्कैनिया व जनरथ बसों का संचालन किया जाएगा। गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, झांसी व आगरा से पूर्वांचल के लिए नॉनस्टाप बसें भी चलेंगी। बगहा के लिए स्पेशल ट्रेन आजपूर्वोत्तर रेलवे ने बिहार जाने वालों की सुविधा के लिए शनिवार को लखनऊ जंक्शन से बगहा तक पूजा स्पेशल चलाने का निर्णय लिया है। हरिद्वार से लखनऊ होते हुए सहरसा और लखनऊ-सीतामढ़ी पूजा स्पेशल 10 नवंबर को चलाई जाएगी। इससे दिवाली में जाने वालों को खासी राहत मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार देर शाम तीनों ट्रेनों के संचालन के आदेश जारी कर दिए हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पीके सिंह ने बताया कि 05072 लखनऊ जंक्शन-बगहा पूजा स्पेशल शनिवार को शाम 06.45 बजे रवाना होगी। ट्रेन बादशाहनगर से शाम 07.20 बजे चलकर गोंडा, बस्ती, गोरखपुर और कप्तानगंज के होते हुए तड़के 3:30 बजे बगहा पहुंचेगी। इस ट्रेन में एसी, स्लीपर व टूएस दर्जे के यात्री सफर कर सकेंगे। 04202 लखनऊ-सीतामढ़ी स्पेशल 10 नवंबर को लखनऊ से रात नौ बजे रवाना होगी। गोरखपुर, सिवान, छपरा, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर होते हुए अगले दिन सुबह नौ बजे सीतामढ़ी पहुंचेगी। ट्रेन सीतामढ़ी जाएगी। इसमें एसी के साथ स्लीपर व सेकेंड क्लास सीटिंग के कोच होंगे। 10 नवंबर को दिल्ली से 04450 आनंद विहार-सीतामढ़ी पूजा स्पेशल रात 11.45 बजे चलकर अगली सुबह 6.45 बजे लखनऊ और गोरखपुर, सिवान, छपरा, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर होते हुए शाम 6.45 बजे सीतामढ़ी पहुंचेगी। चारबाग से हरिद्वार-सहरसा पूजा स्पेशल 11 कोउत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि हरिद्वार से सहरसा के लिए 10 नवंबर को स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। 04304 हरिद्वार-सहरसा स्पेशल रात 08.15 बजे चलकर लखनऊ सुबह 05.00 बजे और रात 10 बजे सहरसा पहुंचेगी। ट्रेन मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर, पटना, बरौनी और खगड़िया स्टेशनों पर भी रुकेगी। इस ट्रेन में एसी व टूएस दर्जे के यात्री भी सफर कर सकेंगे।


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आज से 30 नवंबर तक पटाखे ना छोड़ें, उल्लंघन किया तो 1 लाख रुपये का जुर्माना

लखनऊ में प्रदूषण का बुरा हाल, उत्तर प्रदेश के कई शहर सबसे प्रदूषित

लखनऊ राजधानी लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों में का बुरा हाल है। लखनऊ में छाई धुंध और हवा की कम रफ्तार के चलते शुक्रवार को प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंच गया। इसके साथ ही मुरादाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर सहित कई शहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। प्रदूषण के मामले में लखनऊ ने दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है। के एक्यूआई बुलेटिन के मुताबिक, लखनऊ का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 349 बहुत खराब से बढ़कर 447 गंभीर स्थिति में दर्ज हुआ। लखनऊ देश के तीसरे सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी में रहा। जानकारों का कहना है कि बीते दो दिनों से शहर में हल्की धुंध छाई है, वहीं हवा की गति भी बेहद कम है। इन सबके कारण प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। लखनऊ शहर के अलावा फतेहाबाद 466 एक्यूआई के साथ पहले और मुरादाबाद 457 एक्यूआई के साथ दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं बुलंदशहर में AQI 469 और बागपत में 464 रहा। इनके अलावा कानपुर 441, गाजियाबाद 433, ग्रेटर नोएडा 421, नोएडा 406, बागपत 403 एक्यूआई के साथ टॉप दस सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार रहे।


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