Friday, March 1, 2019

बडगाम MI-17 क्रैश में शहीद हुए कानपुर के दीपक की आखिरी फेसबुक पोस्ट देखकर सलाम करेंगे

बीते बुधवार को श्रीनगर के बडगाम में MI-17 चॉपर के क्रैश होने से शहीद हुए दीपक पांडे के परिवार में काफी दुख भरा माहौल है। दीपक का साल 2014 में एयर फोर्स में पायलट के पद पर सिलेक्शन हुआ था। दीपक की लास्ट फेसबुक पोस्ट को याद करके भावुक हुए दोस्तों ने बताया कि वे कितने ज्यादा दिलदार व्यक्ति थे।

तकनीकी खराबी केचलते बुधवार को कै्रश हुए चॉपर में उनके एक साथी भी शहीद हो गए हैं। दीपक की शहादत की खबर सुनते ही उनके पिता रामप्रकाश पांडे गश खाकर जमीन पर गिर गए। उनके बाकी सभी परिवार वाले भी खूब फूट-फूट कर रोनेे लगे। दीपक के पिता ने बताया कि मंगलवार की रात को ही उनसे बात हुई थी। लेकिन तब दीपक ने किसी मिशन के बारे में कुछ नहीं बताया था और वह 28 जनवरी को ही छुट्टियां मनाने को घर आया था।

दोस्त फेसबुक पोस्ट देखकर हुए भावुक

शहीद दीपक के दोस्तों का कहना है कि दीपक बहुत ही सरल और सौभ्य स्वभाव के व्यक्ति थे। दोस्तों को लेकर भी काफी ज्यादा दिलदार थे। ये हम नहीं कह रहे बल्कि उनका फेसबुक अकाउंट इसकी गवाही है। दीपक को अपने मन की बात अक्सर पंक्तियों में पिरोकर पोस्ट करने की आदत थी।

जो बात वह खुलकर नहीं बोल पाते थे वह उसे सोशल मीडिया के जरिए साझा कर देते थे। बता दें कि दीपक ने साल 2018 को 19 नवंबर के दिन फेसबुक पर अपना आखिरी पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि जिंदगी से कोई भी शिकवा नहीं।

इस पोस्ट ने सभी का दिल जीत लिया था। दीपक के इस पोस्ट के लिए उनके दोस्त और कई अन्य लोगों ने कमेंट्स भी किए थे। आदित्य और आकाश नाम के दो व्यक्ति जो दीपक के दोस्त थे उन्होंने बताया कि दीपक बहुत ही जिंदादिल इंसान थे उनके पास हर एक परेशानी का समाधान था लेकिन हमें नहीं मालूम था कि हमारा दोस्त इस तरह से हमें छोड़कर चला जाएगा।

दीपक की शादी के लिए बनवा रहे थे घर

कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में स्थित मंगला विहार में रहने वाले रामप्रकाश पांडे के इकलौते बेटे थे। अब उनके परिवार में केवल उनके मां-बाप ही रह गए हैं। शहीद दीपक के पिता ने बताया कि वह अपने बेटे की शादी के लिए घर बनवा रहे थे। जब वह जनवरी में छुट्टी पर घर आया तो उसने अपने कमरे का डिजाइन का काम भी देखा था।

आगे रामप्रकाश पांडे ने बताया कि वापस जाते समया उसने मुझसे कहा था कि पापा अपना और मां का ख्याल रखना मैं जल्दी वापस लौटूंगा। लेकिन मुझे ये उम्मीद नहीं थी कि बेटे की ऐसी भी खबर सुनने को मिल सकती है।

दीपक के पिता ने बताया कि वह बचपन से पढ़ाई में बहुत अच्छा था और उसका 12वीं करने के बाद ही सितंबर 2012में भारतीय वायु सेना में सिलेक्शन हो गया था। बता दें कि दीपक की पहली पोस्टिंग जामनगर में हई थी उसके बाद बाद उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में हुई थी।

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