श्रीनगर : केंद्र द्वारा ‘जमात-ए-इस्लामी जम्मू एंड कश्मीर’ संगठन पर पांच साल का प्रतिबंध लगाये जाने के बाद कानून व्यवस्था बिगड़ने के मद्देनजर अधिकारियों ने शुक्रवार को एहतियातन श्रीनगर के कई हिस्सों में प्रतिबंध लगा दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर के पांच पुलिस थाना अंतर्गत इलाकों में प्रतिबंध लगाये गये हैं।
उन्होंने कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत शहर के नौहट्टा, खानयार, रैनावारी, एमआर गंज और सफाकदल पुलिस थाना अंतर्गत इलाके में प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारी ने बताया कि ‘जमात-ए-इस्लामी’ पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले के बाद शांति बिगड़ने और किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये एहतियात के तौर पर यह प्रतिबंध लगाया गया है। कुछ दिन पहले पुलिस की व्यापक कार्रवाई में इस संगठन के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
केंद्र ने बृहस्पतिवार को आतंकवाद रोधी कानून के तहत जमात-ए-इस्लामी जम्मू एंड कश्मीर संगठन पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया। केंद्र ने इस आधार पर इस संगठन को प्रतिबंधित किया है कि उसके नेता और कार्यकर्ता आतंकवादी संगठन के ‘‘संपर्क’’ में थे और आशंका थी कि वे राज्य में ‘‘अलगाववाद को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधि’’ शुरू करने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के तहत संगठन को प्रतिबंधित करने संबंधी अधिसूचना जारी की। अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंध लगाये जाने के बाद किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिये घाटी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों को काफी तादाद में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने उदारवादी हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुक को भी नजरबंद कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस बीच एहतियात के तौर पर समूचे कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट स्पीड को कम कर दिया गया है।
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