गुड़हल के पेड़ से आप सभी वाकिफ तो होंगे ही और यह पेड़ आपको कहीं भी किसी भी जगह आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है। गुड़हल के फूल को भगवान पर भी चढ़ाया जाता है। यह पेड़ जितना देखने में खूबसूरत है उससे कहीं ज्यादा फायदेमंद भी है। क्या आप गुड़हल के फूल और पत्तों के फायदों के बारे में जानते हैं।

इसकी जड़ से लेकर फूल तक, हर एक चीज किसी न किसी बीमारी के लिए रामबाण है। एक तरफ गुड़हल के फूल और पत्ते बालों के लिए फायदेमंद हैं तो वहीं इसके पत्तों से कई तरह के हेल्थ प्रॉब्लम्स को ठीक किया जाता है।
चेहरे से मुंहासे व धब्बे दूर करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। इसके फूल की पत्तियों को पानी में पीसकर उसमें शहद मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है।

डायटिंग करने वाले या गुर्दे की समस्याओं से पीडित व्यक्ति अक्सर इसे बर्फ के साथ पर बिना चीनी मिलाए पीते हैं, क्योंकि इसमें प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण होते हैं।
मुंह में छाले होने पर गुड़हल के पत्ते चबाएं। जल्दी आराम मिलेगा।

यदि आप बालों को सुंदर और मजबूत बनाना चाहते हैं तो गुड़हल के ताजे फूलों को पीसकर बालों पर लगाएं।
गुड़हल के फूलों का उपयोग बालों को सुंदर बनाने के लिए भी किया जाता है। इसे पानी में उबाल कर सिर धोने से बालों के झडऩे की समस्या दूर हो जाती है। यह एक तरह का आयुर्वेदिक उपचार है।

गुड़हल का फूल शरीर की सूजन के साथ-साथ खुजली तथा जलन जैसी समस्याओं से भी राहत देता है। गुड़हल के फूल की ताजी पत्तियों को अच्छी तरह पीस कर सूजन तथा जलन वाली जगह पर लगाएं, कुछ ही मिनटों में समस्या दूर हो जाएगी।

गुडहल की चाय (हिबिस्कस टी) को हर्बल चाय, कॉकटेल या काढ़े के तौर पर लिया जाता है। इसके फूलों को सुखा कर उसकी हर्बल चाय बनाई जाती है। इन सूखे फूलों को पानी में उबालकर चाय तैयार की जाती है। कॉकटेल के लिए इसमें ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े मिलाए जाते हैं। इस चाय के सेवन से मोटापा कम किया जा सकता है। इसके अलावा यह मेमोरी और एकाग्रता भी बढ़ाता है। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही यह दिल के मरीजों के लिए भी अच्छी है।

गुडहल की चाय (हिबिस्कस टी) को हर्बल चाय, कॉकटेल या काढ़े के तौर पर लिया जाता है। इसके फूलों को सुखा कर उसकी हर्बल चाय बनाई जाती है। इन सूखे फूलों को पानी में उबालकर चाय तैयार की जाती है। कॉकटेल के लिए इसमें ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े मिलाए जाते हैं। इस चाय के सेवन से मोटापा कम किया जा सकता है। इसके अलावा यह मेमोरी और एकाग्रता भी बढ़ाता है। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही यह दिल के मरीजों के लिए भी अच्छी है।
from Punjab Kesari (पंजाब केसरी) https://ift.tt/2qkuiRw
No comments:
Post a Comment