देश में NRC को लेकर मचे हंगामे से सियासत पूरी तरह से गरमाई हुई है। सड़क से लेकर संसद तक इस बात पर हंगामा मचा हुआ है। मोदी सरकार द्वारा 40 लाख लोगों को अवैध करार दिए जाने के बाद से विपक्ष लगातार बीजेपी पर हमला कर रही है। वहीं सरकार कह रही है सबकुछ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुआ इसलिए कुछ भी गलत नहीं है। राज्यसभा में पिछले तीन दिन से इस मुद्दे पर हंगामा हो रहा है। इस बीजेपी सांसद परेश रावल ने विपक्ष पर तंज किया है। परेश रावल ने ट्विट पर तंज करते हुए लिखा कि 2019 का पहला रुझान आ गया है, ‘विपक्ष ”40 लाख ” वोटों से पीछे चल रहा है।’
2019 का पहला रुझान आ गया है
‘विपक्ष ”40 लाख ” वोटों से पीछे चल रहा है’
— Paresh Rawal (@SirPareshRawal) August 1, 2018
बता दें कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी एनआरसी का विरोध कर रही है। ममता ने बीजेपी पर एनआरसी के जरिए वोटबैंक की पॉलीटिक्स का आरोप भी लगाया है। बता दें कि एनआरसी मसले पर विपक्ष अपने सख्त रवैये को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को भी टीएमसी सहित दूसरे सांसदों ने राज्यसभा में काफी हंगामा किया। विपक्ष ने अमित शाह को अपनी बात खत्म करने का मौका नहीं दिया। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि असम हमारा पड़ोसी है और हम अपने पड़ोसी के साथ हो रहे अन्याय पर चुप नहीं बैठेंगे। उनका यह भी कहना है कि असम की तरह पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू होता है तो गृहयुद्ध छिड़ जाएगा और रक्तपात होगा।
गौरतलब है असम में सोमवार को नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन की दूसरी ड्राफ्ट लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया। जिसके मुताबिक कुल तीन करोड़ 29 लाख आवेदन में से दो करोड़ नवासी लाख लोगों को नागरिकता के योग्य पाया गया है, वहीं करीब चालीस लाख लोगों के नाम इससे बाहर रखे गए हैं। NRC का पहला मसौदा 1 जनवरी को जारी किया गया था, जिसमें 1.9 करोड़ लोगों के नाम थे। दूसरे ड्राफ्ट में पहली लिस्ट से भी काफी नाम हटाए गए हैं। नए ड्राफ्ट में असम में बसे सभी भारतीय नागरिकों के नाम पते और फोटो हैं। इस ड्राफ्ट से असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों को बारे में जानकारी मिल सकेगी।
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