Saturday, September 1, 2018

हड़ताली प्रदेश की छवि से सीएम नाखुश

देहरादून : हड़ताल पर हाईकोर्ट के आदेश पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज के समय में उत्तराखंड जैसे छोटे से प्रदेश की छवि भी हड़ताली प्रदेश के रूप में उभरकर आ रही है जो एक बड़ी समस्या है। सीएम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश देश में हड़ताल के रूप में देश का अग्रणी बन रहा है। आज प्रदेश में विभिन्न गैर-सरकारी और सरकारी संगठनों का आर्थिक पक्ष ही हड़ताल का कारण बनता जा रहा है। सीएम त्रिवेंद्र रावत ने हड़ताल पर गंभीरता जताते हुए साफ तौर पर कहा कि कोर्ट के फैसले का सरकार सम्मान करती है और हम अपने अधिकारियों व कर्मचारियों संगठनों से भी कहते हैं कि हड़ताल किसी भी समस्या का हल नहीं है।

किसी की कोई समस्या है तो वह बैठकर बात कर सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की जेब में जितना धन होगा उतना ही दिया सकता है। मुख्यमंत्री ने सभी सभी संगठनों से यही आशा की कि वो अपनी मांगों को सामने रखें न कि हड़ताल करें। बता दें कि प्रदेश में लगातार सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के हड़ताली रवैया को देखकर हाई कोर्ट ने सरकार को राज्य में हड़ताल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं।

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गौरतलब है कि हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश मनोज तिवारी की खंडपीठ ने कहा है कि हड़ताली कर्मचारी वेतन के हकदार नहीं हैं। जानकार लोगों का कहना है की आखिरकार क्यों सरकार इन कर्मचारियों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है? उनका कहना है कि अगर हर बार कोर्ट को ही दखल कर प्रदेश के सभी मामलों को सुलझाना है तो सरकार किस काम की ?



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