नई दिल्ली : इस वर्ष प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूह (डीजी) की 12 हजार से अधिक सीटें दाखिलों का इंतजार कर रही हैं। इसकी वजह कुछ और नहीं, बल्कि बच्चों द्वारा दाखिले के लिए रिपोर्ट न करना है। इस बार प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस और डीजी वर्ग की कुल 48122 सीटें उपलब्ध थीं, जिसमें से 12619 सीटें बच्चों द्वारा रिपोर्ट न करने, 1725 प्रतीक्षा में होने, 988 स्टेटस अपडेट न होने, 302 अस्थाई रूप से भर्ती होने और 1054 सीटें रिजेक्ट होने के कारण खाली पड़ी हैं।
यह आंकड़े चौथा ड्रा जारी होने से पहले के हैं। हालांकि बीते मंगलवार को जारी हुए चौथे ड्रा में 840 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं। इसके मुताबिक इन आंकड़ों में भले ही थोड़ा फेरबदल हुआ है, लेकिन बावजूद इसके करीब 10 हजार से अधिक सीटें अभी खाली पड़ी हैं। चौथा ड्रा जारी होने से पहले शिक्षा निदेशालय की प्राइवेट स्कूल ब्रांच (पीएसबी) के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मामले बच्चों द्वारा रिपोर्ट न किए जाने के हैं।
20% बच्चों को समझ नहीं आती पढ़ाई
नॉर्थ वेस्ट बी जिले में 420, वेस्ट बी में 311, साउथ वेस्ट बी में 298, ईस्ट में 200, साउथ ईस्ट में 280 और नॉर्थ वेस्ट ए जिले में 160 बच्चों ने रिपोर्ट नहीं की है। यहां तक कि कुछ अच्छे और प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूलों के पास भी अभिभावकों द्वारा बच्चों के दाखिले के लिए रिपोर्ट न करने का कोई ठोस कारण नहीं है।
– दिनेश बेदी
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