उत्तरकाशी : गंगोत्री धाम को प्रदूषण से बचाने के लिए मंदिर समिति ने प्लास्टिक में पैक धूप-अगरबत्ती और प्लास्टिक कवर वाले पत्तलों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यह रोक कपाट खुलने के दिन से प्रभावी हो जाएगी। बता दें कि सात मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने हैं। गंगोत्री धाम समिति के सदस्यों का कहना है कि एनजीटी ने गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक फरवरी 2016 में गोमुख से हरिद्वार तक प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद गंगोत्री और गोमुख में प्लास्टिक या पॉलीथिन पूरी तरह से प्रतिबंध है। इसे ध्यान में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया। समिति ने इस बारे में दुकानदारों और होटल व्यवसायियों को भी सख्त हिदायत दी है।
गंगोत्री धाम समिति अध्यक्ष सुरेश सेमवाल और सह सचिव राजेश सेमवाल ने बताया कि इस बैठक में गंगोत्री धाम में सर्वसम्मति से प्लास्टिक रैपर वाली धूप और अगरबत्ती तथा गोल्डन-सिल्वर प्लास्टिक कवर वाले पत्तलों पर रोक लगाए जाने का फैसला लिया गया है। स्थानीय दुकानदारों से इस प्रकार की सामग्री न बेचने के लिए सहयोग मांगा गया है। यदि दुकानदारों ने सहयोग नहीं किया तो अगले साल से जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।
पिछले साल तक श्रद्धालु पांच से दस रुपये वाली प्लास्टिक में पैक अगरबत्ती का इस्तेमाल पूजा-अर्चना में करते थे। मगर, इस्तेमाल नहीं होने पर यह सामग्री जला दी जाती थी। ऐसे में इससे निकलने वाली जहरीली गैस से पूरे वातावरण में विपरीत असर पड़ रहा था। इसलिए प्लास्टिक में पैक पूजन सामग्री पर रोक का निर्णय लिया गया।
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