मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में एक महीने से ज्यादा वक्त से चल रही उथल-पुथल की वजह से अब शहर के होटल कारोबार में उछाल देखी जा रही है। वित्तीय वर्ष की पहली दो तिमाही में अनुमान से कम बिजनस के बाद यह बदलाव आया है। सूबे की पूरी राजनीति उन होटलों के इर्द-गिर्द घूम रही है, जहां शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने अपने विधायकों को ठहराया है। एनसीपी और कांग्रेस के विधायकों को एकजुट रखने में शिवसैनिक मदद कर रहे हैं। रविवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य के साथ खुद उस रिजॉर्ट में पहुंचे, जहां एनसीपी विधायकों को रखा गया है। इस दौरान उद्धव ने शरद पवार से मुलाकात भी की। 12 नवंबर के बाद 'होटल पॉलिटिक्स' 12 नवंबर को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ और इसके बाद किसी संभावित खरीद-फरोख्त की कोशिश को नाकाम करने के लिए पार्टियों ने अपने विधायकों को होटलों में ले जाना शुरू कर दिया। बहुमत परीक्षण से पहले विधायकों को पाले में रखने के लिए लामबंदी तेज हो रही है। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन विधायकों को एकजुट रखने के लिए कमर कस चुका है। इसकी वजह से शहर के होटलों में विधायकों की आवाजाही तेज हो गई है। पढ़ें: 'मुंबई के होटलों में अप्रत्याशित कारोबार' द फर्न चेन का संचालन करने वाले कॉन्सेप्ट हॉस्पिटैलिटी के एमडी परम कन्नापिल्लई का कहना है, 'मुंबई के कुछ होटलों में अप्रत्याशित कारोबार हुआ है, जो बहुत अच्छा है।' शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ने अपने अधिकांश विधायकों को बाहर रखने की बजाय शहर के होटलों में ठहराया है, जिससे बहुमत परीक्षण के दौरान जल्द विधानसभा पहुंचाया जा सके। विधायकों को मुख्य रूप से उपनगरों में स्थित होटलों में रखा गया है, जिनमें दक्षिण मुंबई के होटलों की तुलना में ज्यादा कमरे हैं। तीनों होटलों में कड़ी सुरक्षा एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के विधायक जिन होटलों में ठहरे हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रविवार देर शाम तक शिवसेना ने नए-नवेले 303 कमरों वाले लेमन ट्री प्रीमियर में अपने 55 विधायक रखे थे। वहीं, एनसीपी ने 401 कमरों वाले हयात रीजेंसी में अपने विधायकों के ठहरने का इंतजाम किया है। कांग्रेस ने अपने 44 विधायकों के लिए जेडब्ल्यू मैरियट होटल में टिकने की व्यवस्था की है। इससे पहले शिवसेना के विधायक द ललित और एनसीपी के विधायक द रेनेसां होटल में रुके हुए थे। पुलिस उपायुक्त मंजूनाथ सिंघे ने बताया कि सहार और पवई थाना क्षेत्र के जवानों के साथ ही रिजर्व पुलिस बल के जवानों को ललित होटल के बाहर तैनात किया गया है। इसके अलावा होटलों के चेक-इन ज्यादातर वीकेंड में हो रहे हैं, जब बड़े होटलों में आमतौर पर कॉर्पोरेट मेहमानों की तरफ से कमरों की डिमांड बढ़ जाती है। लग्जरी होटलों के कारोबार में तेजी दर्ज की जा रही है, क्योंकि राजनीतिक पार्टियों को विधायकों की छोटे होटलों में रूम शेयर करने की शिकायत का भी ध्यान रखना है। एक-दूसरे के विधायकों पर नजर रख रहे कार्यकर्ता अपने विधायकों को कथित खरीद-फरोख्त का शिकार होने से बचाने के लिए शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी फिलहाल जो कर रही हैं, कुछ दिनों पहले तक उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। एक-दूसरे के साथ दोस्ती दिखाते हुए तीनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक-दूसरे के विधायकों पर नजर रख रहे हैं, जिन्हें मुंबई के तीन अलग-अलग होटलों में रखा गया है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने रविवार को ललित होटल में अपने विधायकों से मुलाकात की और उन्हें राज्य में शिवसेना की सरकार बनने का भरोसा दिलाया। ठाकरे ने कहा कि बीजेपी के पास बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। इसके ठीक बाद उद्धव रेनेसां होटल गए, जहां उन्होंने शरद पवार के साथ एनसीपी विधायकों को संबोधित किया। दोनों नेताओं के एनसीपी विधायक धनंजय मुंडे से भी बात करने की खबर है। अजित पवार ने धनंजय मुंडे के घर पर ही बीजेपी के साथ जाने की योजना बनाई थी। हालांकि शनिवार की शाम धनंजय मुंडे वापस शरद पवार के खेमे आ गए। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के कार्यकर्ता मुस्तैद कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने बताया, 'बीजेपी हमारे विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। यहां तक जिन होटलों में हमारे विधायक रुके हुए हैं, वे वहां रूम भी बुक कर रहे हैं ताकि हमारे विधायकों के साथ संपर्क कर सकें। हालांकि उन्हें सफलता मिलने वाली नहीं है।' कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के कार्यकर्ता बीजेपी की ओर से संपर्क साधने के किसी भी तरह के संभावित प्रयास को लेकर इतने मुस्तैद हैं कि उन्होंने रेनेसां में सादी वर्दी में आए दो पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनसे होटल में आने के मकसद को लेकर पूछताछ की। कुछ एनसीपी नेताओं ने पुलिस पर विधायकों की जासूसी करने का आरोप लगाया। बीजेपी ने बनाई रणनीति, 4 नेताओं को लगाया इस बीच बीजेपी ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें पार्टी ने दावा किया कि वह विश्वास मत हासिल करने की रणनीति में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के विधायकों को पाले में लाने के लिए 4 सदस्यों की एक टीम भी बनाई है। इसमें बबनराव पचपुते, गणेश नाइक, नारायण राणे और राधाकृष्ण पाटिल का नाम शामिल है। विधानसभा चुनाव से पहले ये सभी नेता कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे।
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