नई टिहरी : उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि टिहरी झील महोत्सव की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि टिहरी झील बहता हुआ सोना है। यहां नया पर्यटन शहर बसाया जाएगा। यहां पर मास्टर प्लान से नया शहर बसाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि टिहरी झील एकेडमी का नाम अब एवरेस्ट विजेता दिनेश सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की घोषणा की। टिहरी झील एक अनमोल धरोहर है जिसमें लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता हैं, इस झील में मुझे उत्तराखण्ड के बच्चों का भविष्य नजर आता है इसी कल्पना के साथ यह झील महोत्सव मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश को पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित करना है, खर्चीलें टूरिस्ट यहां आने चाहिए। टिहरी बांध के समीप कोटी कालोनी में आयोजित तीन दिवसीय टिहरी लेक महोत्सव-2019 का द्वीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनता को टिहरी लेक महोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि नई टिहरी क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। डोबरा-चांठी पुल के निर्माण के बाद टिहरी के दोनों ओर होटल, रिजोर्ट एवं शिक्षण संस्थान बनेगें।
श्री रावत ने कहा कि टिहरी में आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक मुश्त ही रूपये 88 करोड़ डोबरा-चांठी पुल निर्माण के लिए अवमुक्त किये हैं। ऑलवेदर रोड़ पर भी कार्य चल रहा है। उन्होने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ऑलवेदर रोड़ के बनने के बाद ऋषिकेश से नई टिहरी पहुंचने में मात्र डेढ घण्टे का समय लगेगा। श्री रावत ने बताया कि टिहरी झील में सी प्लेन उतारने के लिए भारत सरकार द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, शीघ्र ही टिहरी झील में सी प्लेन उतारा जायेगा।
अगले आने वाले 10-15 वर्षो में टिहरी का एक नया स्वरूप दिखेगा जो निश्चित रूप से दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत द्वारा मां राजेश्वरी महिला स्वयं सहायता समूह को सिलाई व्यवसाय, जागृति महिला वचन समूह को डेरी व्यवसाय एवं भगवती महिला स्वयं सहायता समूह को अगरबत्ती उद्योग विकसित करने के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर रूपये पांच-पांच लाख के ऋण चेक वितरित किये गये।
इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्षो से अभिनव प्रयास किये जा रहे है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि शासन की सोची समझी रणनीति के तहत ही टिहरी लेक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का मकसद टिहरी झील क्षेत्र की सूरत बदलना है। इस महोत्सव के माध्यम से देश-विदेश के यात्रियों का ध्यान टिहरी क्षेत्र की ओर आकर्षित करना है जिसके लिए शासन और प्रशासन कार्य कर रहा है।
– प्रमोद चमोली
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