नई दिल्ली से रिहा होने वाले कैदियों के परिवारवालों को सुविधा देने के आरोप में जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट (AS) को बर्खास्त कर दिया गया है। असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट पर आरोप है कि जेल से रिहा होने वाले कैदियों को लेने आने वाले परिवारवालों को बिना परमिशन के जेल के एक ऑफिस में बैठा लिया, जबकि यह कानूनन गलत था। इसकी विडियो भी जेल प्रशासन के हाथ लग गई। इसके बाद एएस को डिसमिस कर दिया गया। तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मामला तिहाड़ के सीपीआरओ गेट नंबर-3 का है। 10-12 दिन पहले आरोपी एएस ने यहां से रिहा हो रहे एक के दो-तीन परिजनों को जेल के अंदर एंट्री करा दी। इसके बाद इन लोगों को इसने उस जगह बैठाया जहां तक जाने की इन्हें इजाजत ही नहीं थी। मामले की शिकायत तिहाड़ जेल मुख्यालय को कर दी गई। इसके बाद जांच कमिटी ने शुरुआती जांच में आरोप सही पाए। इसके बाद तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल और अडिशनल आईजी राजकुमार ने आरोपी को डिसमिस कर दिया। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले आरोपी क्या इस तरह से कितने लोगों को वीआईपी सुविधा दे चुका था। क्या इसके बदले वह उनसे रिश्वत लेता था। मामले की शिकायत मिलने पर जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने इससे इनकार कर दिया था। इसके बाद जेल हेडक्वॉर्टर ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की तो उसमें आरोपी एएस तिहाड़ के गेट के बाहर खड़ी भीड़ में से दो-तीन लोगों को अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दे रहा था। जेल अधिकारियों का कहना है कि बिना पूरी सुरक्षा जांच के किसी अजनबी को जेल के अंदर दाखिल कराना अपने आप में बड़ी गड़बड़ी है। इसलिए इसके खिलाफ यह एक्शन लिया गया। मामले में यह भी जांच कराई जा रही है कि क्या इसके साथ जेल का कोई और स्टाफ तो नहीं मिला हुआ है।
from Metro City news in Hindi, Metro City Headlines, मेट्रो सिटी न्यूज https://ift.tt/33Z9wtF
No comments:
Post a Comment