असंतुलित भोजन, चिंताओं से घिरे रहना, डिप्रेशन, लेट सोकर उठना या देर रात से सोना इन तमाम चीजों का हमारी पाचन क्रिया की कार्यक्षमता पर विपरीत असर पड़ता है। लेकिन इसका यह भी मतलब नहीं है कि यह एक ऐसी समस्या है जिसका कोई हल नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार हम अपने खानपान में परिवर्तन करके अपने स्वास्थ्य को सही रख सकते हैं और ऐसे में हमारे लिए खुश रहना और आसान हो जाता है।

अपने भोजन में रेशेदार भोज्य पदार्थों को शामिल करें। मैदा और चिपकने वाले खाद्य पदार्थ खाने की बजाय आटा, ब्रेड, नूडल्स, पास्ता जोकि गेहूं से बने हों उन्हें ही खाएं। इन तमाम चीजों में आटा होने के कारण फाइबर होता है जो हमारी पाचन क्रिया को सही रखने में सहायक होता है। इसके अलावा ज्यादा रेशेदार सब्जियां हमारी पाचन क्रिया को दुरुस्त करती हैं, उन्हें चाहे हम पकाकर खाएं या सलाद में यह हर रूप में पाचन क्रिया के लिए बेहतर साबित हो सकते है। गाजर, खीरा, मूली यह सभी पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद सब्जियां हैं। इनके अलावा अंकुरित अनाज, दालें खाने से भी पेट सही रहता है।

1.फल
सेब को छीलकर खाने की बजाय इसे छिलके समेत खाएं। संतरा, पपीता, अनानास, पके केले और लगभग सभी मौसमी फल हमारी पाचन क्रिया को सही रखते हैं। यह सभी फल पेट में जाकर ठंडेपन का एहसास कराते हैं और इनमें मौजूद फाइबर पाचन शक्ति को बढ़ाता है साथ ही भोजन को पचाने की क्रिया को तीव्र करता है।

2. अदरक
अदरक भोजन को न सिर्फ स्वादिष्ट बनाती बल्कि गैस और अपच को भी दूर करती है। आयुर्वेद में तो इसे हर दिन भोजन में शामिल करने की सलाह दी जाती है।

3. एलोवेरा
एलोवेरा एक कड़वी जड़ी बूटी है। इसका इस्तेमाल ज्यादा कब्ज होने की स्थिति में किया जाए तो यह शरीर के लिए लाभकारी होती है। इस पौधे के रस का असर शरीर में 10-25 घंटे के बाद दिखाई देता है। इसलिए अगर इसका जूस रात के समय पिया जाए तो सुबह के समय तक यह शरीर पर अपना प्रभाव जमा लेता है।

4.पोदीना
पोदीना ठंडक और आराम पहुंचाने वाला होता है। यह हमारी पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करता है। उल्टी और जी मिचलाने के एहसास को कम करता है। इसके अलावा लीवर और गालब्लेडर की क्रिया प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। यदि ज्यादा भोजन कर लिया जाए तो पोदीना उसे पचाने के लिए लाभदायक होता है।

5.दलिया
चपाती की जगह अपने भोजन में दलिये और चावल को शामिल करें। दलिये को कई तरह से बनाया जा सकता है। मसलन दलिये की पूडिंग, पुलाव, खिचड़ी बनायी जा सकती है। हरी सब्जियों को मिलाकर बना दलिया खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है।

6.घी
घी भी भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है उन्हें ज्यादा घी खाने से परहेज करना चाहिए। घी में चिकनाहट होती है। भोजन में अगर आधा चम्मच देसी घी डाल दिया जाए तो इससे भी हमें अपने हाजमे को दुरुस्त रखने में काफी मदद मिलती है।

from Punjab Kesari (पंजाब केसरी) http://bit.ly/2S2R80j
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