Friday, February 1, 2019

जमीनी हकीकत और समस्याओं के समाधान से दूर है सरकार का बजट : मायावती

बसपा अध्यक्ष मायावती ने मोदी सरकार के अंतिम बजट को जुमलों से भरा करार देते हुए इसे जमीनी हकीकत से दूर बताया है। वित्तमंत्री पीयूष गोयल द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा ‘‘सरकार का अन्तिम और चुनाव पूर्व अन्तरिम बजट जमीनी हकीकत और समस्याओं के समाधान से दूर एवं जुमलेबाजी वाला बजट है।’’

उन्होंने एक बयान जारी कर कहा ‘‘पिछले पाँच वर्षों के कार्यकाल में देश में आर्थिक असमानता की खाई बढ़ी है। इससे धन और विकास कुछ मुट्ठीभर धनकुबेरों के हाथ में सिमट गया है। यह इस सरकार की विफलता के अलावा गरीब और किसान विरोधी होने को भी प्रमाणित करता है।’’

मायावती ने कहा कि बीजेपी के बड़े वादों और दावों की जुमलेबाजी से देश की तकदीर नहीं बदल सकती है। इससे देश में लम्बे समय से जारी जर्बदस्त मंहगाई, गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी की समस्या समाप्त नहीं हो सकती है। अंतरिम बजट देश की जनता को मायूस और बेचैन करने वाला ही है।

गौरतलब है की वित्त मंत्री पीयूष गोयल आज लोकसभा में अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट से विभिन्न सेक्टरों को लेकर बड़े-बड़े फैसले लिए गए। वहीं इस बार 5 लाख तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं को सरकार ने पूरी कर छूट दी है। सरकार ने इस बजट में कई सौगातें दी है।

किसानों की परेशानियों को राहत देते हुए सरकार ने 6 हजार रुपये प्रति वर्ष की दर से मदद करने का ऐलान किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि ये ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ योजना शुरू की है। इसके तहत कमजोर और छोटे किसान को हर साल 6 हजार रुपए दिए जाएंगे ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके।

ये तीन किस्त 2 हजार -2 हजार रुपये मिलेंगे। ये पैसे सीधे किसानों के खाते में जाएंगे। इसकी 100 फीसदी सरकार फंडिंग करेगी। स्कीम एक दिसंबर 2018 से लागू होगी। इससे देश के 12 करोड़ किसान परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। तीन किस्तों में किसानों को मिलेगा योजना का लाभ मिलेगा।  इससे सरकार पर कुल 75 हजार करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा।



from Punjab Kesari (पंजाब केसरी) http://bit.ly/2Uu6vvC

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