लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते छह दिनों से मोबाइल इंटरनेट और मेसेज पर लगी पाबंदी आखिरकार बुधवार रात 8 बजे हटा ली गई। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। जियो ने शाम 6 बजे से ही डेटा नेटवर्क खोल दिया था। इसके कुछ देर बाद ही कैब की बुकिंग भी शुरू हो गई। ऐसे में क्रिसमस पर घूमने निकलने लोगों को भी काफी राहत मिली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन और हिंसक वारदातों के बाद गृह विभाग ने 19 दिसंबर की रात से लखनऊ सहित कई शहरों में मोबाइल इंटरनेट और मेसेज पर पाबंदी लगा दी थी। बाकी जिलों में यह रोक पहले ही हटा ली गई थी, लेकिन लखनऊ में यह रोक बुधवार शाम तक जारी रही। डीएम या एसएसपी की ओर से प्रतिबंध आगे बढ़ाने का कोई आदेश न मिलने पर मोबाइल ऑपरेटरों ने सेवाएं बहाल कर दीं। जिन लोगों के पास ब्रॉडबैंड और बीएसएनएल मोबाइल की सुविधा नहीं थी, वे छह दिनों से इंटरनेट के लिए तरस रहे थे। हजारों लोगों के जरूरी काम अटके रहे। इसके साथ कैब बुकिंग और ऑनलाइन फूड डिलिवरी भी बंद रही, लेकिन नेटवर्क खुलने के साथ ये सुविधाएं फिर शुरू हो गईं। मथुरा-मुजफ्फरनगर में अब भी पाबंदीप्रदेश में अभी मथुरा और मुजफ्फरनगर में मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी बरकरार है। मथुरा में बुधवार को अगले 24 घंटे के लिए रोक लगाई गई है तो मुजफ्फरनगर में 28 दिसंबर तक मोबाइल इंटरनेट बंद करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा सीतापुर में भी बुधवार शाम मौखिक रूप से मोबाइल इंटरनेट पर गुरुवार तक रोक लगाने को कहा गया है, हालांकि निजी ऑपरेटरों ने लिखित आदेश मिलने के बाद ही इंटरनेट बंद करने की बात कही है। घर-घर जाकर रीडिंग लेने के बाद भी ऐप से बिल जनरेट नहीं कर पाए रीडरशहर में छह दिन इंटरनेट बंद रहने के कारण बिजली मीटर रीडर अपने इलाकों में रीडिंग लेने के बाद भी बिल नहीं बना सके। लेसा इंजिनियरों के मुताबिक, रीडिंग के बाद मीटर रीडर ऐप के जरिए बिल जेनरेट करते हैं, लेकिन इंटरनेट न होने के कारण बिल नहीं बने। इस कारण सैकड़ों उपभोक्ताओं को समय से बिल नहीं मिले। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 4 किलोवॉट तक के घरेलू बकायेदारों को ब्याजमुक्त किस्तों में बिल जमा करने के लिए आसान किस्त योजना चलाई जा रही है। इंटरनेट बंद होने से ऐसे कई उपभोक्ता योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं करवा सके। 6 दिन नहीं निकले चालान, राजधानी में 25% कोटेदार ही करवा सके राशन उठानशहर में इस महीने राशन वितरण में देरी हो सकती है। दरअसल, 6 दिन इंटरनेट बंद रहने के कारण कोटेदार न तो चालान निकाल सके, न ही जमा कर सके। ऐसे में इस महीने अभी तक सिर्फ 25% कोटेदार ही राशन उठान करवा सके हैं। इस कारण लोगों को राशन मिलने में देरी हो सकती है, हालांकि जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी निश्चल आनंद का कहना है कि समय से राशन वितरण की पूरी कोशिश की जा रही है।
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