विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद में शुक्रवार को विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर वहीं बनेगा जहां राम का जन्म हुआ, उन्हीं शिलाओं और ईटों से बनेगा जो पूजित हुई हैं और उसी मॉडल पर बनेगा जो देशभर के घरों में पूजित हुआ है। यहां कुम्भ मेला क्षेत्र में विहिप के शिविर में चल रही धर्म संसद को संबोधित करते हुए आलोक कुमार ने कहा कि जो शक्तियां कई पीढ़ियों तक शत्रु थीं, अब वे संधि करके हिंदुओं के खिलाफ षडयंत्र कर रही हैं।
आलोक कुमार ने कहा, ‘‘हमारी 42 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि न्यास की है और न्यास के अध्यक्ष ने जब सरकार को पत्र लिखकर इसे लौटाने की मांग की तो प्रधानमंत्री ने इस पत्र के भेजे जाने के 15 दिन के भीतर त्वरित कार्रवाई करके सुप्रीम कोर्ट में इसके लिए अर्जी दी और भूमि लौटाने की अनुमति मांगी।’’ आलोक कुमार ने कहा, ‘‘हम इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हैं।’’
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा में राम मंदिर पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा नृत्यगोपाल दास समेत कई अन्य धार्मिक गुरु भी इसमें शामिल हो रहे हैं। गोरक्षा और गंगा पर भी मंथन होगा।
वीएचपी की धर्मसंसद से पहले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की अध्यक्षता में हुई परम धर्म संसद ने मामले को और तेज कर दिया है। परम धर्मसंसद ने प्रयागराज कुंभ से बुधवार को राम मंदिर बनाने का ऐलान किया और कहा कि 21 फरवरी को साधु संत इसका शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद पूरी पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने बताया कि सीएम उनके पास राम मंदिर के लिए समर्थन मांगने आए थे। शंकराचार्य ने अपना पक्ष मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कोर्ट का हवाला देकर कहा कुछ सीमाएं हैं। शंकराचार्य ने इस प्रकरण पर अब तक की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा है कि मंदिर निर्माण जल्द हो।’
from Punjab Kesari (पंजाब केसरी) http://bit.ly/2sXYK5g
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