भारतीय वायुसेना द्वारा मंगलवार को नष्ट किया गया बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी शिविर पाकिस्तान के खैबर पख्तुनख्वा प्रांत में कुन्हर नदी के किनारे स्थित था और इसका इस्तेमाल हिजबुल आतंकवादी समूह द्वारा भी किया गया था। यह जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी। बालाकोट शिविर जैश-ए मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों का एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षिण शिविर था और इसमें प्रशिक्षण लेने वाले आतंकवादियों के रहने और उनके प्रशिक्षिण के लिए सुविधाएं थीं।

सूत्रों के मुताबिक यह जैश-ए-मोहम्मद का ट्रेनिंग कैम्प था। कुन्हर नदी के किनारे स्थित बालाकोट शिविर जलीय प्रशिक्षण की सुविधा मुहैया कराता था और वहां सैकड़ों आतंकवादी रहते थे। सूत्रों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट की कुछ तस्वीरें सामने आई है।

वायुसेना मिराज ने आज पाकिस्तान के बालाकोट में गोला बारूद डंप को ध्वस्त किया। डंप किए गए हथियारों में 200 से अधिक एके राइफल, बेशुमार राउंड हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक और डेटोनेटर थे। घने जंगलों के बीच बने इस आतंकी कैम्प में सुसाइड अटैक की ट्रेनिंग दी जाती थी।

कैंप के पास की सड़को पर यूएसए, यूके और इज़राइल जैसे के देशों के झंडे बने हुए दिखाई दिए। सूत्रों ने हवाई हमलों में लक्षित जैश-ए मोहम्मद के गुर्गों की तस्वीरें भी जारी की है।

ये तस्वीरें मौलाना अम्मार, मौलाना तल्हा सैफ़ मौलाना, मुफ्ती अजहर खान, इब्राहिम अजह की है। इब्राहिम अजहर मसूद अजहर का बड़ा भाई, जो IC-814 अपहरण में भी शामिल था।
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