सियासतदानों ने गरीबों के निवाले की थाली का इस्तेमाल भी वोट बैंक की तरह किया। लोकप्रियता हासिल करने के लिए तमाम राजनीतिक दलों ने सार्वजनिक जगहों पर सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू तो की लेकिन उनमें हमेशा से निरंतरता का अभाव रहा।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/3rw0bFp
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