Saturday, August 24, 2019

अब 'साइकल' की सवारी की तैयारी में राजभर

लखनऊ साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) की अब से नजदीकी बढ़ रही है। प्रमुख की हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष से मुलाकात हुई, जिसे नए गठबंधन की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। बीएसपी के अलग होने के बाद एसपी और आरएलडी अब भी गठबंधन का हिस्सा हैं। सूत्रों का दावा है कि अखिलेश और ओम प्रकाश राजभर के बीच विधानसभा उपचुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें राजभर ने उपचुनाव के लिए तीन सीटों की मांग रखी। पिछड़ा वोटबैंक जुटाने की कोशिश एसपी हो या फिर एसबीएसपी, दोनों का वोट बैंक पिछड़ा वर्ग है। एसपी के साथ जहां यादव वोटर हैं, वहीं एसबीएसपी अति पिछड़ी जातियों की राजनीति करती है। इन्हीं अति पिछड़ी जातियों को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए एसबीएसपी आरक्षण के वर्गीकरण की मांग करती आई है। इनमें 17 प्रमुख जातियां वे हैं, जिन्हें पिछले दिनों अनुसूचित जाति में शामिल करने का आदेश जारी किया गया था। प्रदेश में इन जातियों (निषाद, बिंद, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, धीवर, बाथम, मछुआरा, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा और गौड़) की आबादी करीब 13.63 फीसदी है। चुनावों में इन जातियों का रुझान जीत की दिशा तय कर सकता है। एसबीएसपी और एसपी दोनों के नेता जानते हैं कि उनका वोटबैंक एक हो जाए, तो बीजेपी को रोका जा सकता है। RLD ने भी दावा ठोका एसबीएसपी महासचिव अरुण राजभर की मानें तो अखिलेश से ओम प्रकाश राजभर की शुक्रवार को हुई मुलाकात सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि अभी सीटों को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन हमारी पार्टी जलालपुर, बलहा सहित तीन सीटों पर चुनाव की तैयारी में है। इन क्षेत्रों में हम जनसभाएं कर रहे हैं। अभी एसपी और एसबीएसपी दोनों को प्रांतीय कमिटियों का गठन करना है। गठन होने के बाद सीटों पर चर्चा होगी। उधर, आरएलडी भी विधानसभा उपचुनाव में मध्य यूपी की एक और पश्चिमी यूपी की दो सीटें अपने लिए मांग रही है। पार्टी प्रवक्ता अनिल दुबे का कहना है कि आरएलडी और एसपी मिलकर उपचुनाव लड़ेंगे। सीटों का फैसला जल्द शीर्ष नेताओं की बैठक में कर लिया जाएगा। दोनों को एक-दूसरे की जरूरत यूपी में बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए लंबे अरसे तक एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे एसपी और बीएसपी ने गठबंधन कर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन से 2014 में शून्य पर सिमट गई बीएसपी को दस सीटें मिलीं, जबकि एसपी पांच सीटों से आगे नहीं बढ़ सकी। चुनाव के बाद यह गठबंधन भी टूट गया। उधर, लोकसभा चुनाव में एक भी सीट न मिलने पर एसबीएसपी ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला। इसका परिणाम यह रहा कि लोकसभा चुनाव के बाद ओम प्रकाश राजभर को योगी मंत्रिमंडल से बाहर कर बीजेपी ने एसबीएसपी से गठबंधन खत्म कर लिया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी से सामना करने के लिए एसपी और एसबीएसपी दोनों को एक-दूसरे की जरूरत थी। बीजेपी पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप इस बीच ओम प्रकाश राजभर ने बीजेपी पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीजेपी 500 साल पुराना संत रविदास का मंदिर तोड़ रही है और हजारों साल पुराने राम मंदिर को बनवाने की मांग करती है। वहीं, योगी सरकार में मंत्रियों से इस्तीफे लिए जाने पर भी उन्होंने निशाना साधा।


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