नई दिल्ली ये वो दौर है जब वॉट्सऐप पर फेक न्यूज और निगेटिविटी फैलाने वालों की कमी नहीं है, लेकिन इसी सब के बीच एक ऐसा शख्स है जिसने यह ठान लिया है कि इसी वॉट्सऐप की मदद से वह समाज में जितनी हो सके पॉजिटिविटी फैलाएगा और फेक न्यूज फैलाने वालों को अपने अंदाज में सही खबरें भेजकर मात देगा। इस शख्स का नाम है शफीक उल हसन। जरा एक नजर डालिए कि शफीक का दिन कैसे शुरू होता है। वो रोज सुबह 5 बजे उठते हैं और मॉर्निंग वॉक के बाद अपने घर के एक कमरे में बैठ जाते हैं। शुरुआत होती है कुछ अखबारों के ई-पेपर खंगालने के साथ। वह रोज नैशनल लेवल के अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू के 15-20 अखबार पढ़ते हैं। अब शुरू होता है अखबारों में से लोगों के काम की खबरों की क्लिपिंग निकालकर उन्हें स्कैन करने का दौर। हर हाल में 8 बजे से पहले 20 से 30 खबरें जमा करने के बाद वो रोज करीब ढाई हजार लोगों को ये क्लिपिंग भेजते हैं, ठीक 8 बजे। आज जब आप यह खबर पढ़ रहे होंगे तो यह 773वां दिन होगा जब शफीक बिना किसी छुट्टी के लगातार यह काम कर रहे हैं। आखिर यह कैसा जुनून है और क्यों? इसके जवाब में शफीक बताते हैं कि आज के दौर में जब पढ़ने-पढ़ाने का दौर खत्म सा होता जा रहा है यह और भी जरूरी हो जाता है कि लोग कम से कम अखबार तो पढ़ें, आखिर आज के अखबार कल की किताबें ही तो हैं। वह बताते हैं कि उन्हें तो अखबार पढ़ने का शौक शुरू से ही था लेकिन वह चाहते थे कि जो सही खबरें और लोगों के काम की जानकारियां है वो सब तक पहुंचें। शफीक कहते हैं कि यही वजह है कि मैं हर क्लिपिंग के साथ उस अखबार का नाम जरूर लिखता हूं क्योंकि आज के दौर में सिर्फ अखबार ही हैं जिनकी क्रेडिबिलिटी बनी हुई है। दूसरी तरफ वॉट्सऐप पर फेक और नफरत से भरी खबरें फैलाने का जो दौर चल रहा है वो भी जहनी तौर पर बेहद परेशान कर रहा था। पूरी दुनिया तो बदल नहीं सकते थे तो सोचा अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और मिलने वालों की जो छोटी सी दुनिया है उसे बदलने की कोशिश की जाए। फिर ठान लिया कि आज से बिना किसी ब्रेक के रोज हर वो खबर शेयर की जाएगी जिसे पढ़ना हर भारतीय के लिए जरूरी है। 'लाखों लोगों तक पहुंचता होगा मेसेज' शफीक बताते हैं पहले चंद लोगों से शुरूआत की आज ढाई हजार से ज्यादा लोगों को मैं खुद रोज यह खबरें भेजता हूं और उसके बाद वो खबरें आगे कहां-कहां नहीं शेयर होतीं। शायद लाखों लोगों तक पहुंचती होंगी। रोजाना 15-20 अखबारों को छानकर खबरें किन आधार पर निकालते हैं? इसके जवाब में बताया कि ऐसी खबरों को चुनते हैं जो पॉजिटिव हों, अवेयर करने वाली, भाईचारे को बढ़ावा देने वाली और रेलिवेंट हों। आज 773 दिन हो गए कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि कोई दिन मिस हुआ हो बल्कि यह ठान रखा है कि रोज ठीक 8 बजे खबरें शेयर करूंगा, कभी 8 बजकर 1 मिनट नहीं हुआ। वह बताते हैं कि अपनी शादी के 20 साल पूरे होने पर वाइफ के साथ यूरोप के टूर पर गया था तो वहां भी यह सिलसिला टूटने नहीं दिया और ई-पेपरों से निकालकर ठीक टाइम पर खबरें भेजता रहा। वह बताते हैं कि इसके चलते अब कमर में दर्द शुरू हो गया है, बीपी भी बढ़ गया है लेकिन जब मोहब्बत से भरे रिस्पॉन्स मिलते हैं तो लगता है कि सच में कुछ काम कर रहा हूं। (अगर आपके आसपास भी कोई ऐसी दिलचस्प कहानी है खास तो www.nbtdilsedilli.com पर जाकर जानकारी शेयर करें।)
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