Sunday, April 25, 2021

दवाओं से अधिक साझा मर्ज पर मरहम लगाती मानवता, मिसाल बने रिश्ते; बढ़ा विश्वास

अनिश्चितता का दौर है यह। मन में डर संशय सब समाया हुआ है। सबका दुख आपस में घुलमिल गया है। मुख से एक जैसी चीत्कार निकल रही है। लेकिन इसी के बीच मानवता की अद्भुत झलक देखने को भी मिल रही है।

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