Friday, May 29, 2020

News


Rep. Tom Emmer on fiery riots in Minneapolis: We need law and order



Violent rioters do not honor the memory of George Floyd, says Rep. Tom Emmer, chairman of the National Republican Congressional Committee.

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यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जेल में, पार्टी ने ओढ़ी खामोशी!

लखनऊ देश की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जेल में हैं लेकिन अध्यक्ष की ‘राजनैतिक गिरफ्तारी’ के खिलाफ पार्टी नेताओं में न तो आक्रोश दिख रहा है न ही जमीन पर कोई ठोस विरोध दिखाई दे रहा है। खानापूर्ति के नाम पर गिरफ्तारी का विरोध कथित प्रदर्शनों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक ही सीमित दिख रहा है। विरोधी दलों की बात तो दूर, अपने प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का एक बयान भी नहीं आया। हां, ने विरोध जरूर जताया, लेकिन वह भी ट्वीट के जरिए। चिट्ठी लिखी संदीप सिंह ने, जेल गए लल्लू वैसे पूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू का कोई विशेष रोल ही नहीं दिखता। विरोध कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राज्य सरकार के बीच बसों को लेकर शुरू हुआ, जिसमें प्रियंका गांधी की तरफ से उनके निजी सचिव संदीप सिंह सरकार को चिट्ठी लिखकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे थे। बसों के जिस फर्जी दस्तावेज को लेकर लखनऊ में 20 मई को एफआईआर हुई, वह संदीप सिंह की ओर से सरकार को भेजी गई थी। लेकिन नामजद संदीप सिंह के साथ लल्लू को भी किया गया। कांग्रेस की बसें जब आगरा सीमा पर रोकी गईं, तो लल्लू वहां धरने पर बैठे और आगरा पुलिस ने सिर्फ उन्हें गिरफ्तार किया। अगले दिन उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन लखनऊ पुलिस ने यहां दर्ज एफआईआर के मामले में उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि आगरा में लल्लू की गिरफ्तारी के दौरान संदीप सिंह भी मौजूद थे। लेकिन प्रशासन ने संदीप सिंह की मौजूदगी को अनदेखा कर दिया। वरिष्ठों की अनदेखी भी अहम वजह पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि अजय कुमार लल्लू के अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं को कोई तवज्जो नहीं मिली। दिवंगत रामकृष्ण द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त बता कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इससे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक बड़ा तबका वर्तमान प्रदेश नेतृत्व से असंतुष्ट होकर निष्क्रिय हो गया। दूसरे दलों में भी हैरानी प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद भी कांग्रेसी नेताओं में आक्रोश न होने से विरोधी दल भी हैरान हैं। समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि यदि उनकी पार्टी के अध्यक्ष को इस तरह गिरफ्तार किया गया हो, तो उनकी पार्टी ईंट से ईंट बजा देती। हम कांग्रेसी नेताओं की तरह घर में न बैठे रहते। हालांकि बीजेपी सरकार में है, लेकिन उनके एक नेता का कहना है कि यदि हमारे अध्यक्ष की गिरफ्तारी होती, तो अब तक हम लोग यूपी की जेलें भर देते।


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कोरोना वायरस के खिलाफ फ्रंटलाइन पर डटे रहे वर्दीवाले

लखनऊ एसआई विपिन कुमार सिंह और कॉन्स्टेबल शालिनी यूपी पुलिस, और होमगार्ड के उन 89 में शामिल हैं, जो लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के दौरान खुद संक्रमण का शिकार हो गए। लेकिन घबराने के बजाए इन्होंने संक्रमण का बहादुरी से मुकाबला किया और स्वस्थ होने के बाद फिर से ड्यूटी पर आने को तैयार बैठे हैं। कोरोना त्रासदी के दौरान यूपी पुलिस के कामों की खूब सराहना हो रही है। यूपी पुलिस, जीआरपी, पीएसी और होमगार्ड के 137 लोग अभी तक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 98 सिविल पुलिस के, 28 पीएसी के, नौ जीआरपी के और दो होमगार्ड के लोग शामिल हैं। सिविल पुलिस के कोरोना पॉजिटिव पाए गए पुलिसकर्मियों में से सबसे ज्यादा 26 पुलिसकर्मी कानपुर के हैं। इसके बाद फिरोजाबाद में 18, वाराणसी में 12, आगरा में नौ, झांसी में तीन, मेरठ और गाजियाबाद में दो-दो, बिजनौर, मुरादाबाद, नोएडा, रामपुर, अमेठी और जालौन में एक-एक पुलिसकर्मी पाजिटिव आया था। इसमें से आगरा में एंटी रोमियो स्क्वॉड के हेड कॉन्स्टेबल सतीश चंद्र और कानपुर में तैनात कॉन्स्टेबल विनीता यादव की मौत हो गई थी। 2,451 पुलिसकर्मियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं यूपी पुलिस, पीएसी, जीआरपी, होमगार्ड समेत पुलिस की अन्य इकाइयों में 2,451 लोगों के कोविड-19 से जुड़े सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 2451 में से 2176 सिविल पुलिस के, चार जीआरपी के, 207 पीएसी के और 64 होमगार्ड विभाग के हैं। 198 पुलिस व पीएसीकर्मी ऐसे हैं, जिन्हें लक्षण नहीं होने के बावजूद 14 दिन तक क्वांरटीन रखा गया। इसमें 139 सिविल पुलिस के, 51 पीएसी के और आठ होमगार्ड के हैं। वहीं 63 पुलिसकर्मियों को खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने की दिक्कत होने के बाद 14 दिन तक क्वांरटीन रखा गया। इसमें 59 सिविल पुलिस के और चार पीएसी के जवान हैं। ट्रेन शुरू होने के बाद संक्रमित होना शुरू हुए जीआरपीकर्मी प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद जीआरपीकर्मियों में संक्रमण फैलना शुरू हुआ है। अभी तक नौ जीआरपीकर्मी संक्रमित पाए गए हैं। इनका इलाज चल रहा है। इनमें से सात गोरखपुर जीआरपी के हैं। चार जीआरपीकर्मियों की रिपोर्ट आनी बाकी है। बाकियों का भी जल्द परीक्षण कराया जाएगा। केस 1 कानपुर में एसएसपी के पीआरओ के पद पर तैनात एसआई विपिन कुमार सिंह फ्रंटलाइन ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण का शिकार हुए। दो मई को हुई रैंडेम जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 14 दिन अस्पताल में रहने के बाद वह होम क्वारंटीन हैं। विपिन ने कोरोना से घबराए बिना गाइडलाइंस को फॉलो किया और अब स्वस्थ होकर फिर से ड्यूटी पर आने को तैयार हैं। केस 2 कानपुर में ही एसएसपी के गोपनीय कार्यालय में तैनात कॉन्स्टेबल शालिनी को भी दो मई को कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। कानपुर में अकेली रह रही शालिनी ने अपने बुजुर्ग माता-पिता और घर के बाकी सदस्यों को इस बारे में नहीं बताया कि कहीं वे परेशान न हो। पूरी हिम्मत से बीमारी का मुकाबला कर शालिनी अब होम क्वारंटीन की अ‌वधि को पूरा कर रही हैं। शालिनी का कहना है कि अंदर से खुद को बीमार मत मानिए तो किसी भी बीमारी का मुकाबला कर सकते हैं।


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दिल्ली में 1 जून से क्या-क्या खुलने के चांस, जानें

नई दिल्ली लॉकडाउन 4.0 अब 31 मई को खत्म हो रहा है लेकिन कोरोना वायरस के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में दिल्ली को 1 जून से क्या छूट मिलेंगी इसपर हर दिल्लीवासी की नजर है। दिल्ली सरकार चाहती है कि मॉल में स्थित दुकानों को भी ऑड-ईवन के तर्ज पर खोलने दिया जाए। इसके साथ ही धार्मिक स्थानों को भी खोला जा सकता है, लेकिन बड़े मंदिर और मस्जिद बंद रहेंगे। इन सब बातों पर दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने शुक्रवार को लंबी बातचीत की। सुझाव शनिवार शाम तक केंद्र सरकार के पास भेज दिए जाएंगे। पढ़ें- 1. दिल्ली सरकार ने मोटे तौर पर केंद्र सरकार को चार सिफारिशें भेजी हैं। इसमें पहली है कि धार्मिक स्थानों को खोल दिया जाए। लेकिन बड़े मंदिर-मस्जिद बंद रहेंगे। 2.अभी दुकानें शाम 7 बजे तक खुल सकती हैं लेकिन दुकानदारों का कहना है कि यह समय रात 9 बजे तक होना चाहिए क्योंकि इस गर्मी में लोग शाम के समय ही बाजारों में आते हैं। इसको भी केंद्र के सामने रखा गया है। 3. अभी सिनेमाघर, स्कूल- कॉलेज शुरू नहीं होंगे। साथ ही एक जगह पर बड़ी गैदरिंग (ज्यादा लोगों के जमा होने ) को इजाजत नहीं दी जाएगी। होटल, रेस्तरां आदि को भी बंद रखा जा सकता है। पढ़ें- 4. फिलहाल जिम, स्पा, सलून पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि दो महीने से ज्यादा समय से बंद सैलून और पार्लर कारोबारी भी सरकार से मांग कर रहे हैं कि 1 जून से सैलून खोलने की भी मंजूरी दी जाए और सरकार उनकी मांगों पर विचार भी कर रही है। सरकार सैलून खोलना चाहती है लेकिन छोटी- छोटी दुकानों पर सरकार की ओर से तय किया जाने वाला एसओपी कैसे लागू होगा, इसको लेकर सरकार अभी सैलून को लेकर एक राय नहीं बना पा रही है। 5. इसके साथ ही सरकार मेट्रो चलाए जाने के पक्ष में भी है लेकिन मेट्रो सर्विस की शुरुआत केंद्र की मंजूरी के बाद ही हो सकती है।


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जवान की वर्दी लॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फंसी तो रेलवे ने अपने खर्च पर पहुंचाई

ट्रेनें बंद हुई तो भोपाल स्टेशन पर रह गई थी छत्तीसगढ़ में तैनात जवान की वर्दी।

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मध्य प्रदेश में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में पहुंचाने को घर-घर से रोटी जुटा रहे स्वयंसेवक

बैतूल में संघ के करीब दो हजार कार्यकर्ता सभी कर रहे सहयोग।

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महाराष्ट्र: 1 दिन में 8,381 ने कोरोना को हराया

मुंबई कोरोना के मामलों में नंबर वन महाराष्ट्र से अच्छी खबर है। यहां एक दिन में 8 हजार से ज्यादा मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली है। वहीं 24 घंटों में कोरोना के 2,682 नए मरीज मिले हैं। राहत की बात यह है कि शुक्रवार को 8,381 कोरोना पॉजिटिव ठीक होकर घर चले गए। देश के किसी भी राज्य में यह एक दिन में ठीक हुए मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या है। इसके साथ ही राज्य में कोरोना को मात देने वालों की संख्या 26,997 हो गई है। यहां गुरुवार को 698 और बुधवार को 964 संक्रमितों ने कोरोना को मात दी थी। आरोग्य विभाग के मुताबिक, राज्य में कोरोना से पीड़ितों की संख्या 62,228 हो गई है। इनमें से 36,932 केस मुंबई में दर्ज हुए हैं। कोरोना से शुक्रवार को राज्य में 116 मौतें हुईं। मुंबई में सबसे ज्यादा 38 कोरोना मरीजों की मौत हुई। इस बीमारी से राज्य में अब तक 2,098 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। इनमें से 1,173 मौतें मुंबई में हुई हैं। शुक्रवार को मरने वाले 116 मरीजों में 77 पुरुष और 39 महिलाएं थीं। इनमें से 75 मरीजों को पहले से दूसरी बीमारियां भी थीं। पढ़ें: राज्य में करीब 2,211 पुलिसकर्मी अभी तक कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और उनमें से 25 संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी। अधिकारी ने कहा कि संक्रमण से जान गंवाने वाले कुल पुलिसकर्मियों में से 16 मुंबई से, तीन अन्य नासिक ग्रामीण से, दो पुणे और एक-एक सोलापुर शहर, सोलापुर ग्रामीण, ठाणे और मुंबई एटीएस से हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इन कोविड-19 रोगियों में से 249 पुलिस अधिकारी जबकि 1,962 कॉन्स्टेबल रैंक के कर्मी हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अधिकारी ने कहा कि अभी तक इनमें से 970 ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘कम से कम 116 कर्मी पिछले 24 घंटे में संक्रमित पाए गए। इस पूरे हफ्ते हर दिन 100 से अधिक पुलिसकर्मियों का लगातार संक्रमित पाया जाना जारी है।’


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