Friday, November 30, 2018

आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका : दूसरी तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही आर्थिक वृद्धि दर, तीन तिमाहियों में सबसे कम

देश के विकास दर में दूसरी तिमाही में बड़ी गिरावट हुई है। सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी पिछली तिमाही के मुकाबले गिरकर 7.1 फीसदी रही गई है। पहली तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 पर्सेंट रिकॉर्ड की गई थी। इस लिहाज से मात्र तीन महीने में जीडीपी में 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। आपको बता दे की कृषि और विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही। यह पहली तिमाही की तुलना में कम है लेकिन पिछले साल की दूसरी तिमाही के मुकाबले यह ऊंची है।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले कम होने के बावजूद देश की जीडीपी वृद्धि दर चीन की वृद्धि दर से आगे बनी हुई है। इसके साथ ही भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था का तमगा बरकरार रखा है।

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सरकार के शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार स्थिर मूल्य (2011-12) के आधार पर सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 6.3 प्रतिशत रही थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के बयान के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 33.98 लाख करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 31.72 लाख करोड़ रुपये पर थी। यह 7.1 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है।

देश की आर्थिक वृद्धि दर इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही ‘अप्रैल-जून’ में 8.2 प्रतिशत रही। पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही ‘जनवरी-मार्च’ में यह 7.7 प्रतिशत रही। इस प्रकार सितंबर 2018 में समाप्त दूसरी तिमाही के ताजा आंकड़े 7.1 प्रतिशत तीन तिमाहियों में सबसे कम रहे हैं। हालांकि पिछले साल की तीसरी तिमाही में वृद्धि दर इससे भी कम 7 प्रतिशत रही थी।

चीन की आर्थिक वृद्धि दर इस साल जुलाई-सितंबर तिमाही में 6.5 प्रतिशत रही।  दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्य (2011-12) पर देश का सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) 31.40 लाख करोड़ रुपये आंका गया जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 29.38 लाख करोड़ रुपये था। यह वृद्धि 6.9 प्रतिशत रही।

सीएसओ आंकड़ों के अनुसार खनन उत्पादन आलोच्य तिमाही में 2.4 प्रतिशत घटा जबकि एक साल पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में इसमें 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी।

हालांकि, विनिर्माण क्षेत्र में दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7.1 प्रतिशत थी। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 3.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2.6 प्रतिशत थी।

आलोच्य तिमाही में निर्माण क्षेत्र में भी सुधार देखा गया और इसमें 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि एक साल पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में इसमें 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी।



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विश्व को भारत का उपहार है योग : मोदी 

ब्यनूस आयर्स : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समग्र कल्याण में योग के लाभों को रेखांकित करते हुए गुरूवार को कहा कि स्वास्थ्य एवं शांति के लिए योग विश्व को भारत का उपहार है। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यनूस आयर्स में जी..20 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आये मोदी ने एक योग कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी को प्रसन्नता से जोड़ता है। प्रधानमंत्री ने हिंदी में कहा, ‘‘मैं कुछ ही घंटे पहले 15000 किलोमीटर से अधिक दूरी 24 घंटे से अधिक समय में तय करके यहां पहुंचा हूं। आपके प्रेम और उत्साह की वजह से मुझे यह महसूस ही नहीं हो रहा कि मैं भारत से बाहर हूं।’’ ‘योग फॉर पीस’ कार्यक्रम के आयोजकों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बेहतर नाम के बारे में सोचना मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘‘योग आपके शरीर और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखता है।’’ उन्होंने कहा कि अगर दिमाग शांत होगा तो परिवार, समाज, देश और दुनिया में भी शांति रहेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘योग स्वास्थ्य, तंदरुस्ती और शांति के लिये भारत की ओर से विश्व को उपहार है। यह तंदरुस्ती और खुशी से हमें जोड़ता है।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘योग भारत और अर्जेंटीना के बीच विशाल दूरी को पाट रहा है। यह दोनों देशों और उनके लोगों को जोड़ रहा है।’’ उन्होंने कहा कि जहां अर्जेंटीना की भारत की कला, संगीत और नृत्य में गहरी दिलचस्पी है, वहीं हमारे देश में अर्जेटीना के फुटबॉल खिलाड़ियों के लाखों प्रशंसक हैं। माराडोना का नाम हमारी दैनिक बातचीत का हिस्सा बन गया है।

उन्होंने ओडिशा में चल रहे हॉकी विश्व कप के पहले मैच में जीत के लिये अर्जेंटीना की हॉकी टीम को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिये गर्व और खुशी की बात है कि अर्जेंटीना जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और भगोड़े आर्थिक अपराधियों जैसे मुद्दों पर शिखर सम्मेलन के दौरान चर्चा होगी। ये न सिर्फ भारत और अर्जेंटीना बल्कि समूची दुनिया के हित में है।’’ संयुक्त राष्ट्र महा सभा ने 2014 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करके 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। रिकार्ड 177 देशों ने प्रस्ताव को सह प्रायोजित किया था।



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200 फीट ऊंचे पेड़ पर सोने वाले ‘बंदरिया बाबा’ हुए वायरल, पुलिस हुई परेशान

देश में पिछले कुछ सालों से बाबाओं की जिस तरह पोल खुली है उससे लोगों का विश्वास अब इनपर से डांवाडोल हो गया है पर समय समय पर ऐसे किस्से कहानियां सामने आते है जो सोचने पर मजबूर कर देते है की अंधविश्वास इस देश में कभी खत्म होगा भी नहीं।

बंदरिया बाबा

हाल ही में यूपी के बहराइच में एक बुजुर्ग का ऐसा कारनामा सामने आया है जिसे देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया हैं। इन बाबा का नाम बंदरिया बाबा है और इन दिनों ये सोशल मीडिया पर चाहिए हुए है।

बंदरिया बाबा

तस्वीर में आप देख सकते हैं कि ये वो बाबा है जो 200 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़कर उसके ऊपरी सतह के पत्तों पर लेटकर और बैठकर साधना करता हुआ नज़र आ रहा है। बंदरिया बाबा की ये साधना इन दिनों जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग काफी तादात में उसे देखने पहुंच रहे हैं।

बंदरिया बाबा

बाबा खुद को हनुमान का भक्त बताते हैं। 200 फीट ऊंचे पेड़ के पत्तों पर लगा इसका आसान इन दिनों खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक बाबा बंदरों की तरह पेड़ पर रहते हैं इसलिए इन्हें बंदरिया बाबा के नाम से लोग पुकारते हैं।

बंदरिया बाबा

साथ ही कुछ लोग उन्हें बंदरिया बाबा, नान बाबा व पत्ता बाबा के नाम से पुकारते हैं। कुछ लोग इसे बाबा की आदत तो कुछ इसे चमत्कार मान रहे हैं।

बंदरिया बाबा

आपको बता दें कि बीते पूर्णमासी के दिन बंदरिया बाबा बहराइच जिले के थाना हरदी क्षेत्र के मेला पुरवा गांव के समीप बने मंदिर में पहुंचे थे। तभी से उन्होंने मंदिर के बगल लगे 200 फीट ऊंचे अशोक के पेड़ को ही अपना ठिकाना बना लिया। लोगों ने जब पेड़ की सबसे ऊंची पत्तियों पर बाबा को बैठा देखा तो उसका वीडियो बना लिया।

बंदरिया बाबा

वहीं बीती शाम पुलिस और बाबा के बीच कहासुनी हो गई थी। जिससे बाबा इस कदर नाराज हुए कि उसने पेड़ से कूद जाने की धमकी दे डाली। बाबा की इस धमकी से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

बंदरिया बाबा

थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी उन्हें नीचे उतारने में लग गए। बंदरिया बाबा ने बताया कि वह दुष्टों व भ्रष्टाचारियों के विनाश के लिए पेड़ पर बैठकर साधना करते हैं।

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इन 5 खतरनाक खलनायकों की खूबसूरत बेटियों के आगे फेल है Bollywood की अभिनेत्रयां

Bollywood की फिल्मों में अगर खलनायक ना हो तो फिल्म बहुत अधूरी सी लगती है। बॉलीवुड की फिल्मों में खलनायक की भूमिका जब तक न हो तो ऐसा लगता ही नहीं कि फिल्म देखी हैं। बीते समय में हमने कई ऐसी जबरदस्त खलनायाको को परेद पर देखा है कि शायद वह लोग फिल्मों में नहीं होते तो फिल्म हिट न हो पाती।

ऐसे ही कई खलनायक जिन्होंने अपनी एक्टिंग से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अनोखी छाप छोड़ी है। उनकी एक्टिंग इतनी दमदार होती है कि वह अपने किरदार के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। बॉलीवुड फिल्मों में जितनी अहमियत हीरो की होती है उससे कहीं ज्यादा विलेन को सराहा जाता है क्योंकि विलेन के बिना फिल्म की कहानी अधूरी लगती है बड़े पर्दे पर जैसे ही विलेन की एंट्री होती है दर्शकों में भी एक खोफ पेदा हो जाता है।

विलेन की भूमिका निभाने वाला एक्टर विचार दमदार होना चाहिए जो लोगों के मन में अपना खोफ पैदा कर सके। तो वहीं इस बॉलीवुड की दुनिया में कुछ ऐसे भी खतरनाक विलेन हैं जिन्होंने विलेन की परिभाषा ही बदल दी तो वहीं इन विलेन की इन हसीन बेटियों को देख आप भी दीवाने हो जाएंगे इनके।

1. शक्ति कपूर

 

Bollywood का नंदु सबका बंधु यानी कि शक्ति कपूर ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से फिल्म इंडस्ट्री में विलेन की परिभाषा ही बदल दी है। आपको बता दें कि फिल्म आशिकी से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली श्रद्घा कपूर शक्ति कपूर की बेटी हैं।

2. प्रेम चोपड़ा

50 साल से ज्यादा के अपने फिल्मी कैरियर में करीब 400 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले प्रेम चोपड़ा की तीन बेटिंयां हैं जिसमें से उनकी बड़ी बेटी की शादी राइटर राहुल नंदा और दूसरी बेटी की शादी सिंगर और टीवी एक्टर विकास भल्ला से हुई है।

3. रंजीत

हिन्दी फिल्मों के जाने-माने खलनायक और चरित्र अभिनेता रंजीत की बेटी दिव्यांका बेदी एक फैशन डिज़ाइनर है

4. डैनी देनजोंगपा

हिंदी फिल्मों के खलनायको की यदि बात की जाए तो उसमें अभिनेता डैनी डेन्जोंगपा का नाम न लिया जाए। तो ऐसा हो पाना असंभाव है। डैनी की प्रेमा देनजोंगपा नाम की खूबसूरत बेटी भी है।

5. कुलभूषण खरबंदा

अस्सी के दशक में फिल्म शान से शाकाल के तौर पर विलेन का किरदार से कैरियर की शुरूआत करने वाले कुलभूषण खरबंदा की एक बेटी है जिसका नाम श्रुति है। वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं।



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सिद्धू को घेरने निकले अकाली और भाजपाईयों के सिक्के ही निकले खोटे

लुधियाना : सियासी जवाब-तलबी के बीच पंजाब के निकाय और पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पड़ोसी मुलक करतारपुर साहिब लांघा का नींव पत्थर समागम में शिरकत करने के पश्चात आज बाद दोपहर अटारी वाघा सरहद के रास्ते पाकिस्तान से भारत वापिस आ गए।

पाकिस्तान से वतन वापिस पहुंचते ही केबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अटारी-वाघा सरहद पर मीडिया से रूबरू होते हुए बातचीत के दौरान खालिस्तानी समर्थक गोपाल सिंह चावला के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि करतारपुर साहिब लांघा के नींव पत्थर समागम में उनके साथ कई लोगों ने फोटो करवाई, इसके साथ ही सिद्धू ने कहा कि उनके साथ फोटो करवाने वाला चाहे चावला हो या फिर चीमा, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इसके साथ ही सिद्धू ने कहा कि वह चावला को नहीं जानते ।

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो के संबंध में सिद्धू ने कहा कि अकाली दल के आगु हरसिमरत कौर बाद और शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई लोंगोवाल की तस्वीरें भी गोपाल सिंह चावला के साथ वायरल हो रही है। लेकिन निशाने पर अकेला सिद्धू ही क्यों लिया जा रहा है? यह उनकी समझ से परे है। फोटो वायरल होने पर निशाने पर आए सिद्धू ने कहा कि जिस पेड़ पर फल उगते है पत्थर भी उसी रूख को लगते है।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पड़ोसी मुलक के दौरे को लेकर एक बार फिर विरोधियों के निशाने पर आ हैं। उनके वतन वापिसी से पहले ही खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला के साथ फोटो सामने आने के बाद पंजाब की सियासत में हंगामा मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस फोटो के बाद केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने नवजोत सिद्धू पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने सिद्धू को पाकिस्तान का एजेंट करार दिया है। जबकि शिअद अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी का विस्तार करने के लिए पाकिस्तान स्थित पंजाब का नवजोत सिंह सिद्धू को अध्यक्ष बनाए जाने की सलाह दी है।

गोपाल सिंह चावला की तस्वीर पर सवाल उठाने वाले शिरोमणि अकाली दल के नेता और भारतीय जनता पार्टी के समर्थक उस वक्त झूठे पड़ते नजर आएं जब सिद्धू की चावला के साथ तस्वीरे सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ घंटो के बाद ही भारत के सिखों के धार्मिक नेता एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल और भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर पाकिस्तान जाने वाले केंद्रीय मंत्री की तस्वीरें भी गोपाल चावला के साथ जग जाहिर हुई। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने गोपाल चावला के साथ सेल्फी ली तो अन्य तस्वीर में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी भ गोपाल चावल के साथ खड़े दिखाई दे रहे है। स्मरण रहे कि गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान स्थित सिख गुरूद्धारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी है और सिखों से संबंधित धार्मिक समागमों में पाकिस्तान के हुकमरान उन्हें अकसर शामिल करते रहे है।

चावला खालिस्तानी समर्थक होने के कारण भारत के विरूद्ध अकसर मीडिया में सुर्खिया बटोरते रहे है और अब अकाली-भाजपा नेताओं की तस्वीरें , चावला के साथ जगजाहिर होने से अकाली दल स्वयं बैकफुट पर आ चुका है। इधर नवजोत सिंह सिद्धू के वतन वापिसी से पहले ही पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने फोटो विवाद पर सिद्धू का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान की गलती थी कि जिसने गोपाल सिंह चावला को समागम में आने का निमंत्रण दिया उन्होंने कहा कि सिद्धू सियासतदान के साथ-साथ सेलीब्रेटी भी है, जिसके भारत समेत में अन्य देशों में प्रशसंक है।

– सुनीलराय कामरेड



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भोपाल में एडवेंचर नेक्स्ट 4 व 5 दिसंबर को

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो दिवसीय एडवेंचर नेक्स्ट का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मकसद एडवेंचर ट्रेवल उद्योग को बढ़ाने के साथ-साथ उसे दक्ष बनाना है। दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, ‘अंतर्राष्ट्रीय कनवेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में चार दिसम्बर को इसकी शुरूआत होगी। आयोजन स्थल के मुख्य हॉल को ‘राजा भोज हॉल’ मार्केट प्लेस को ‘चौक बाजार’ और भोजन स्थल को ‘अन्नपूर्णा’ नाम दिया जा रहा है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे और विभिन्न क्षेत्रों सहित टूर ऑपरेटर्स के तकरीबन 200 प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना है।’ बताया गया है कि एशिया में पहली बार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एडवेंचर नेक्स्ट का आयोजन किया जा रहा है। इसके पहले एडवेंचर नेक्स्ट का आयोजन जॉर्डन में हुआ था। एडवेंचर ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन (एटीटीए) का मुख्य उद्देश्य एडवेंचर ट्रैवल उद्योग को उत्तरदायी तथा स्थायी विकास के लिए व्यावसायिक रूप से अधिक दक्ष बनाना है।

वर्ष 1990 में स्थापित एटीटीए के विश्व के 100 देशों में लगभग 1300 सदस्य हैं। पर्यटन मंत्रालय ने साल 2018 को एडवेंचर वर्ष के रूप में घोषित किया है। एडवेंचर नेक्स्ट को प्लास्टिक फ्री रखा जाएगा। इसमें प्लास्टिक वॉटर बॉटल का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। इसके जरिए प्लास्टिक मुक्त ईवेंट का संदेश दिया जाएगा। यह पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।



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सरताज और बाबा ने किया बड़ा नुकसान : बाबूलाल गौर

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और कांग्रेस के निवर्तमान विधायक आरिफ अकील के बीच हुई मुलाकात ने राजनीति के गलियारों में गर्माहट ला दी है। सामने आए वीडियो में गौर मान रहे हैं कि भाजपा से बगावत करने वाले पूर्व मंत्री सरताज सिंह और डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया (बाबा) ने पार्टी (भाजपा) को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।

पूर्व मुख्यमंत्री गौर के आवास पर अकील की मुलाकात गुरुवार की शाम को हुई। इस दौरान मीडिया के कैमरों में सारी बातचीत रिकॉर्ड हो गई और वह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। इस बातचीत में अकील भाजपा के कुछ नेताओं पर तंज कस रहे हैं और कह रहे हैं कि महापौर व मंत्री बनने से कुछ नहीं होता, जिस इलाके में वह रहते हैं वहां कांग्रेस जीत रही है। इस मौके पर गौर कह रहे हैं, ‘हमारी बहू को टिकट मिल गया, नहीं तो हालात दूसरे हो जाते।

सरताज और कुसमारिया को टिकट नहीं दिया तो बड़ा नुकसान किया है दोनों ने।’ आरिफ अकील भोपाल उत्तर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं गौर की पुत्रवधू कृष्णा गौर को भाजपा ने गोविंदपुरा से उम्मीदवार बनाया। सरताज सिंह ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा और होशंगाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा डॉ. कुसमारिया दो विधानसभा क्षेत्रों- दमोह और पथरिया से भाजपा से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।



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