प्रफुल्ल मरपकवार, मुंबई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का एक बार फिर समर्थन किया था। अब इस मीटिंग के एक दिन बाद ही राज्य की महा विकास अघाड़ी (गठबंधन) सरकार में खींचतान शुरू हो गई है। शिवसेना के नए सहयोगी कांग्रेस और एनसीपी ने उस पर अपना रुख बदलने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। जहां एक ओर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट करते हुए कहा कि सीएए और एनपीआर पर उद्धव ठाकरे को अधिक जानकारी दिए जाने की जरूरत है वहीं दूसरी ओर एनसीपी चीफ शरद पवार और राज्य के डेप्युटी सीएम अजित पवार ने शनिवार को दोनों मुद्दों पर मुंबई में उद्धव के साथ चर्चा की। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा है कि वह रविवार को सीएम से मुलाकात कर यह जानने की कोशिश करेंगे कि उन्हें सीएए और एनपीआर का समर्थन करने के लिए कहां से उकसाया गया। पढ़ें: कांग्रेस और एनसीपी दोनों ने साफ किया है कि वे राज्य में एनपीआर को लागू नहीं होने देंगे। इन दोनों सहयोगियों को लगता है कि ठाकरे के बयानों ने गठबंधन सरकार में अनबन को बल दिया है। मनीष तिवारी ने ट्वीट में कहा, 'उद्धव ठाकरे को यह समझने की जरूरत है कि कैसे एनपीआर एनआरसी का आधार था। एक बार आपने एनपीआर लागू कर दिया तो आप एनआरसी को नहीं रोक सकते।' सीएए पर तिवारी ने कहा कि उद्धव को यह बताए जाने की जरूरत है कि भारतीय संविधान के तहत धर्म नागरिकता का आधार नहीं हो सकता। उद्धव के साथ पवार की मीटिंग के बारे में एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस दौरान सुझाव मिला कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को सीएए और एनपीआर का अध्ययन करने के लिए जल्द बैठक करनी चाहिए। डेप्युटी सीएम अजित पवार ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'हमारी मुख्यमंत्री के साथ अच्छी बैठक हुई। सीएए और एनपीआर के अलावा विधानसभा के आने वाले बजट सत्र से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।' एक वरिष्ठ एनसीपी नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि ठाकरे, एनसीपी चीफ और अजित पवार की मुलाकात में यह तय हुआ है कि सोमवार से शुरू होने वाले बजट सत्र में विवादित मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाएगी। बालासाहेब थोराट का कहना है, 'मुझे पवार के साथ बैठक में शामिल होना था लेकिन मेरे लिए शनिवार को पहुंचना संभव नहीं था। मैं रविवार को सीएम से मुलाकात करूंगा। मुझे भरोसा है कि हम मुद्दों को आम सहमति से सुलझा लेंगे।' कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा था कि ऐसे वक्त में जब कांग्रेस और एनसीपी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया हुआ है, मोदी से मिलकर ठाकरे द्वारा सीएए और एनपीआर का समर्थन करना गलत है।
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