लखनऊ उत्तर प्रदेश में (सीएए) के विरोध में हिंसा का आरोप पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर लगा है। इसी को लेकर अपर मुख्य सचिव (गृह) और कार्यकारी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अवनीश अवस्थी ने कहा कि पिछले चार दिनों में यूपी पुलिस ने पीएफआई के 108 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी ने कहा, '2001 में सिमी पर प्रतिबंध के बाद साल 2006 में केरल में पीएफआई बना था। पीएफआई का संगठन पूरे यूपी में है और शामली, बहराइच, पीलीभीत में सक्रिय है।' उन्होंने कहा कि पीएफआई राष्ट्रविरोधी अभियान चलाया जा रहा है। 19-20 दिसंबर को पीएफआई के लोगों ने भीड़ को भड़काकर हिंसा फैलाई। हिंसा के आरोप में पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष वसीम अहमद गिरफ्तार हुआ था। उन्होंने बताया कि पीएफआई के फंडिंग नेटवर्क की जानकारी के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है। 19-20 दिसंबर के हिंसक प्रदर्शन में अब तक पीएफआई के 108 सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें लखनऊ से 14, सीतापुर से 3, मेरठ से 21, गाजियाबाद से 9, मुजफ्फरनगर से 6, शामली से 7, बिजनौर से 4, वाराणसी से 20, कानपुर से 5, गोंडा से 1, बहराइच से 16, हापुड़ से 1 और जौनपुर से 1 की गिरफ्तारी हुई है। गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि हम इनकी जड़ों तक जाएंगे, इनको कहां से किस जरिए से मदद मिलती थी इसकी जांच करेंगे और इसके लिए हम केंद्रीय जांच एजेंसियों के संपर्क में हैं।
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