Saturday, February 22, 2020

बाइक बोट ने यूं 1.75 लाख से ठगे ₹3000 करोड़

लखनऊओला और ऊबर की तर्ज पर बाइक टैक्सी चलवाने का झांसा देकर लाखों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली के लखनऊ, दिल्ली और नोएडा स्थित 12 ठिकानों पर ईडी ने शनिवार को छापेमारी की। छापेमारी के दौरान ईडी के हाथ कई अहम दस्तावेज लगे हैं, जिनसे मनी लॉन्ड्रिंग की अहम कड़ियां जुड़ रही हैं। बाइक बोट कंपनी के खिलाफ नोएडा में 55 और लखनऊ में कैंट व अलीगंज में एफआईआर दर्ज हैं। कंपनी ने करीब 1.75 लाख निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच देकर 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करवाए। इसके बाद लोगों को उनका तय मुनाफा और मूल नहीं लौटाया गया। गोमतीनगर और राजाजीपुरम में खंगाले गए दस्तावेजईडी के मुताबिक शनिवार को अलग-अलग टीमों ने बाइक बोट लखनऊ में गोमतीनगर के विजय खंड, विवेक खंड, राजाजीपुरम व पारा समेत छह ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें एक न्यूज चैनल का दफ्तर भी है। इसके अलावा नोएडा के चार और दिल्ली के दो ठिकानों पर भी दस्तावेज खंगाले गए। ईडी की टीमों ने पैंटल टेक्नॉलजी, पाइमेक्स प्लास्टिक्स, पाइमेक्स ब्रॉडकॉस्ट व प्रेरणा सर्विसेज के ठिकानों पर छापे मारे। पहले ये कंपनियां विजिंदर सिंह उर्फ विजिंदर हुड्डा के नाम पर थीं। बाद में इन कंपनियों को बाइक बोट टैक्सी कंपनी के संचालक पूर्व बीएसपी नेता संजय भाटी ने खरीद लिया। इन कंपनियों के दफ्तर पर भी छापेसंजय भाटी ने इन्हीं कंपनियों के जरिए निवेशकों द्वारा जमा की गई रकम इधर से उधर की। इसके अलावा ईडी ने बाइक बोट कंपनी से जुड़े मार्स ग्रुप, अकॉर्ड हाइड्रोलिक्स, भसीन इन्फोटेक, नोबेल बिल्डटेक नामक कंपनियों के दफ्तर भी खंगाले। ईडी ने संजय भाटी से जुड़ी दो और कंपनियों गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स व गर्वित आटोमोटिव के ठिकानों पर भी छापेमारी की। गर्वित आटोमोटिव के कई वाहन एक निजी चैनल संचालक के यहां लगी थीं। ईडी ने चैनल में संजय भाटी की हिस्सेदारी को लेकर चैनल के ठिकानों पर भी दस्तावेज खंगाले। फर्जी कंपनियों और ट्रस्ट में दान के नाम पर खपाई रकमबाइक बोट टैक्सी कंपनी के नाम पर पोंजी स्कीम के जरिए 1.75 लाख निवेशकों से जुटाए गए 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को कंपनी के संचालकों ने बोगस लोन, फर्जी कंपनियों और ट्रस्ट में निवेश व दान के नाम पर ठिकाने लगाया। इन रकम को कुछ कमिशन देकर संचालकों ने दूसरे जरियों से अपने पास वापस ले लिया। ईडी ने कंपनी से जुड़ी इस मनी ट्रेल को ट्रेस कर लिया है। अब इसी के सहारे ईडी हवाला के रैकेट में शामिल अन्य लोगों पर अपना शिकंजा कसेगी। ईडी की पड़ताल के मुताबिक पोंजी स्कीम संचालक संजय भाटी ने निवेशकों की रकम से खुद के और अपने करीबियों के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदीं। निवेशकों की रकम को बोगस लोन, ट्रस्ट में निवेश और दान के नाम पर भी इधर से उधर किया गया। फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों की रकम काले से सफेद की गई। संजय भाटी ने अपने करीबियों व दोस्तों के नाम पर कई शेल कंपनी बनाई और निवेशकों की रकम उनके जरिए भी खपाई। अहम दस्तावेज जब्तफाइनैंशल ट्रेल के साक्ष्य जुटाने को ईडी ने शनिवार को कंपनी के 12 ठिकानों पर छापे मारे और वहां से कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। इनसे कंपनियों के अन्य निवेश के बारे में जानकारी मिलेगी। ईडी के मुताबिक बाइक बोट कंपनी ने वर्ष 2016 से 2019 के बीच निवेशकों से रकम जमा करवाई। वर्ष 2019 में बाइक बोट कंपनी द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। फरवरी से कंपनी के खिलाफ केस दर्ज होना शुरू हुए। कंपनी में नोएडा के अलावा, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक के लोगों ने बड़े पैमाने पर रकम निवेश की। लोगों को यूं लगाई चपतकंपनी के निदेशक बीएसपी के तत्कालीन नोएडा प्रभारी संजय भाटी और उसके साथियों ने लोगों को झांसा दिया कि वे ओला व ऊबर की तरह बाइक टैक्सी चलवाएंगे। इसमें लोग जो रकम निवेश करेंगे उसके एवज में उन्हें बाइकें उपलब्ध करवाई जाएंगी, जो टैक्सी की तरह चलेंगी। इसके साथ ही जो रकम लगेगी उसको एक साल में दोगुना से ज्यादा करके उन्हें वापस किया जाएगा। लोग इस झांसे में आकर कंपनी में लाखों निवेश करते गए। लेकिन चार से छह महीने बीत जाने के बाद भी जब निवेशकों को जब न बाइक मिलीं और न उनके खातों में कोई रकम आई तो उन लोगों ने कंपनी से जुड़े लोगों से संपर्क किया। आश्वासन के बाद भी जब कुछ नहीं मिला तो निवेशकों ने केस दर्ज कराने शुरू किए। ठगी में शामिल 22 लोगों को अब तक चिह्नित किया जा चुका है। इसमें संजय भाटी की गिरफ्तारी भी हुई है।


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